छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में देवरी थाना क्षेत्र के पुलिसकर्मियों पर चार ग्रामीणों ने डराने-धमकाने और करीब 80 हजार रुपए नकद लेने का आरोप लगाया है। ग्राम पिनकापार निवासी शिवलाल प्रजापति, तिलकराम साहू, देवधर साहू और लेखराम निषाद ने 15 सितंबर को जनदर्शन में कलेक्टर को शिकायत देकर मामले की जांच कराने और रकम वापस दिलाने की मांग की है।
शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि घटना के दौरान उनके मोबाइल अपने कब्जे में ले लिए गए थे और उन्हें किसी से संपर्क करने नहीं दिया गया।
दुकान में बैठे थे चारों ग्रामीण
शिकायत के मुताबिक, चारों ग्रामीण शिवलाल प्रजापति की जनरल दुकान में बैठे थे। इसी दौरान दो लोग वहां पहुंचे और खुद को देवरी पुलिस का कर्मचारी बताते हुए उनसे पूछताछ करने लगे।
आरोप है कि इस दौरान उनके मोबाइल फोन अपने कब्जे में ले लिए गए। शिकायतकर्ताओं के अनुसार, उन्हें किसी अन्य व्यक्ति से संपर्क करने की अनुमति भी नहीं दी गई।
तीन ग्रामीणों से लिए गए अलग-अलग रुपये
शिकायत में रकम लेने का भी आरोप लगाया गया है। इसके अनुसार, शिवलाल से 30 हजार रुपये, देवधर से 38,500 रुपये और तिलकराम से 11,500 रुपये लिए गए। वहीं, लेखराम के पास पैसे नहीं होने की बात शिकायत में कही गई है।
शिकायतकर्ताओं के मुताबिक, इसके करीब दो घंटे बाद देवरी थाना, पिनकापार और संजारी चौकी का स्टाफ वहां पहुंचा।
किराना दुकान के पीछे ले जाने का आरोप
ग्रामीणों ने शिकायत में आरोप लगाया कि चारों को रघोनवागांव में एक किराना दुकान के पीछे ले जाया गया। वहां मोमबत्ती, ताशपत्ती और माचिस खरीदे जाने के बाद टावेल बिछाया गया।
आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने 10 हजार रुपये आपस में बांटने के लिए कहा और इसका वीडियो भी बनाया गया। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी सामने नहीं आई है।
रकम लौटाने को लेकर भी विवाद का आरोप
शिकायत के अनुसार, रकम वापस मांगने के लिए शिवलाल ने संतोष खुटे नामक पुलिसकर्मी से संपर्क किया। शिवलाल का आरोप है कि शुरुआत में उसे 8 हजार रुपये वापस किए गए।
इसके बाद शेष रकम को लेकर दोबारा संपर्क किया गया। शिकायतकर्ता के मुताबिक, कुछ रकम बैंक के माध्यम से और कुछ नकद वापस की गई, लेकिन पूरी राशि वापस नहीं मिलने का आरोप है। वहीं, तिलकराम और देवधर ने रकम वापस मांगने पर कथित तौर पर गाली-गलौज किए जाने की भी शिकायत की है।
सीसीटीवी फुटेज होने का दावा
चारों ग्रामीणों ने दावा किया है कि घटना से संबंधित सीसीटीवी फुटेज उनके पास उपलब्ध है। उनका आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने दुकान संचालक को फुटेज किसी अन्य व्यक्ति को नहीं देने की धमकी दी। शिकायत में चारों के खिलाफ जुआ एक्ट के तहत कार्रवाई किए जाने का भी आरोप लगाया गया है।
कलेक्टर से निष्पक्ष जांच की मांग
ग्रामीणों ने कलेक्टर से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उन्होंने शिकायत में सीसीटीवी फुटेज की जांच कराने और कथित तौर पर ली गई रकम वापस दिलाने की मांग भी रखी है।
फिलहाल शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच के बाद ही पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट होगी। उपलब्ध जानकारी में संबंधित पुलिसकर्मियों का पक्ष सामने नहीं आया है।
