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मां मंगला नर्सिंग कॉलेज को हाईकोर्ट का निर्देश,15 दिन में देना होगा आवेदन

मां मंगला नर्सिंग कॉलेज की BSc Nursing मान्यता और योग्यता प्रमाण-पत्र विवाद पर हाईकोर्ट का आदेश मां मंगला नर्सिंग कॉलेज की मान्यता पर हाईकोर्ट का निर्देश

रायपुर के मां मंगला नर्सिंग कॉलेज के बीएससी नर्सिंग पाठ्यक्रम की मान्यता को लेकर ‘योग्यता प्रमाण-पत्र’ की अनिवार्यता का मामला हाईकोर्ट पहुंचा। सुनवाई के बाद कोर्ट ने कॉलेज को संबंधित प्राधिकारी के समक्ष आवेदन प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।

जस्टिस अमितेंद्र किशोर प्रसाद ने आदेश दिया कि कोर्ट के आदेश की प्रति मिलने के 15 दिन के भीतर कॉलेज संबंधित प्राधिकारी के सामने आवेदन करे। इसके बाद प्राधिकारी भारतीय नर्सिंग परिषद के वर्ष 2020 के निर्धारित नियमों के तहत कॉलेज की फैकल्टी और अन्य आवश्यक मानकों का सत्यापन कर आवेदन पर कानून के अनुसार निर्णय लेगा।

कॉलेज ने जारी पत्रों को दी थी चुनौती

कॉलेज की ओर से डॉ. गोविंद चंद्र चौहान ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। याचिका में 24 जुलाई 2026 को पंडित दीनदयाल उपाध्याय स्मृति स्वास्थ्य विज्ञान एवं आयुष विश्वविद्यालय और 27 जुलाई 2026 को छत्तीसगढ़ नर्सेस रजिस्ट्रेशन काउंसिल की ओर से जारी पत्रों को चुनौती दी गई थी।

कॉलेज का कहना था कि संस्था पहले से मान्यता प्राप्त है, इसके बावजूद उससे भारतीय नर्सिंग परिषद का ‘योग्यता प्रमाण-पत्र’ मांगा जा रहा है। कॉलेज की ओर से बताया गया कि इस संबंध में संबंधित अधिकारियों को अभ्यावेदन दिए गए थे, लेकिन उन पर निर्णय नहीं हुआ।

2026-27 में BSc Nursing प्रवेश का मामला

कॉलेज की ओर से अदालत में यह भी बताया गया कि शैक्षणिक सत्र 2026-27 में BSc Nursing प्रवेश के लिए काउंसलिंग जल्द शुरू होने की संभावना है। इसी वजह से कॉलेज ने मौजूदा मान्यता के आधार पर शैक्षणिक सत्र जारी रखने की अनुमति देने की मांग की थी। कॉलेज की ओर से अधिवक्ता विपिन तिवारी ने पक्ष रखा।

विश्वविद्यालय और नर्सिंग काउंसिल ने प्रमाण-पत्र को बताया जरूरी

सुनवाई के दौरान संबंधित विश्वविद्यालय और छत्तीसगढ़ नर्सेस रजिस्ट्रेशन काउंसिल की ओर से कहा गया कि ‘योग्यता प्रमाण-पत्र’ आवश्यक है। उनके अनुसार कॉलेज को निर्धारित प्रक्रिया के तहत संबंधित प्राधिकारी के समक्ष आवेदन करना होगा।

प्रतिवादी पक्ष ने कहा कि कॉलेज की फैकल्टी और अन्य निर्धारित मानकों का सत्यापन किया जाएगा। यदि सभी आवश्यक मापदंड पूरे पाए जाते हैं, तो भारतीय नर्सिंग परिषद से ‘योग्यता प्रमाण-पत्र’ जारी करने के लिए सिफारिश की जाएगी।

कॉलेज ने आवेदन करने पर जताई सहमति

सुनवाई के दौरान कॉलेज की ओर से भी कहा गया कि वह ‘योग्यता प्रमाण-पत्र’ प्राप्त करने के लिए आवश्यक सिफारिश के लिए संबंधित प्राधिकारी के समक्ष आवेदन करने को तैयार है।

दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद हाईकोर्ट ने कॉलेज को 15 दिन के भीतर संबंधित प्राधिकारी से संपर्क करने का निर्देश दिया। प्राधिकारी भारतीय नर्सिंग परिषद के नर्सिंग कार्यक्रमों से संबंधित वर्ष 2020 के निर्धारित न्यूनतम मानकों के तहत कॉलेज की पात्रता और आवश्यक शर्तों का सत्यापन करेगा।

हाईकोर्ट ने मामले के गुण-दोष पर नहीं दी राय

कोर्ट ने स्पष्ट किया कि उसने मामले के मेरिट या गुण-दोष पर कोई राय व्यक्त नहीं की है। संबंधित प्राधिकारी को कॉलेज के आवेदन पर स्वतंत्र रूप से और कानून के अनुसार निर्णय लेना होगा। हाईकोर्ट के इस निर्देश के साथ याचिका का निराकरण कर दिया गया।

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