ऋषि पंचमी पर अनोखी शोभायात्रा,जहरीले सांपों के साथ निकली यात्रा

ऋषि पंचमी पर अनोखी शोभायात्रा,जहरीले सांपों के साथ निकली यात्रा

छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले के ग्राम देवरी में ऋषि पंचमी के अवसर पर अनोखी शोभायात्रा देखने को मिली। ढोल-नगाड़ों की गूंज और पारंपरिक वेशभूषा के बीच जब दर्जनों जहरीले सांप यात्रा का हिस्सा बने तो सड़कों पर मौजूद लोगों की नजरें उन पर टिक गईं। इस अनोखी परंपरा को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग उमड़ पड़े।

यह आयोजन सांवरा समाज की परंपरा से जुड़ा है। समाज के लोग ऋषि पंचमी के अवसर पर विधि-विधान से सर्पों की पूजा करते हैं। पूजा के बाद सांपों को लेकर पूरे गांव में शोभायात्रा निकाली जाती है।

सर्प पूजा के साथ दी जाती है बचाव की जानकारी

इस आयोजन की खास बात केवल सर्प पूजा नहीं है। यहां लोगों को सर्पदंश से बचाव और उसके उपचार से जुड़ी जानकारी भी दी जाती है।

गांव में स्थित गुरु सांवरा पाठशाला में पूरे साल ग्रामीणों को सर्पदंश के उपचार को लेकर प्रशिक्षण दिया जाता है। ऋषि पंचमी के अवसर पर इसी प्रशिक्षण से जुड़े दीक्षांत समारोह का भी आयोजन किया जाता है।

इस पहल के जरिए धार्मिक परंपरा के साथ ग्रामीणों को सर्पदंश जैसी स्थिति से निपटने के लिए जानकारी और प्रशिक्षण देने पर भी जोर दिया जाता है।

पूजा के बाद सांपों को जंगल में छोड़ने की परंपरा

आयोजन से जुड़ी परंपरा के अनुसार पूजा और धार्मिक कार्यक्रम पूरा होने के बाद सांपों को वापस जंगल में छोड़ दिया जाता है। इसका उद्देश्य उन्हें उनके प्राकृतिक आवास में सुरक्षित लौटाना है।

ग्राम देवरी में ऋषि पंचमी पर होने वाला यह आयोजन धार्मिक परंपरा के साथ सर्पदंश से बचाव और उपचार के प्रशिक्षण से भी जुड़ा हुआ है। जहरीले सांपों के साथ निकली शोभायात्रा का दृश्य लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।

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