सागर: मध्यप्रदेश के सागर जिले के बंडा क्षेत्र में जहरीली शराब पीने से हुई 20 मौतों के बाद प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। बंडा थाने के पूरे स्टाफ को लाइन अटैच कर दिया गया है। इससे पहले क्षेत्र के SDOP और थाना प्रभारी के खिलाफ भी कार्रवाई की जा चुकी है।
मामले की जांच में इलाके में लंबे समय से अवैध शराब के कारोबार के आरोप सामने आए हैं। अब पुलिस और प्रशासन यह पता लगाने में जुटे हैं कि अवैध शराब का नेटवर्क कितने समय से सक्रिय था और इसकी जानकारी स्थानीय स्तर पर संबंधित अधिकारियों को थी या नहीं।
20 मौतों के बाद पूरा थाना स्टाफ लाइन अटैच
जहरीली शराब कांड के बाद बंडा थाने के पूरे स्टाफ को लाइन अटैच करने का फैसला लिया गया है। प्रशासन की कार्रवाई का दायरा लगातार बढ़ रहा है। जांच एजेंसियां पुलिस और आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली की भी पड़ताल कर रही हैं।
मामले में अब तक 53 लोगों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किए जाने की जानकारी सामने आई है, जबकि 34 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस की जांच अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के साथ-साथ पूरे अवैध शराब नेटवर्क तक पहुंचने पर केंद्रित है।
दो मुख्य आरोपी अभी भी फरार
मामले के दो प्रमुख आरोपी मनीष लोधी और सिद्धार्थ कुशवाहा अभी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। दोनों की तलाश के लिए पुलिस की कई टीमें अलग-अलग स्थानों पर दबिश दे रही हैं।
पुलिस के अनुसार, आरोपी लगातार अपनी लोकेशन बदल रहे हैं। सिद्धार्थ कुशवाहा की लोकेशन पहले अहमदाबाद में ट्रेस होने की बात सामने आई थी। पुलिस टीम वहां पहुंची, लेकिन आरोपी के बारे में भनक लगने के बाद उसके वहां से निकल जाने की जानकारी मिली।
नेपाल भागने का इनपुट, बैंक खाते सीज
अब पुलिस को सिद्धार्थ कुशवाहा के नेपाल भागने का इनपुट मिलने की बात सामने आई है। इसके बाद पुलिस ने उसकी तलाश का दायरा बढ़ा दिया है। नेपाल में भी अपने स्तर पर उसके संभावित ठिकानों की जानकारी जुटाई जा रही है।
पुलिस ने दोनों फरार आरोपियों के बैंक अकाउंट सीज कर दिए हैं। जांच एजेंसियों को आशंका है कि इन खातों का इस्तेमाल अवैध शराब के नेटवर्क से जुड़े लेनदेन के लिए किया जा सकता था। बैंक खातों की जांच से आरोपियों के आर्थिक नेटवर्क और पैसों के लेनदेन से जुड़ी जानकारी मिलने की उम्मीद है।
स्प्रिट और खाली बोतल सप्लायरों की तलाश
जांच अब केवल फरार आरोपियों को पकड़ने तक सीमित नहीं है। पुलिस उन लोगों की भी पहचान कर रही है, जिन्होंने कथित तौर पर अवैध शराब तैयार करने के लिए स्प्रिट और खाली बोतलें उपलब्ध कराई थीं।
जांच में नकली ब्रांड की बोतलें और रैपर खरीदने की जानकारी भी सामने आई है। आरोप है कि इन्हीं संसाधनों के जरिए अवैध तरीके से शराब तैयार की जा रही थी।
पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क में शामिल संभावित स्थानीय सप्लायरों की भूमिका की जांच कर रही है। उनकी पहचान होने के बाद मामले में आगे कार्रवाई की जा सकती है।
बंडा जहरीली शराब कांड की जांच जारी है। पुलिस फरार आरोपियों की तलाश के साथ-साथ अवैध शराब के उत्पादन और सप्लाई नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी खंगाल रही है।
