रायगढ़ में चिटफंड कंपनी की करोड़ों की ठगी

रायगढ़ में चिटफंड कंपनी की करोड़ों की ठगी

रायगढ़ जिले में कम समय में रकम दोगुनी करने का झांसा देकर लोगों से निवेश कराने वाली चिटफंड कंपनी के खिलाफ पुलिस ने कार्रवाई की है। मामले में लंबे समय से फरार चल रहे ‘शुष्क इंडिया लिमिटेड’ के मुख्य डायरेक्टर सुनील तिवारी को पुलिस ने जशपुर से गिरफ्तार किया है। आरोपी इंदौर का रहने वाला बताया गया है। पूछताछ के बाद पुलिस ने उसे अदालत में पेश किया, जहां से न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।

2012 से शुरू हुआ था निवेश का सिलसिला

मामला रायगढ़ के घरघोड़ा थाना क्षेत्र का है। पुलिस के अनुसार, करीब वर्ष 2012 में नवापारा निवासी लालबाबू गुप्ता, उनकी पत्नी और क्षेत्र के कई अन्य लोगों ने कंपनी की बचत योजना और फिक्स्ड डिपॉजिट में पैसा लगाना शुरू किया था। कंपनी के स्थानीय संचालक राजकुमार कोसे ने लोगों को हर महीने 601 रुपये जमा करने वाली योजना और कम समय में आकर्षक रिटर्न मिलने का भरोसा दिलाकर निवेश के लिए तैयार किया था।

2016 में दफ्तर बंद कर फरार हुई कंपनी

निवेशकों का आरोप है कि वर्ष 2016 में कंपनी लोगों से करोड़ों रुपये जमा कराने के बाद अचानक अपना कार्यालय बंद कर फरार हो गई। लंबे समय बाद जब आरोपी वापस आया और निवेशकों ने अपनी रकम वापस मांगी, तो कथित तौर पर उसने मामला न्यायालय में चलने की बात कहते हुए पैसे लौटाने से इनकार कर दिया। इसके बाद पीड़ितों ने पुलिस से शिकायत की। शिकायत के आधार पर 27 मार्च 2017 को धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।

स्थानीय संचालक के बाद सामने आए मुख्य डायरेक्टर

जांच के शुरुआती चरण में पुलिस ने कंपनी के स्थानीय संचालक राजकुमार कोसे को गिरफ्तार कर लिया था। आगे की जांच में कंपनी के कथित मुख्य सूत्रधारों के रूप में मध्य प्रदेश के शाजापुर निवासी दिनेश सैनी और नरेंद्र लोधी के अलावा इंदौर निवासी सुनील तिवारी के नाम सामने आए। पुलिस ने मामले में दिनेश सैनी को उज्जैन केंद्रीय जेल से प्रोडक्शन वारंट पर लाकर पूछताछ की थी। इसके बाद वर्ष 2022 में उसकी औपचारिक गिरफ्तारी दर्ज की गई थी।

जशपुर से पकड़ा गया सुनील तिवारी

मामले में लंबे समय से फरार चल रहे सुनील तिवारी की तलाश जारी थी। पुलिस ने उसे जशपुर से गिरफ्तार किया। पूछताछ में पुलिस के मुताबिक आरोपी ने चिटफंड नेटवर्क में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। मामले में पुलिस की जांच आगे भी जारी है।

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