सावन के व्रत में साबूदाना खिचड़ी, साबूदाना वड़ा और साबूदाने की दूसरी डिशेज खूब पसंद की जाती हैं। लेकिन अगर आप हर बार एक ही तरह की साबूदाना खिचड़ी खाकर बोर हो चुके हैं, तो इस बार नाश्ते में कुछ अलग ट्राई कर सकते हैं। साबूदाना डोसा व्रत के लिए एक स्वादिष्ट विकल्प हो सकता है। बाहर से क्रिस्पी और अंदर से सॉफ्ट यह डोसा साबूदाना, उबले आलू और कुट्टू या राजगीरा के आटे से आसानी से तैयार किया जा सकता है। इसे घी में सेंककर व्रत वाली हरी चटनी, मूंगफली की चटनी या दही के साथ परोसा जा सकता है।
साबूदाना डोसा बनाने के लिए सामग्री
- 1 कप साबूदाना
- 2 उबले हुए आलू
- 2-3 बड़े चम्मच कुट्टू या राजगीरा का आटा
- 2 बारीक कटी हरी मिर्च
- 1 छोटा चम्मच जीरा
- थोड़ा सा बारीक कटा हरा धनिया
- स्वादानुसार सेंधा नमक
- जरूरत के अनुसार पानी
- डोसा सेंकने के लिए घी
कैसे बनाएं साबूदाना डोसा
1. साबूदाना भिगोएं
सबसे पहले साबूदाने को अच्छी तरह धोकर करीब 4-5 घंटे के लिए पानी में भिगो दें। जब साबूदाना अच्छी तरह नरम हो जाए तो उसका अतिरिक्त पानी निकाल दें। इसके बाद इसे हल्का दरदरा पीस लें।
2. डोसे का मिश्रण तैयार करें
एक बड़े बर्तन में पिसा हुआ साबूदाना और उबले हुए आलू डालकर अच्छी तरह मैश करें। अब इसमें कुट्टू या राजगीरा का आटा, हरी मिर्च, जीरा, हरा धनिया और सेंधा नमक डालें। सभी सामग्री को अच्छी तरह मिलाएं और जरूरत के अनुसार थोड़ा पानी डालते हुए डोसे जैसा घोल तैयार करें। ध्यान रखें कि घोल बहुत ज्यादा पतला न हो।
3. तवे पर फैलाएं
अब तवा अच्छी तरह गर्म करें और उस पर थोड़ा घी लगाएं। गर्म तवे पर साबूदाने का घोल डालें और चम्मच या कलछी की मदद से इसे धीरे-धीरे गोल आकार में फैलाएं। डोसे को बहुत मोटा न रखें, वरना यह आसानी से क्रिस्पी नहीं होगा।
4. दोनों तरफ से सेंकें
डोसे को मध्यम आंच पर पकाएं। जब नीचे की तरफ से इसका रंग सुनहरा होने लगे और किनारे क्रिस्पी हो जाएं तो सावधानी से पलट दें। दूसरी तरफ से भी अच्छी तरह सेंक लें। अगर आपको डोसा ज्यादा कुरकुरा पसंद है तो इसे मध्यम आंच पर थोड़ा ज्यादा समय तक पकाएं।
तैयार साबूदाना डोसे को गरमा-गरम परोसें। इसके साथ व्रत वाली हरी चटनी, मूंगफली की चटनी या दही अच्छा कॉम्बिनेशन हो सकता है। सावन व्रत में अगर आप साबूदाने से बनी पारंपरिक खिचड़ी से कुछ अलग बनाना चाहते हैं, तो यह डोसा नाश्ते के लिए आसान और स्वादिष्ट विकल्प है। खास बात यह है कि इसे व्रत में इस्तेमाल होने वाली सामान्य सामग्री से ही तैयार किया जा सकता है।
