रायपुर: कृषि क्षेत्र में नवाचार और सब्जी उत्पादन के जरिए किसानों को प्रोत्साहित करने के प्रयासों के लिए धमतरी जिला पंचायत अध्यक्ष अरुण सार्वा को ‘उत्कृष्ट कृषक रत्न सम्मान’ से सम्मानित किया गया। राजधानी रायपुर में आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, वन मंत्री केदार कश्यप, भाजपा संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह और भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष आलोक ठाकुर की उपस्थिति में उन्हें यह सम्मान प्रदान किया गया।
इस अवसर पर प्रदेश के विभिन्न जिलों से पहुंचे उत्कृष्ट किसानों को भी सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में धमतरी जिले के मसान डबरा में 34 कमार जनजातीय परिवारों के लिए बनाई गई आवासीय कॉलोनी की विकास यात्रा पर आधारित मैगजीन का विमोचन भी किया गया।
रायपुर के सर्किट हाउस में हुआ सम्मान समारोह
मंगलवार, 27 अक्टूबर को रायपुर के सिविल लाइन स्थित सर्किट हाउस में सम्मान समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम का आयोजन भारतीय जनता पार्टी किसान मोर्चा, छत्तीसगढ़ और मनहरण लाल पाण्डेय स्मृति संस्थान से जुड़े आयोजकों के तत्वावधान में किया गया।
समारोह में कृषि क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले प्रदेश के अलग-अलग जिलों के किसानों को सम्मानित किया गया। इसी क्रम में धमतरी जिला पंचायत अध्यक्ष अरुण सार्वा को खेती में नए प्रयोगों और सब्जी उत्पादन के माध्यम से किसानों को प्रेरित करने के प्रयासों के लिए सम्मान मिला।
कृषि नवाचार और सब्जी उत्पादन के लिए मिला सम्मान
अरुण सार्वा को मिला यह सम्मान कृषि क्षेत्र में उनके नवाचार आधारित प्रयासों से जुड़ा है। विशेष रूप से सब्जी उत्पादन के माध्यम से किसानों को खेती की नई संभावनाओं से जोड़ने और उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करने के उनके प्रयासों को कार्यक्रम में मान्यता दी गई।
समारोह में कृषि क्षेत्र में बेहतर उत्पादन, नए प्रयोग और किसानों की भागीदारी को बढ़ावा देने के महत्व पर भी जोर दिया गया।
मसान डबरा की विकास यात्रा पर आधारित मैगजीन का विमोचन
कार्यक्रम का एक प्रमुख आकर्षण धमतरी जिले के नगरी विकासखंड की ग्राम पंचायत सांकरा के आश्रित ग्राम मसान डबरा में निर्मित आवासीय कॉलोनी पर आधारित मैगजीन का विमोचन रहा।
‘पीएम जनमन योजना : आवासीय कॉलोनी मसान डबरा (सांकरा)- बदलाव की कहानी’ नामक इस प्रकाशन का विमोचन मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, वन मंत्री केदार कश्यप, भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष आलोक ठाकुर और मनहरण पाण्डेय स्मृति संस्थान के प्रमुखजनों की उपस्थिति में किया गया।
पत्रकार गोपी किशन कश्यप की पहल पर तैयार इस मैगजीन में मसान डबरा के 34 कमार जनजातीय परिवारों की आवासीय परिस्थितियों में आए बदलाव को तस्वीरों और विवरणों के माध्यम से प्रस्तुत किया गया है।
34 कमार परिवारों के जीवन में आए बदलाव की कहानी
मैगजीन में मसान डबरा के कमार परिवारों की पुरानी आवासीय स्थिति से लेकर पक्के मकानों और व्यवस्थित आवासीय परिसर तक की यात्रा को दर्ज किया गया है।
इसमें आवास निर्माण, कॉलोनी की रूपरेखा, सड़क, पेवर ब्लॉक, फेंसिंग, केंद्रीय गार्डन, पेयजल, बिजली, स्वच्छता और अन्य सुविधाओं से जुड़ी जानकारी शामिल की गई है।
प्रकाशन के अंतिम पृष्ठ पर मसान डबरा की पहल को केवल मकानों के निर्माण तक सीमित नहीं बताया गया है। इसमें संकल्प, जनभागीदारी, सहयोग और लगातार प्रयासों के जरिए 34 परिवारों के जीवन में बदलाव लाने की यात्रा को रेखांकित किया गया है।
मैगजीन तैयार करने का उद्देश्य जनजातीय विकास की इस पहल को दस्तावेजी स्वरूप देना और इसकी जानकारी दूसरे क्षेत्रों तक पहुंचाना है।
योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना जरूरी: CM साय
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मैगजीन के महत्व पर चर्चा करते हुए कहा कि जनकल्याणकारी योजनाओं की वास्तविक सफलता तब सामने आती है, जब उनका लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचता है और लोगों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन दिखाई देता है।
वहीं, वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि जनजातीय परिवारों के जीवन में आए बदलाव को दस्तावेज के रूप में प्रस्तुत करने वाले ऐसे प्रयास विकास कार्यों की उपलब्धियों को समझने और दूसरे क्षेत्रों को प्रेरित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
अरुण सार्वा बोले- सम्मान से बढ़ी जिम्मेदारी
‘उत्कृष्ट कृषक रत्न सम्मान’ मिलने पर अरुण सार्वा ने प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि यह सम्मान उनके लिए गौरव की बात होने के साथ किसानों के प्रति जिम्मेदारी को और बेहतर ढंग से निभाने की प्रेरणा भी है।
उन्होंने कहा कि कृषि में नवाचार और सब्जी उत्पादन के माध्यम से किसानों को नई दिशा देने के प्रयास आगे भी जारी रहेंगे।
मसान डबरा आवासीय कॉलोनी का उल्लेख करते हुए सार्वा ने कहा कि 34 कमार परिवारों के लिए आवास निर्माण का उद्देश्य केवल मकान उपलब्ध कराना नहीं था, बल्कि उन्हें सुरक्षित आवास, बेहतर सुविधाएं और सम्मानजनक जीवन का आधार देना भी था।
उन्होंने इस पहल में संकल्प, सहयोग और जनभागीदारी की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।
मसान डबरा की पहल को मिला दस्तावेजी स्वरूप
अरुण सार्वा ने कहा कि मैगजीन के माध्यम से मसान डबरा में हुए बदलाव को स्थायी दस्तावेज का स्वरूप मिलना संतोष की बात है। उनके अनुसार, योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन, सामूहिक प्रयास और निरंतर प्रतिबद्धता मिलकर जनजातीय परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं।
समारोह में जहां कृषि नवाचार और किसानों के योगदान को सम्मानित किया गया, वहीं मसान डबरा की आवासीय कॉलोनी पर आधारित प्रकाशन के जरिए जनजातीय परिवारों के जीवन में आए बदलाव की यात्रा को भी सामने लाया गया।
