छत्तीसगढ़ में संक्रमित मरीज पहले 10 दिन में ठीक हो रहे थे, अब लग रहे 15 दिन; लेकिन 10 दिन में रिकवरी रेट 13 फीसदी बढ़ गया

  • प्रदेश में अब तक 95623 संक्रमित मिले, इनमें से 36038 एक्टिस केस, डिस्चार्ज हुए 58833
  • सितंबर की शुरुआत में जांच में हर 7वां मरीज संक्रमित मिला, अब हर 10वां व्यक्ति पॉजिटिव

छत्तीसगढ़ में कोरोना संक्रमण के मामले तेजी से बढ़ते जा रहे हैं। वहीं मरीजों के स्वस्थ होने का समय भी बढ़ा है। पहले जहां मरीजों को 10 दिन ठीक होने में लग रहे थे, अब 15 से 17 दिन लग रहे हैं। आंकड़ों पर गौर करें तो पिछले 10 दिनों में संक्रमित मरीजों की संख्या में 40 हजार का इजाफा हुआ है। पर सबसे अच्छी बात यह है कि इतने दिनों में रिकवरी रेट भी 13 फीसदी से ज्यादा बढ़ा है।

ये फोटो भिलाई की है। यहां बुजुर्गों और गंभीर मरीजों का टेस्ट 15 मिनट में और अन्य के टेस्ट में एक से डेढ़ घंटे का समय लग रहा है। जिला अस्पताल में क्यू मैनेजमेंट के चलते टेस्टिंग के लिए लगने वाला समय काफी घट गया है।
ये फोटो भिलाई की है। यहां बुजुर्गों और गंभीर मरीजों का टेस्ट 15 मिनट में और अन्य के टेस्ट में एक से डेढ़ घंटे का समय लग रहा है। जिला अस्पताल में क्यू मैनेजमेंट के चलते टेस्टिंग के लिए लगने वाला समय काफी घट गया है।

लॉकडाउन के दो दिनों में कम हुई मरीजों की संख्या, बढ़ा रिकवरी रेट
मरीजों की संख्या में वृद्धि की एक बड़ी वजह टेस्ट की संख्या बढ़ना भी है। सितंबर की शुरुआत में 2 हजार मरीज रोज मिल रहे थे। 12 सितंबर तक 3 हजार पार हो गए और 18 सितंबर को सर्वाधिक 3842 संक्रमित मरीज मिले। लॉकडाउन के दो दिनों में ही मरीजों की संख्या लोगों की लापरवाही को भी बताती है। इन दो दिनों में ही संक्रमित मरीजों के मिलने की दर आधी हो गई है। जबकि टेस्ट की संख्या 40 हजार ज्यादा हुए।

प्रदेश में 10 दिनों में कोरोना की स्थिति

दिनांक कुल टेस्ट हुए कुल संक्रमित मिले संक्रमित मरीजों का प्रतिशत
15 सितंबर 737334 55680 7.5
22 सितंबर 958452 90917 9.4
24 सितंबर 998347 95623 9.5

मध्य अगस्त से तेजी से बढ़े मरीज

  • अगस्त के शुरुआत में रिकवरी रेट 78.2 प्रतिशत
  • 16 अगस्त के बाद मरीजों की संख्या बढ़ी
  • सितंबर में रिकवरी रेट गिरकर 45 प्रतिशत हुआ
  • मरीजों के ठीक होने में पहले 10 दिन लग रहे थे, अब 15 से 17 दिन
  • सितंबर की शुरुआत में हर 7वां मरीज संक्रमित, अब 10वां व्यक्ति मिल रहा

लेकिन रिकवरी रेट भी बढ़ रहा है

दिनांक स्वस्थ हुए कुल मरीज स्वस्थ हुए मरीजों का प्रतिशत
15 सितंबर 34238 48.37
22 सितंबर 52001 57.19
24 सितंबर 58833 61.52

रायपुर में सबसे ज्यादा मरीज, मौतें भी यहीं
राजधानी रायपुर की स्थिति कोरोना संक्रमण को लेकर सबसे ज्यादा खराब है। पूरे प्रदेश में सबसे ज्यादा मरीज यहीं पर मिले हैं और मौतों का आंकड़ा भी सबसे ज्यादा यहीं है। अब तक 30306 संक्रमित मिल चुके हैं। इनमें से 10345 एक्टिव केस हैं। वहीं मौत का आंकड़ा 361 पर पहुंच गया है। खास बात यह है कि 19600 (64.67%) मरीज स्वस्थ भी हुए हैं। ये प्रदेश के कुल रिकवरी रेट से 3 फीसदी ज्यादा है।

प्रदेश में कुल 752 मौतें, प्राइवेट अस्पताल में एक माह में 225 
प्रदेश के निजी अस्पतालों में कोरोना उपचार की स्थिति सबसे ज्यादा बुरी निकल कर आई है। प्रदेश में जहां अब तक 752 मरीजों की मौत हुई है। इनमें रायपुर के मरीजों की संख्या 361 है। वहीं रायपुर के प्राइवेट अस्पतालों में एक माह के दौरान ही 225 मरीजों की मौत हो चुकी है। जबकि सरकारी अस्पताल मेकाहारा में मार्च से लेकर अब तक 149 और एम्स में 106 मरीजों की मौत हुई है।