कवर्धा। छत्तीसगढ़ के शक्कर कारखानों में गन्ने की खरीदी ₹425 प्रति क्विंटल की दर से होने पर गन्ना उत्पादक किसानों में उत्साह का माहौल है। इसी खुशी को साझा करने के लिए कवर्धा में उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा का अनोखे अंदाज में स्वागत किया गया। किसानों ने उन्हें गन्ना भेंट किया और शक्कर की बोरियों से तौलकर सम्मानित किया।
कवर्धा में इस मौके पर दो अलग-अलग स्वागत कार्यक्रम आयोजित किए गए। जिला पंचायत कार्यालय के पास भारतीय किसान संघ और विधानसभा कार्यालय के पास भाजपा किसान मोर्चा की ओर से कार्यक्रम आयोजित कर किसानों ने गन्ना खरीदी की दर को लेकर अपनी प्रसन्नता जाहिर की।
₹425 प्रति क्विंटल गन्ना खरीदी से किसानों में उत्साह
छत्तीसगढ़ के शक्कर कारखानों में गन्ने की खरीदी ₹425 प्रति क्विंटल की दर से होने को लेकर गन्ना उत्पादक किसानों में खुशी देखी जा रही है। इसी उत्साह के बीच किसानों ने कवर्धा में उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा का स्वागत कर अपनी भावनाएं व्यक्त कीं।
स्वागत कार्यक्रम के दौरान किसानों ने उन्हें गन्ना भेंट किया। इस पहल के जरिए गन्ना उत्पादकों ने गन्ना खरीदी की दर को लेकर अपनी खुशी साझा की।
शक्कर की बोरियों से तौलकर किया सम्मान
कवर्धा में उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा के स्वागत का तरीका खास रहा। किसानों ने उन्हें शक्कर की बोरियों से तौलकर सम्मानित किया। गन्ना भेंट करने के साथ किए गए इस सम्मान के जरिए किसानों ने गन्ना खरीदी की दर को लेकर अपना उत्साह प्रदर्शित किया।
शक्कर की बोरियों से तौलकर स्वागत करने का यह अनोखा अंदाज कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण रहा।
भारतीय किसान संघ और भाजपा किसान मोर्चा ने आयोजित किए कार्यक्रम
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा के स्वागत के लिए कवर्धा में दो स्थानों पर कार्यक्रम हुए। जिला पंचायत कार्यालय के पास भारतीय किसान संघ की ओर से स्वागत किया गया, जबकि विधानसभा कार्यालय के पास भाजपा किसान मोर्चा ने कार्यक्रम आयोजित किया।
दोनों कार्यक्रमों में गन्ना उत्पादक किसानों ने गन्ना भेंटकर और शक्कर की बोरियों से तौलकर उपमुख्यमंत्री का सम्मान किया। इन आयोजनों के जरिए किसानों ने ₹425 प्रति क्विंटल की दर से गन्ना खरीदी को लेकर अपनी खुशी जाहिर की।
गन्ना खरीदी की दर बनी स्वागत कार्यक्रम का केंद्र
कवर्धा में आयोजित स्वागत कार्यक्रमों का मुख्य केंद्र गन्ना खरीदी की दर रही। किसानों ने अपने स्वागत के अनोखे तरीके के माध्यम से खुशी व्यक्त की। गन्ना भेंट करने और शक्कर की बोरियों से तौलकर सम्मानित करने की पहल ने कार्यक्रम को खास बना दिया।
