रायपुर: फाइव-डे बैंकिंग प्रणाली समेत लंबे समय से लंबित मांगों को लेकर देशभर के बैंक कर्मचारी और अधिकारी शुक्रवार को हड़ताल पर रहे। इसका असर छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में भी दिखाई दिया। मोतीबाग चौक स्थित पंजाब नेशनल बैंक परिसर में यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन्स (UFBU) के बैनर तले बैंककर्मियों ने प्रदर्शन कर अपनी मांगों के समर्थन में आवाज उठाई। हड़ताल के कारण प्रदेशभर में बैंकिंग सेवाएं प्रभावित रहीं। इसके बाद शनिवार और रविवार की छुट्टी होने के चलते बैंक लगातार तीन दिनों तक बंद रहने से ग्राहकों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
दो साल से लंबित है फाइव-डे बैंकिंग की मांग
बैंककर्मियों का कहना है कि फाइव-डे बैंकिंग की मांग वर्ष 2024 से लंबित है। बैंक कर्मचारी प्रियंका वर्धन ने कहा कि सरकार की ओर से अब तक इस व्यवस्था को लागू नहीं किया गया है। उनका कहना है कि मांग पूरी नहीं होने के कारण कर्मचारियों और अधिकारियों को बार-बार आंदोलन और हड़ताल का रास्ता अपनाना पड़ रहा है। बैंककर्मी निर्मला साहू ने कहा कि पिछले दो वर्षों से यह मांग लंबित है। उनके मुताबिक, कई अन्य क्षेत्रों में पांच दिन काम करने की व्यवस्था लागू है, जबकि बैंकिंग क्षेत्र में अभी भी यह व्यवस्था लागू नहीं हुई है।
करीब 8 लाख बैंक कर्मचारी-अधिकारी हड़ताल पर
अखिल भारतीय बैंक अधिकारी महासंघ के राज्य सचिव वाई गोपाल कृष्णा के अनुसार, देशभर में करीब 8 लाख बैंक कर्मचारी और अधिकारी हड़ताल में शामिल हैं। फाइव-डे बैंकिंग के अलावा बैंक कर्मचारियों की कुछ अन्य लंबित मांगें भी हैं। उन्होंने कहा कि सरकार और बैंक प्रबंधन की ओर से मांगों पर ठोस कदम नहीं उठाए जाने के कारण कर्मचारियों को प्रदर्शन करना पड़ रहा है।
2024 के समझौते के बाद भी लागू नहीं हुई व्यवस्था
इंडियन नेशनल बैंक ऑफिसर कांग्रेस के जनरल सेक्रेटरी बलजीत सिंह ने कहा कि वर्ष 2024 में IPA के साथ समझौता हुआ था। उनके अनुसार, आश्वासन मिलने के बावजूद फाइव-डे बैंकिंग को लागू नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर लगातार बैठकें हो रही हैं, लेकिन अभी तक मांग पर अमल नहीं हो सका है।
मांग पूरी नहीं हुई तो अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी
बैंक यूनियनों ने सरकार और बैंक प्रबंधन को आगे के आंदोलन को लेकर चेतावनी दी है। यूनियनों का कहना है कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो सितंबर के अंत में भी एक दिवसीय प्रदर्शन किए जाएंगे। इसके बाद 26 अक्टूबर से देशभर में अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने की चेतावनी दी गई है। बैंक कर्मचारियों का कहना है कि फाइव-डे बैंकिंग समेत लंबित मांगों पर जल्द निर्णय लिया जाना चाहिए।
