राष्ट्रपति के आगमन से बढ़ा आयोजन का गौरव
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बस्तर दशहरा में राष्ट्रपति और राज्यपाल का स्वागत करना क्षेत्र के लिए गौरव की बात है। उन्होंने बताया कि राष्ट्रपति ने आयोजन में शामिल होने का निमंत्रण स्वीकार किया और अपनी उपस्थिति से लोगों का उत्साह बढ़ाया। बस्तर दशहरा करीब 75 दिनों तक चलने वाला पारंपरिक उत्सव है, जिसमें कई विशिष्ट रस्में निभाई जाती हैं।
बस्तर में विकास को गति देने पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर पंडुम के माध्यम से क्षेत्र की संस्कृति को देश-दुनिया तक पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने बस्तर मुने और नियद नेल्लानार जैसी पहलों के जरिए विकास कार्यों को आगे बढ़ाने की बात कही। सड़कों और परिवहन सुविधाओं के माध्यम से दूरस्थ इलाकों को जोड़ने पर भी जोर दिया जा रहा है। उनके अनुसार, रायपुर से रावघाट रेल लाइन पर सेवा शुरू हो चुकी है, जबकि रावघाट से जगदलपुर तक रेल परियोजना का काम जारी है।
शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार
सीएम साय ने कहा कि वन उपज का उचित मूल्य दिलाने के प्रयास किए जा रहे हैं। ओरछा और जगरगुंडा में एजुकेशन सिटी विकसित करने की योजना पर काम हो रहा है। वहीं, जगदलपुर में सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल बनाया गया है और गीदम में मेडिकल कॉलेज विकसित किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने बस्तर की सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करने के साथ क्षेत्र में सड़क, रेल, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार को विकास की दिशा में महत्वपूर्ण बताया।
