हाइलाइट्स
- सोमवार को राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक करेंगे मोदी
- लॉकडाउन के बावजूद नहीं थम रहें हैं कोरोना के मामले
- स्वास्थ्य मंत्रालय, एम्स और आईसीएमआर ने दिए है लॉकडाउन बढ़ने के संकेत
- दो बार पहले भी बढ़ाया जा चुका है पूरे देश में लॉकडाउन
नई दिल्ली
देश में कोरोनाCovid-19: PM Modi to meet chief ministers tomorrow for the fifth time, the strategy will be decided on the lockdown वायरस के बढ़ते प्रकोप के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कल राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक करेंगे। यह बैठक दोपहर बाद तीन बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए होगी जिसमें देश में कोरोना वायरस से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा होगी। देश में लॉकडाउन का तीसरा चरण 17 मई तक है। कोरोना संकट पर मुख्यमंत्रियों के साथ प्रधानमंत्री मोदी की यह पांचवीं बैठक होगी।
माना जा रहा है कि इस बैठक में लॉकडाउन पर आगे की रणनीति तय की जाएगी और इसके बाद ही इसे बढ़ाने या न बढ़ाने के बारे में फैसला लिया जाएगा। कई राज्य इसे बढ़ाने के पक्ष में हैं। बैठक में मुख्य जोर आर्थिक गतिविधियों को बढ़ाने पर रहेगा। इससे पहले शनिवार को कैबिनेट सचिव राजीव गाबा ने लगातार दो बैठकें की जिनमें उन क्षेत्रों के बारे में चर्चा हुई जिन्हें 17 मई के बाद खोला जा सकता है।
लगातार बढ़ रही है मरीजों की संख्या
कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण की वजह से देश भर में लॉकडाउन दो बार आगे बढ़ाया जा चुका है। भारत में अब भी कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है. इस स्थिति में देश के आम लोगों के सामने चिंता यह है कि क्या लॉकडाउन 17 मई के बाद भी जारी रह सकता है।
दो साल में बना ली पहली वैक्सीन
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साल 1998 में कंपनी ने दुनिया की पहली सीजियम क्लोराइड फ्री हेपेटाइटिस B की वैक्सीन बनाई। इसे डॉ एपीजे अब्दुल कलाम ने लॉन्च किया था।
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भारत बायोटेक ने 2006 में कंपनी ने रेबीज की वैक्सीन बनाई। तब Rabirix नाम से लॉन्च वह क्रोमॅटोग्रैफिकली प्यूरिफाइड वैक्सीन अब INDIRAB हो गई है।
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2007 में कंपनी ने इन्फ्लुएंजा टाइप B के लिए वैक्सीन बनाई। वह इस बीमारी के लिए भारत में बनी पहली वैक्सीन थी।
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2009 में भारत बायोटेक ने पेंटावेलेंट कॉम्बिनेशन वैक्सीन बनाई। इसे COMVAC 5 के नाम से लॉन्च किया गया। इसमें पहले से भरी हुई पांच सीरिंज थीं। ये डिप्थीरिया, टिटनस, परट्यूसिस, हेपेटाइटिस B और हीमोफिलस इन्फ्लुएंजा टाइप B नाम की 5 बीमारियों के टीके हैं। यह कंपनी का बेस्ट-सेलिंग प्रॉडक्ट है।
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2010 में कंपनी ने H1N1 स्वाइन फ्लू वायरस के लिए भारत की पहली सेल कल्चर बेस्ड वैक्सीन तैयार की।
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BBIL ने 2013 में दुनिया की टायफाइड की पहली क्लिनिकली प्रूवेन वैक्सीन Typbar TCV लॉन्च की।
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साल 2014 में कंपनी ने जापानी इंसेफेलाइटिस के सभी स्ट्रेन्स की एक वैक्सीन JENVAC मार्केट में उतारी। अगले ही साल, भारत बायोटेक ने ‘मेक इन इंडिया’ के तहत पहली वैक्सीन बनाई। ROTAVAC नाम की वैक्सीन रोटावायरस के लिए बनाई गई थी। वैक्सीन को पीएम नरेंद्र मोदी ने लॉन्च किया था।
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जीका वायरस वैक्सीन के लिए ग्लोबल पेटेंट फाइल करने वाली दुनिया की पहली कंपनी भारत बायोटेक है।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने कहा कि कोरोना वायरस के चलते लॉकडाउन आगे बढ़ेगा भी या नहीं, यह कई चीजों को देखने के बाद तय किया जाएगा। उन्होंने कहना है कि लॉकडाउन और कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों के मसले पर प्रधानमंत्री सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों से बात कर रहे हैं। उनके साथ लगातार वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कर रहे हैं। मुख्यमंत्रियों द्वारा राज्यों का विश्लेषण जब पीएम के पास पहुंचेगा तो इस बारे में वह विशेषज्ञों से राय लेने के बाद फैसला करेंगे।
COVID-19: एयर इंडिया के पांच पायलट कोरोना पॉजिटिवएयर इंडिया सूत्रों के मुताबिक, एयर इंडिया के पांच पायलट कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। उड़ान ड्यूटी के लिए 72 घंटे पहले किए जाने वाले परीक्षण (प्री-फ्लाइट टेस्ट) के दौरान इनकी कोरोना जांच की गई थी, जिसमें ये पांच पॉजिटिव पाए गए। ये सभी मुंबई स्थित हैं और इनमें कोरोना के लक्षण नहीं पाए गए (असिम्प्टोमटिक) हैं। इन्होंने शुरुआत में चीन के लिए उड़ान भरने वाली कार्गो उड़ान में तैनात थे।
लॉकडाउन बढ़ने के संकेत
स्वास्थ्य मंत्रालय के साथ-साथ दो सरकारी संस्थाओं एम्स और आईसीएमआर ने संकेत दिए हैं कि अगर 17 मई के बाद लॉकडाउन खत्म किया गया तो, देश में कोरोना संक्रमण की स्थिति भयावह हो सकती है। इन संस्थाओं का कहना है कि अभी लॉकडाउन में छूट देना आत्महत्या के समान होगा।
1- खाना छोड़ दिया तो मां से दूर से मिलाया बेटी को
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उत्तरी कर्नाटक में एक नर्स करीब 15 दिनों तक कोविड-19 वार्ड में ड्यूटी पर थी। इसके बाद उन्हें क्वारंटीन में रख दिया गया। इस दौरान नर्स की बेटी ने खाना छोड़ दिया, क्योंकि उसे मां की बहुत याद आ रही थी। ऐसे में पिता उसे मां से मिलाने ले गया, लेकिन दूर से ही दोनों को एक दूसरे को देखना पड़ा। एक तरफ मां रो रही थी और दूसरी तरफ बेटी। ये सब जिसने भी देखा, उसकी आंखें भर आईं। सोशल मीडिया पर इसकी तस्वीरें और वीडियो खूब वायरल हुए।
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चीन से भी मां-बेटी की एक ऐसी ही तस्वीर सामने आई थी, जिसमें नर्स कोरोना वार्ड में ड्यूटी कर रही थी, इसलिए अपनी बेटी से नहीं मिल सकती थी। बेटी अपनी मां के लिए घर से खाना लाई थी। दोनों ने एक दूसरे को दूर से ही गले लगाया या यूं कहिए कि एयर हग दिया। उस दौरान उनकी वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर खूब शेयर की जा रही थीं।
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तेलंगाना के निजामाबाद की रहने वाली एक महिला शिक्षिका प्रदेश में लागू सख्त लॉकडाउन के बीच अपने एक साहसपूर्ण काम की वजह से चर्चा में रहीं। निजामाबाद के बोधान में एक स्कूल में पढ़ाने वाली रजिया बेगम लॉकडाउन के कारण आंध्र प्रदेश के नेल्लोर में फंसे अपने बेटे को घर वापस लाने के लिए अपनी स्कूटी से ही निकल पड़ीं। तकरीबन 1400 किमी की दूरी स्कूटी से तय करने के बाद आखिरकार वह अपने बेटे को घर वापस लाने में सफल रहीं।
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औरंगाबाद में एक कोरोना की मरीज ने बच्चे को जन्म दिया। अस्पताल प्रशासन ने तुरंत ही बच्चे को मां से अलग कर दिया ताकि वह इंफेक्शन बच्चे में ना आए। अस्पताल प्रशासन ने मां और बच्चे के लिए वीडियो कॉलिंग का इंतजाम किया। उसकी तस्वीरों ने इंटरनेट पर खूब लाइक बटोरी। लोग उनकी कहानी को खूब शेयर कर रहे थे और अस्पताल प्रशासन की भी खूब वाहवाही हुई।
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म्स के निदेशक तो ये तक कह चुके हैं कि अभी भारत में कोरोना के सबसे अधिक मामले का सामने आना बाकी है। उन्होंने जून-जुलाई में सबसे अधिक आफत आने की बात कही है। एक्सपर्ट से राय लेने के बाद ही लॉकडाउन को आगे बढ़ाने का फैसला लिया जाएगा। स्वास्थ्य मंत्री ने यह भी कहा कि पीएम मोदी देश की 135 करोड़ जनता के हितों को ध्यान में रखकर कोई फैसला लेंगे। लॉकडाउन बढ़ेगा या नहीं इस पर आखिरी फैसला 15-16 मई को ही सामने आएगा।
लॉकडाउन खत्म नहीं होने का एक बड़ा संकेत प्रवासी मजदूरों की घर वापसी है। अभी तक देश में सिर्फ 2.5 लाख मजदूर अपने घर पहुंचे हैं. एक अनुमान के मुताबिक देश में 1.4 करोड़ लोग प्रवासी मजदूर की तरह काम करते हैं।