छत्तीसगढ़ में बारिश का दौर अभी जारी रहने की संभावना है। मौसम विभाग के मुताबिक, अगले दो दिनों तक प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की आशंका भी बनी हुई है। राजधानी रायपुर में 15 सितंबर को मौसम आंशिक रूप से बादल छाए रहने का अनुमान है। शहर में एक-दो बार बारिश या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। रायपुर में अधिकतम तापमान करीब 33°C और न्यूनतम तापमान करीब 25°C रहने की संभावना है।
तीन मौसमी सिस्टम सक्रिय
प्रदेश में बारिश के पीछे एक साथ तीन मौसमी सिस्टम सक्रिय बताए जा रहे हैं। इनमें मानसून ट्रफ, कम दबाव के क्षेत्र से जुड़ी ट्रफ और बंगाल की खाड़ी के पास बना चक्रवाती घेरा शामिल है। इन मौसमी परिस्थितियों के कारण प्रदेश में नमी पहुंच रही है, जिसके प्रभाव से अगले दो दिनों के दौरान कई क्षेत्रों में बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है।
पिछले 24 घंटे में कई जगह बारिश
पिछले 24 घंटे के दौरान छत्तीसगढ़ के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। इस दौरान माना में 33.2°C अधिकतम तापमान रिकॉर्ड किया गया। वहीं, प्रदेश में सबसे कम न्यूनतम तापमान पेंड्रा रोड में 20°C दर्ज किया गया।
82 दिन पहले छत्तीसगढ़ पहुंचा मानसून
छत्तीसगढ़ में मानसून के प्रवेश को 82 दिन हो चुके हैं। 23 जून को दंतेवाड़ा के रास्ते मानसून ने प्रदेश में दस्तक दी थी। इसके बाद से राज्य के कई हिस्सों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है। 12 सितंबर तक प्रदेश में 1001 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई है। यह इस अवधि के औसत 1041.1 मिमी के मुकाबले करीब 4 फीसदी कम है।
46 जलाशयों में 91.10% जलभराव
बारिश का असर प्रदेश के जलाशयों के जलस्तर पर भी दिखाई दे रहा है। राज्य के 46 प्रमुख और मध्यम जलाशयों में औसत जलभराव 91.10% तक पहुंच गया है।
इनमें:
- 7 जलाशय पूरी तरह भर चुके हैं।
- 18 जलाशयों में 90% से ज्यादा पानी है।
- कई जलाशयों में जलस्तर बढ़ने के कारण पानी की निकासी करनी पड़ी है।
- धमतरी के रविशंकर सागर समेत कई जलाशयों के गेट खोले गए हैं।
जलाशयों में बढ़ा जलस्तर इस मानसून सीजन के दौरान हुई बारिश का असर दिखाता है।
अगले दो दिन कैसा रहेगा मौसम
मौसम विभाग के अनुसार अगले दो दिनों में छत्तीसगढ़ के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश जारी रह सकती है। कुछ इलाकों में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की संभावना भी है। बिजली गिरने के खतरे को देखते हुए खुले स्थानों, खेतों और अन्य असुरक्षित जगहों पर रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। बारिश के दौरान स्थानीय मौसम संबंधी चेतावनियों का पालन करना जरूरी रहेगा।
