नई दिल्ली। NEET-UG पेपर लीक विवाद को लेकर जारी विरोध प्रदर्शन के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की। इस मुलाकात के बाद राजनीतिक हलकों में विभिन्न तरह की चर्चाएं तेज हो गई हैं। हालांकि सरकार की ओर से दोनों नेताओं की बैठक के एजेंडे या किसी संभावित निर्णय को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की गई है।
संसद मार्च के दौरान बढ़ा प्रदर्शन
इस बीच Cockroach Janata Party (CJP) के बैनर तले प्रदर्शन कर रहे कार्यकर्ताओं ने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग दोहराई। प्रदर्शनकारियों ने संसद की ओर मार्च करने का प्रयास किया, जहां सुरक्षा व्यवस्था पहले से कड़ी कर दी गई थी। पुलिस ने बैरिकेडिंग कर भीड़ को आगे बढ़ने से रोका। कुछ स्थानों पर धक्का-मुक्की और आंसू गैस के इस्तेमाल की भी खबरें सामने आई हैं।
दिल्ली में सुरक्षा बढ़ाई गई
प्रदर्शन को देखते हुए संसद भवन और आसपास के संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, रेल भवन, कृषि भवन और संसद मार्ग के आसपास अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया। कई स्थानों पर प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए बैरिकेड लगाए गए और हालात पर वरिष्ठ अधिकारियों ने लगातार नजर रखी।
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर आंदोलन
CJP और आंदोलन से जुड़े नेताओं का कहना है कि वे NEET-UG पेपर लीक मामले में जवाबदेही तय करने और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। आंदोलन के दौरान सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के अनशन का भी उल्लेख किया गया है। वहीं, संगठन के कुछ प्रतिनिधियों ने केंद्र सरकार के साथ बातचीत की प्रक्रिया शुरू होने की जानकारी दी है।
जेपी नड्डा से भी हुई बातचीत
रिपोर्ट्स के अनुसार, CJP के प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा से भी मुलाकात कर अपनी मांगें रखीं। संगठन का कहना है कि सरकार ने उनकी बात सुनी है और आगे चर्चा के लिए समय मांगा है। फिलहाल सरकार की ओर से मांगों पर कोई औपचारिक निर्णय घोषित नहीं किया गया है।
बैठक पर आधिकारिक बयान का इंतजार
धर्मेंद्र प्रधान और अमित शाह की मुलाकात को लेकर राजनीतिक अटकलें जारी हैं, लेकिन अब तक सरकार की ओर से यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि बैठक का मुख्य उद्देश्य क्या था। ऐसे में इस्तीफे या किसी अन्य फैसले को लेकर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
