नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह ने विदेश यात्राओं से जुड़ी पारंपरिक VIP एयरपोर्ट विदाई से दूरी बनाने का फैसला किया है। मंगलवार शाम न्यूयॉर्क के लिए रवाना होते समय त्रिभुवन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उनके लिए कोई औपचारिक विदाई समारोह आयोजित नहीं किया जाएगा।
द काठमांडू पोस्ट के मुताबिक, बालेन शाह शाम करीब 7 बजे दोहा के रास्ते न्यूयॉर्क के लिए रवाना होंगे। इस दौरान गार्ड ऑफ ऑनर, रेड कार्पेट और नेताओं-अधिकारियों की औपचारिक मौजूदगी नहीं होगी।
न गार्ड ऑफ ऑनर, न रेड कार्पेट
नेपाली विदेश मंत्रालय के एक अधिकारी के अनुसार, इस बार नेपाली सेना की ओर से प्रधानमंत्री को गार्ड ऑफ ऑनर नहीं दिया जाएगा। विदेशी राजनयिकों, मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों को भी एयरपोर्ट पर विदाई के लिए आमंत्रित नहीं किया गया है।
प्रधानमंत्री का काफिला सीधे उस टरमैक तक जाएगा, जहां कतर एयरवेज का विमान खड़ा होगा। वहां कोई औपचारिक कार्यक्रम नहीं होगा।
पिछली सरकारों के दौरान प्रधानमंत्री की विदेश यात्राओं के समय एयरपोर्ट पर औपचारिक विदाई समारोह होते रहे हैं। इनमें मंत्री, सुरक्षा एजेंसियों के प्रमुख, वरिष्ठ नौकरशाह, राजनयिक और राजनीतिक दलों के नेता शामिल होते थे।
बालेन शाह की पहली विदेश यात्रा
मार्च 2026 के चुनावों के बाद प्रधानमंत्री बनने के बाद यह बालेन शाह की पहली विदेश यात्रा है। वह न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र में नेपाली प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगे।
बालेन शाह 24 सितंबर को UNGA की सामान्य बहस को संबोधित करेंगे। उनके भाषण में जलवायु न्याय, जलवायु परिवर्तन से होने वाले नुकसान और नेपाल जैसे पर्वतीय देशों की चुनौतियों पर जोर रहने की जानकारी सामने आई है।
बोटेकोशी बाढ़ का भी उठाएंगे मुद्दा
नेपाल में हाल में आई बोटेकोशी नदी की विनाशकारी बाढ़ के बाद प्रधानमंत्री की यह यात्रा हो रही है। काठमांडू पोस्ट के अनुसार, शाह अपने UN संबोधन में जलवायु से जुड़े नुकसान और नेपाल की जलवायु संबंधी चुनौतियों को अंतरराष्ट्रीय मंच पर उठाएंगे।
उनकी यात्रा के दौरान संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस से मुलाकात भी निर्धारित है। हालांकि, अधिकारियों के मुताबिक, अन्य देशों के राष्ट्राध्यक्षों या सरकार प्रमुखों के साथ द्विपक्षीय बैठकों का कार्यक्रम तय नहीं किया गया है।
VIP संस्कृति में बदलाव का संकेत
एयरपोर्ट पर औपचारिक विदाई समारोह से हटने का यह फैसला नेपाल में सरकारी यात्राओं के पारंपरिक प्रोटोकॉल को लेकर चर्चा में है। अधिकारियों के अनुसार, प्रधानमंत्री इस तरह के समारोह को कम औपचारिक रखने के पक्ष में हैं।
काठमांडू पोस्ट ने एक अधिकारी के हवाले से यह भी बताया कि बोटेकोशी बाढ़ के बाद देश में बने गंभीर माहौल को देखते हुए प्रधानमंत्री भव्य विदाई से बचना चाहते हैं। अधिकारी ने यह भी कहा कि कई देशों में एयरपोर्ट पर इस तरह के समारोह आम तौर पर आयोजित नहीं किए जाते।
