छत्तीसगढ़ पुलिस ने काले और खराब नोटों को केमिकल के जरिए नया बनाने तथा रकम दोगुनी करने का झांसा देकर लोगों से करोड़ों रुपये ठगने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने महाराष्ट्र के पुणे जिले के खंडाला स्थित एक रिसॉर्ट में कार्रवाई करते हुए आरोपियों को पकड़ा। मौके से 4 करोड़ रुपये से अधिक नकद, 17 मोबाइल फोन, काले कागज से बने नोट और कांच की प्लेटें बरामद की गई हैं। पुलिस के मुताबिक गिरोह कई राज्यों में लोगों को अपने जाल में फंसाकर ठगी करता था। मामले में अब तक कुल 9 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
2025 से लोगों को बना रहे थे निशाना
पुलिस के अनुसार गिरोह के सदस्य लोगों को भरोसा दिलाते थे कि विशेष केमिकल की मदद से काले या खराब हो चुके नोटों को दोबारा नए नोट में बदला जा सकता है। इसके साथ ही रकम को दोगुना करने का लालच भी दिया जाता था। आरोपी पहले असली नोट और केमिकल के जरिए लोगों को कथित तौर पर प्रक्रिया का प्रदर्शन करके भरोसे में लेते थे। इसके बाद केमिकल, टेस्टिंग, सरकारी अनुमति और अन्य औपचारिकताओं के नाम पर अलग-अलग किश्तों में रकम वसूलते थे। पुलिस का दावा है कि गिरोह ने छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, गुजरात, राजस्थान और दिल्ली में 100 से ज्यादा लोगों को ठगा है।
नागपुर से मिले सुराग, खंडाला तक पहुंची पुलिस
पुलिस ने इस मामले में पहले नागपुर से कनीज फातिमा उर्फ भावना पांडे और दीपिका पालीवाल को गिरफ्तार किया था। दोनों से पूछताछ और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर पुलिस को गिरोह के अन्य सदस्यों के बारे में जानकारी मिली। इसके बाद पुलिस की एक टीम करीब एक सप्ताह तक पुणे में जांच करती रही। संदिग्धों की लोकेशन मिलने के बाद खंडाला के एक रिसॉर्ट में छापा मारा गया। यहां आरोपी कथित तौर पर वाराणसी के एक व्यक्ति को रकम दोगुनी करने का झांसा देने की कोशिश कर रहे थे।
4 करोड़ से ज्यादा नकदी बरामद
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपियों के पास से 4 करोड़ रुपये से अधिक कैश, 17 मोबाइल फोन, नोट के आकार में काटे गए काले कागज, कांच की प्लेटें और अन्य सामान बरामद किया। पुलिस के मुताबिक आरोपी अलग-अलग होटलों और अन्य स्थानों पर बैठक कर संभावित पीड़ितों को अपने जाल में फंसाते थे।
तीन आरोपी बताए जा रहे गिरोह के सरगना
पुलिस ने ज्ञान प्रकाश श्रीवास्तव उर्फ योगी, प्रवीण कुमार श्रीवास्तव उर्फ कैप्टन/शेट्टी/रेड्डी, मनोज कुमार श्रीवास्तव उर्फ बड़े सर, विवेक सिंह, शुभम पांडे, योगेंद्र चौहान और बालमुकुंद दीक्षित को ट्रांजिट रिमांड पर रायपुर लाया है। पुलिस के अनुसार ज्ञान प्रकाश, प्रवीण कुमार और मनोज कुमार श्रीवास्तव गिरोह के कथित प्रमुख सदस्य हैं। प्रवीण कुमार को ‘कैप्टन’ और मनोज कुमार को ‘बड़े सर’ के नाम से भी जाना जाता था।
अब तक 9 आरोपी गिरफ्तार
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि गिरोह के कुछ सदस्य पहले मुंबई और वाराणसी में जेल जा चुके हैं। मामले में अब तक कुल 9 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है और पुलिस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी है। मामले में तेलीबांधा थाना में भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) और 61(2) के तहत धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश का मामला दर्ज किया गया है।
