यूपी में बाढ़ का कहर, 16 जिले डूबे

यूपी में बाढ़ का कहर, 16 जिले डूबे

उत्तर प्रदेश में मानसूनी बारिश का असर लगातार बढ़ता जा रहा है। प्रदेश के 16 जिले बाढ़ की चपेट में हैं, जबकि मौसम विभाग ने शनिवार को 47 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट जारी किया है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक पूर्वी यूपी के ऊपर बादलों का सिस्टम बना हुआ है, जिसके चलते कई इलाकों में गरज-चमक के साथ तेज बारिश और आंधी की संभावना है।

शुक्रवार को लखनऊ, कानपुर, मुरादाबाद और संभल समेत 66 शहरों में बारिश दर्ज की गई। गाजियाबाद में अचानक धुंध छाने से विजिबिलिटी घटकर करीब 50 से 60 मीटर रह गई।

मुरादाबाद में अस्थाई पुल टूटा, मां-बेटा नदी में बहे

मुरादाबाद में गांगन नदी पर बना लकड़ी का अस्थाई पुल अचानक टूट गया। इस दौरान बाइक सवार दंपती और उनके तीन बच्चे नदी में जा गिरे। स्थानीय लोगों ने पिता और दो बच्चों को बचा लिया, लेकिन महिला और उसका एक बच्चा तेज बहाव में बह गए। करीब दो घंटे चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद महिला का शव बरामद कर लिया गया, जबकि तीसरे बच्चे की तलाश जारी रही।

झांसी में मगरमच्छ ने युवक को पानी में खींचा

झांसी में बेतवा नदी में नहाने गए 21 वर्षीय युवक पर मगरमच्छ के हमले की घटना सामने आई है। बताया जा रहा है कि मगरमच्छ युवक को गहरे पानी में खींच ले गया। करीब 48 घंटे से जारी मूसलाधार बारिश के कारण सुखनई नदी में अचानक बाढ़ आ गई। उफनते नाले में एक वैन बह गई। वैन में सवार छह लोगों को स्थानीय लोगों ने सुरक्षित बाहर निकाल लिया।

कानपुर में 25 फीट धंसा आंगन, युवती की मौत

कानपुर में भारी बारिश के बीच एक घर का आंगन अचानक करीब 25 फीट धंस गया। हादसे में 18 वर्षीय युवती गड्ढे में गिर गई। करीब सात घंटे तक रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर उसे बाहर निकाला गया, लेकिन अस्पताल में डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

हमीरपुर में कई गांवों का संपर्क प्रभावित

हमीरपुर में लगातार चार दिनों से हो रही बारिश के कारण चंद्रावल नदी उफान पर है। गुर्दाहा-सिसोलर मुख्य मार्ग पानी में डूब गया है, जिससे 12 से अधिक गांवों का आवागमन प्रभावित हुआ है।

मौदहा बांध से करीब 79 हजार क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किया गया है और फिलहाल नौ गेट खोले गए हैं।

31 अगस्त तक बारिश में कमी की संभावना

लखनऊ के मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के मुताबिक मध्य प्रदेश, राजस्थान और दक्षिणी यूपी के ऊपर बने दबाव के क्षेत्र के कारण प्रदेश में अच्छी मानसूनी बारिश हुई है। अब यह सिस्टम आगे बढ़ रहा है, जिससे बारिश की गतिविधियों में कमी आने की संभावना है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार अगले दो-तीन दिन यानी 31 अगस्त तक बारिश में कमी रह सकती है। इसके बाद सितंबर के पहले सप्ताह में एक बार फिर बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना जताई गई है।

प्रशासन ने लोगों से सावधानी बरतने की अपील

बाढ़ और बारिश के बीच नदियों तथा नालों का जलस्तर बढ़ने से कई इलाकों में आवागमन प्रभावित हुआ है। प्रशासन और स्थानीय एजेंसियों को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में सतर्क रहने की जरूरत है। लोगों से तेज बहाव वाले पानी, नदी-नालों और जलभराव वाले रास्तों से दूर रहने की अपील की जा रही है। मौसम खराब होने के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने और स्थानीय प्रशासन की एडवाइजरी का पालन करने की सलाह दी गई है।

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