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कुम्हारी की फैक्ट्री में बन रहा था सितार गुटखा, 2 मशीनें और 30 बोरा जब्त

दुर्ग: छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में रविवार को सेंट्रल GST इंटेलिजेंस की टीम ने बड़ी कार्रवाई की। कुम्हारी के स्टेशन चौक इलाके में एक फैक्ट्री पर छापेमारी के दौरान गुटखा बनाने वाली दो मशीनें और करीब 30 बोरा तैयार गुटखा जब्त किया गया।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, फैक्ट्री में सितार कंपनी का गुटखा तैयार किया जा रहा था। GST अधिकारियों की टीम अब गुटखा निर्माण और उसकी बिक्री से जुड़े कारोबार में टैक्स नियमों के पालन की जांच कर रही है।

10 से 12 अधिकारियों की टीम ने की छापेमारी

जानकारी के मुताबिक, सेंट्रल GST इंटेलिजेंस की टीम को कुम्हारी के स्टेशन चौक क्षेत्र में कथित तौर पर गुटखा तैयार किए जाने की सूचना मिली थी। इसके बाद रविवार को करीब 10 से 12 अधिकारियों की टीम तीन वाहनों से मौके पर पहुंची।

अधिकारियों ने फैक्ट्री और गोदाम के अंदर रखी सामग्री की जांच की। इस दौरान गुटखा निर्माण में इस्तेमाल होने वाली दो मशीनें जब्त की गईं। टीम ने करीब 30 बोरा तैयार गुटखा भी बरामद किया।

गोदाम और दस्तावेजों की जांच जारी

GST अधिकारियों की ओर से गोदाम में रखे अन्य सामान और दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है। टीम यह पता लगाने में जुटी है कि गुटखा निर्माण और बिक्री के कारोबार में टैक्स संबंधी नियमों का पालन किया जा रहा था या नहीं।

शुरुआती जानकारी में जब्त सामान की कीमत लाखों रुपये बताई जा रही है। हालांकि, जब्त सामग्री की वास्तविक कीमत और उससे जुड़े टैक्स की विस्तृत जानकारी कार्रवाई पूरी होने के बाद सामने आने की संभावना है।

सुरेश गुप्ता का बताया जा रहा गोदाम

जानकारी के अनुसार, जिस गोदाम से गुटखा और मशीनें जब्त की गई हैं, वह सुरेश गुप्ता का बताया जा रहा है। GST टीम गोदाम से मिले दस्तावेजों और अन्य सामग्री का मिलान कर रही है।

फैक्ट्री परिसर में गुटखा निर्माण से जुड़ी अन्य व्यवस्थाएं भी मिली हैं। टीम ने मौके से जरूरी सामग्री को अपने कब्जे में लेकर जांच आगे बढ़ाई।

जब्त सामान लेकर रायपुर रवाना हुई टीम

कार्रवाई के बाद सेंट्रल GST इंटेलिजेंस की टीम जब्त मशीनों और गुटखे को लेकर रायपुर रवाना हो गई। अब जब्त सामग्री की जांच और दस्तावेजों के मिलान के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

फिलहाल इस पूरी कार्रवाई को लेकर सेंट्रल GST की ओर से आधिकारिक विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। इसलिए जब्त सामान की कीमत, टैक्स देनदारी और आगे की कानूनी कार्रवाई से जुड़ी स्थिति जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।

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