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17 वर्षीय नाबालिग की हत्या के दोनों आरोपी जेल में दाखिल, कोर्ट ने बदला CJM का आदेश

छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले के नेवासपुर में 17 वर्षीय नाबालिग बालिका की हत्या के मामले में दोनों आरोपियों को आखिरकार न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) न्यायालय द्वारा पहले आरोपियों का रिमांड आवेदन खारिज कर दिया गया था। इसके बाद राज्य शासन ने इस आदेश को अपर सत्र न्यायालय में चुनौती दी। प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश ने 29 अक्टूबर को पुनरीक्षण याचिका स्वीकार करते हुए CJM का पूर्व आदेश निरस्त कर दिया। इसके बाद 30 अक्टूबर को दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।

CJM कोर्ट ने पहले खारिज कर दिया था रिमांड आवेदन

ग्राम नेवासपुर में 17 वर्षीय नाबालिग बालिका की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत की सूचना 20 अक्टूबर 2026 को पुलिस को मिली थी। सिटी कोतवाली पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू की। घटनास्थल से मिले साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर अपराध क्रमांक 343/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 103 में हत्या का मामला दर्ज किया गया।

जांच के दौरान पुलिस ने अजीत घृतलहरे और साहिल खाण्डे को गिरफ्तार किया। दोनों को न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड की मांग की गई थी, लेकिन CJM न्यायालय ने आवेदन स्वीकार नहीं किया।

न्यायालय ने गिरफ्तारी की प्रक्रिया और दस्तावेजों में कुछ कमियों का उल्लेख किया था। आदेश के अनुसार, कथन दर्ज किए जाने के समय का उल्लेख नहीं होने सहित अन्य प्रक्रियागत बिंदुओं पर सवाल उठाए गए थे। विवेचना अधिकारी प्रशिक्षु उपनिरीक्षक नवीन कुमार से स्पष्टीकरण मांगने का निर्देश भी दिया गया था। इसके बाद दोनों आरोपियों को 25-25 हजार रुपये के व्यक्तिगत बंधपत्र पर छोड़ने का आदेश दिया गया।

हालांकि, न्यायिक रिमांड आवेदन खारिज होने का अर्थ हत्या के मामले में आरोपियों को दोषमुक्त करना नहीं था। मामला जांच और न्यायालयीन प्रक्रिया के अधीन बना हुआ था।

परिजनों ने कलेक्टर को सौंपा था ज्ञापन

आरोपियों की रिहाई के बाद मृतिका के परिवार की चिंता बढ़ गई थी। 23 अक्टूबर को मृतिका के दादा उत्तम मोहले, परिजनों, ग्रामीणों और सरपंच ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर मामले में निष्पक्ष और त्वरित कार्रवाई की मांग की थी।

परिजनों ने परिवार की आर्थिक स्थिति का हवाला देते हुए आर्थिक सहायता और सुरक्षा उपलब्ध कराने का भी आग्रह किया था। उन्होंने आरोप लगाया था कि आरोपियों की रिहाई के बाद परिवार को धमकियां मिल रही हैं। इस संबंध में सिटी कोतवाली में शिकायत देकर आवश्यक कार्रवाई की मांग भी की गई थी।

कलेक्टर और एसएसपी ने घर पहुंचकर की थी मुलाकात

26 अक्टूबर को कलेक्टर अमृत विकास तोपनो और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल ने ग्राम नेवासपुर पहुंचकर पीड़ित परिवार से मुलाकात की थी। अधिकारियों ने परिजनों से बातचीत कर उनकी परेशानियों और पारिवारिक परिस्थितियों की जानकारी ली।

इस दौरान मृतिका की मां भावुक हो गई थीं। उन्होंने बेटी की मौत के बाद आरोपियों की रिहाई से परिवार में पैदा हुए डर और असुरक्षा की स्थिति बताई थी। उन्होंने मामले में दोषियों को उम्रकैद की सजा दिलाने की मांग की थी।

कलेक्टर ने उप मुख्यमंत्री अरुण साव से फोन पर उनकी बात भी कराई थी। साथ ही परिवार की आर्थिक और आवासीय स्थिति को देखते हुए प्रधानमंत्री आवास योजना सहित पात्र जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए पहल करने का भरोसा दिया था।

अपर सत्र न्यायालय ने 29 अक्टूबर को निरस्त किया CJM का आदेश

CJM न्यायालय द्वारा रिमांड आवेदन खारिज किए जाने के बाद राज्य शासन ने आपराधिक पुनरीक्षण याचिका दायर कर उस आदेश को चुनौती दी। मामला प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश राकेश कुमार सोम की अदालत में पहुंचा।

सुनवाई के दौरान न्यायालय ने संबंधित अभिलेखों और केस डायरी का परीक्षण किया। 29 अक्टूबर को प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश ने राज्य शासन की पुनरीक्षण याचिका स्वीकार कर ली और CJM न्यायालय के पूर्व आदेश को विधि एवं तथ्यों के अनुरूप नहीं पाते हुए निरस्त कर दिया।

अदालत ने दोनों आरोपियों को 30 अक्टूबर 2026 को सुबह 11 बजे मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, मुंगेली के समक्ष पेश होने का निर्देश दिया था।

30 अक्टूबर को अजीत और साहिल को जेल भेजा गया

अपर सत्र न्यायालय के आदेश के बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल के निर्देशन में मुंगेली पुलिस ने अजीत घृतलहरे (22 वर्ष), पिता शिवकुमार और साहिल खाण्डे (20 वर्ष), पिता दिलीप, दोनों निवासी ग्राम लिलवाकापा, थाना सिटी कोतवाली, जिला मुंगेली को 30 अक्टूबर को न्यायिक रिमांड पर जेल दाखिल करा दिया।

इस तरह CJM न्यायालय से रिमांड खारिज होने के बाद शुरू हुई न्यायिक प्रक्रिया में नया मोड़ आया और दोनों आरोपियों को जेल भेजने की कार्रवाई पूरी हुई।

प्रेम संबंध और दूसरे युवक से बातचीत की शंका को हत्या की वजह बता रही पुलिस

पुलिस की विवेचना में सामने आया है कि प्रेम संबंध और मृतिका के किसी अन्य युवक से बातचीत करने की शंका के चलते मुख्य आरोपी अजीत घृतलहरे ने कथित तौर पर हत्या की वारदात को अंजाम दिया।

पुलिस के अनुसार, 19 अक्टूबर की रात मुख्य आरोपी ग्राम नेवासपुर पहुंचा और नाबालिग बालिका का गला दबाकर हत्या कर दी। मामले में उसके साथी साहिल खाण्डे की भूमिका भी सामने आई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृत्यु का कारण गला घोंटना और दम घुटना बताया गया है।

पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार करने के साथ घटना में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल भी जब्त की थी। मामले की जांच सिटी कोतवाली और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने की। फिलहाल दोनों आरोपी न्यायिक रिमांड पर जेल में हैं और मामले की आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है।

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