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8 साल से रेल लाइन का इंतजार, खैरागढ़ में महंगा हुआ बस सफर; कब शुरू होगा निर्माण

8 साल से रेल लाइन का इंतजार, खैरागढ़ में महंगा हुआ बस सफर; कब शुरू होगा निर्माण 8 साल से रेल लाइन का इंतजार, खैरागढ़ में महंगा हुआ बस सफर; कब शुरू होगा निर्माण

खैरागढ़: छत्तीसगढ़ के खैरागढ़ क्षेत्र में रेल लाइन का इंतजार आठ साल बाद भी खत्म नहीं हुआ है। दूसरी ओर, बस किराए में बढ़ोतरी से आम लोगों की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है। कटघोरा-तखतपुर-मुंगेली-कवर्धा-खैरागढ़-डोंगरगढ़ रेल परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए राज्य सरकार की कैबिनेट से इक्विटी निवेश के प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद उम्मीदें जरूर बढ़ी हैं, लेकिन स्थानीय लोगों का सवाल अब भी वही है—रेल लाइन का निर्माण जमीन पर कब शुरू होगा?

खैरागढ़ से राजनांदगांव, डोंगरगढ़, कवर्धा और अन्य शहरों तक आने-जाने के लिए लोगों को मुख्य रूप से बसों पर निर्भर रहना पड़ता है। ऐसे में किराए में बढ़ोतरी का असर नौकरीपेशा लोगों, विद्यार्थियों और रोज कमाकर अपना खर्च चलाने वालों पर पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में बेहतर यातायात सुविधा की जरूरत लंबे समय से महसूस की जा रही है, लेकिन रेल परियोजना अब तक निर्माण के स्तर तक नहीं पहुंची है।

बस किराए में बढ़ोतरी से आम लोगों की परेशानी बढ़ी

स्थानीय निवासी राजेंद्र चंदेल के मुताबिक, खैरागढ़ की पहचान देश-विदेश तक है और यहां स्थित संगीत विश्वविद्यालय में पढ़ाई के लिए विदेशी विद्यार्थी भी आते हैं। इसके बावजूद क्षेत्र के लोगों के पास आवागमन के सीमित विकल्प हैं।

चंदेल का कहना है कि जिन रास्तों पर पहले करीब 100 रुपये किराया लगता था, वहां अब 140 से 150 रुपये तक देने पड़ रहे हैं। इससे रोजाना यात्रा करने वालों का खर्च बढ़ गया है।

बस किराए में कथित बढ़ोतरी के बीच लोगों की मांग है कि खैरागढ़ को बेहतर परिवहन सुविधा मिले, ताकि दूसरे शहरों तक पहुंचना आसान हो और यात्रियों को केवल बसों पर निर्भर न रहना पड़े।

2018 में मिली थी रेल परियोजना को मंजूरी

करीब 295 किलोमीटर लंबी कटघोरा-तखतपुर-मुंगेली-कवर्धा-खैरागढ़-डोंगरगढ़ रेल परियोजना को वर्ष 2018 में मंजूरी मिली थी। अब छत्तीसगढ़ सरकार की कैबिनेट ने छत्तीसगढ़ रेलवे कॉर्पोरेशन लिमिटेड के माध्यम से परियोजना के लिए इक्विटी निवेश के प्रस्ताव को मंजूरी दी है।

इस फैसले से परियोजना के आगे बढ़ने की उम्मीद जगी है। हालांकि, स्थानीय लोगों के लिए वास्तविक प्रगति तब दिखाई देगी, जब भूमि अधिग्रहण की स्थिति स्पष्ट होगी और निर्माण कार्य शुरू होगा।

आठ साल से रेल सुविधा का इंतजार कर रहे लोगों की नजर अब परियोजना की समयसीमा, जमीन से जुड़े काम और निर्माण शुरू होने की तारीख पर है।

भाजपा का दावा- रेल लाइन के लिए लगातार प्रयास जारी

भाजपा सांसद प्रतिनिधि भागवत शरण सिंह ने रेल परियोजना को लेकर कांग्रेस की आलोचना पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को इस मुद्दे पर सवाल उठाने से पहले अपने शासनकाल का हिसाब देना चाहिए।

सिंह के मुताबिक, सांसद संतोष पाण्डेय रेल लाइन के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि केंद्र और राज्य सरकार की ओर से भूमि अधिग्रहण सहित शुरुआती प्रक्रियाओं के लिए राशि जारी की गई है।

भाजपा की ओर से कहा जा रहा है कि विकास कार्य निर्धारित प्रक्रिया के तहत आगे बढ़ते हैं। हालांकि, स्थानीय लोगों के लिए यह जानना अहम है कि भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया अभी कहां तक पहुंची है और निर्माण शुरू करने की समयसीमा क्या है।

कांग्रेस ने उठाए निर्माण शुरू नहीं होने पर सवाल

दूसरी ओर, कांग्रेस विधायक प्रतिनिधि मनराखन देवांगन ने भाजपा सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि रेल लाइन के नाम पर बार-बार घोषणाएं, भूमि पूजन और बधाइयां दी जाती हैं, लेकिन खैरागढ़ में अब तक निर्माण कार्य दिखाई नहीं दे रहा है।

देवांगन ने बस किराए में कथित 40 प्रतिशत तक बढ़ोतरी का मुद्दा उठाते हुए कहा कि पेट्रोल-डीजल, रसोई गैस और रोजमर्रा की जरूरतों की महंगाई के बीच आम आदमी पहले से परेशान है। ऐसे में बस किराया बढ़ने से उसकी मुश्किलें और बढ़ जाती हैं।

उन्होंने सरकार से महंगाई पर नियंत्रण और रेल परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की।

इस तरह रेल परियोजना को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं। भाजपा की ओर से शुरुआती प्रक्रियाओं के लिए राशि जारी होने और काम आगे बढ़ने की बात कही जा रही है, जबकि कांग्रेस निर्माण शुरू नहीं होने पर सवाल उठा रही है।

8 साल से रेल लाइन का इंतजार, खैरागढ़ में महंगा हुआ बस सफर; कब शुरू होगा निर्माण

रेल लाइन बनने से क्या होगा फायदा?

खैरागढ़ में रेल लाइन बनने से क्षेत्र की कनेक्टिविटी बेहतर होने और यात्रियों को आवागमन का एक वैकल्पिक साधन मिलने की उम्मीद है। इससे लोगों को दूसरे शहरों तक पहुंचने के लिए बसों पर निर्भरता कम करने का विकल्प मिल सकता है।

फिलहाल, स्थानीय लोगों को बसों से यात्रा करनी पड़ रही है और किराए में बढ़ोतरी का असर उनके रोजमर्रा के बजट पर पड़ रहा है। ऐसे में रेल परियोजना को लेकर घोषणाओं के साथ-साथ जमीन पर प्रगति की जानकारी भी महत्वपूर्ण हो गई है।

खैरागढ़ को रेल सुविधा के लिए कितना और करना होगा इंतजार?

करीब आठ साल से प्रतीक्षित रेल परियोजना को लेकर कैबिनेट की ताजा मंजूरी ने एक बार फिर उम्मीद जगाई है। लेकिन स्थानीय लोगों के सामने कई सवाल अब भी कायम हैं। भूमि अधिग्रहण की वास्तविक स्थिति क्या है? निर्माण कार्य कब शुरू होगा? और खैरागढ़ तक रेल सुविधा पहुंचने की समयसीमा क्या तय की गई है?

फिलहाल, उपलब्ध जानकारी में निर्माण शुरू होने की कोई निश्चित तारीख सामने नहीं आई है। खैरागढ़ के लोगों की मांग है कि परियोजना की प्रगति और समयसीमा को स्पष्ट किया जाए, ताकि उन्हें पता चल सके कि महंगे बस सफर से राहत पाने के लिए अभी कितना इंतजार करना पड़ेगा।

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