भारतीय क्रिकेट के दो दिग्गज बल्लेबाजों सचिन तेंदुलकर और विराट कोहली की तुलना अक्सर होती रही है। अब दक्षिण अफ्रीका के पूर्व दिग्गज बल्लेबाज AB de Villiers ने भी इस बहस पर अपनी राय रखी है। उनका मानना है कि सचिन तेंदुलकर ने विदेशी परिस्थितियों में भारतीय बल्लेबाजों के लिए रास्ता बनाया, लेकिन विराट कोहली ने उस प्रदर्शन का स्तर और ऊंचा कर दिया।
डी विलियर्स ने अपने YouTube चैनल पर भारतीय बल्लेबाजों की विदेशों में सफलता पर बात करते हुए कहा कि तेंदुलकर ने यह साबित किया कि उपमहाद्वीप के बल्लेबाज तेज और सीम वाली परिस्थितियों में भी अच्छा प्रदर्शन कर सकते हैं। हालांकि, उनके अनुसार कोहली ने इस ट्रेंड को आगे बढ़ाते हुए मानक और ऊपर पहुंचाया।
तेंदुलकर ने शुरू की थी विदेशों में शानदार बल्लेबाजी की परंपरा
सचिन तेंदुलकर टेस्ट क्रिकेट में भारत के सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज हैं। उन्होंने अपने टेस्ट करियर में 15,921 रन और 51 शतक बनाए। विदेशी परिस्थितियों में भी उनका प्रदर्शन शानदार रहा और उनका औसत करीब 55 का रहा। डी विलियर्स के मुताबिक, तेंदुलकर भारतीय बल्लेबाजों की उस पीढ़ी के लिए प्रेरणा बने, जिसने उपमहाद्वीप से बाहर जाकर प्रदर्शन करने का आत्मविश्वास हासिल किया।
Kohli ने बढ़ाया प्रदर्शन का स्तर
विराट कोहली ने 2025 में टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लिया। उन्होंने 123 टेस्ट में 9,230 रन बनाए और उनका टेस्ट औसत 46.85 रहा। डी विलियर्स ने कहा कि कोहली ने विदेशों में भारतीय बल्लेबाजी को एक अलग स्तर तक पहुंचाया। उनके मुताबिक, कोहली के प्रदर्शन का असर बाद की पीढ़ी के बल्लेबाजों पर भी पड़ा है। उन्होंने KL राहुल और देवदत्त पडिक्कल का उदाहरण देते हुए कहा कि ये बल्लेबाज भी विदेशों में अच्छा प्रदर्शन करने की परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं।
KL Rahul को लेकर भी दी अहम सलाह
AB de Villiers ने भारतीय ओपनर KL Rahul की तकनीक और टीम में उनकी उपयोगिता की भी तारीफ की। हालांकि, उन्होंने राहुल के विदेशी रिकॉर्ड में सुधार की गुंजाइश बताई। डी विलियर्स के मुताबिक, राहुल की तकनीक मजबूत है और वह भारतीय बल्लेबाजी क्रम के लिए महत्वपूर्ण खिलाड़ी हैं, लेकिन विदेशों में उनका औसत करीब 34 है। उन्होंने कहा कि राहुल को शुरुआत को बड़ी पारियों में बदलने पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए। उनका मानना है कि राहुल अगर अच्छी शुरुआत हासिल करते हैं तो उन्हें 100 रन पर रुकने के बजाय 150 या 180 रन जैसी बड़ी पारियां खेलने की कोशिश करनी चाहिए।
