7.4 तीव्रता के भूकंप ने पश्चिमी कोलंबिया को झकझोरा, कैली और पेरेइरा सबसे ज्यादा प्रभावित; राहत एवं बचाव अभियान तेज
कैली/बोगोटा, 11 अगस्त 2026। कोलंबिया में सोमवार सुबह आए 7.4 तीव्रता के शक्तिशाली भूकंप ने भारी तबाही मचाई है। पश्चिमी हिस्से में आए इस भूकंप में कम से कम 224 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि करीब 3,000 लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। राहत और बचाव दल लगातार ढही इमारतों के मलबे में जीवित लोगों की तलाश कर रहे हैं।
भूकंप के एक दिन बाद भी कई इलाकों में बचाव अभियान जारी है और अधिकारियों का कहना है कि मलबे के नीचे फंसे लोगों को बचाने के लिए हर मिनट बेहद महत्वपूर्ण है।
करीब 24 घंटे बाद मलबे से जिंदा निकला युवक
सबसे प्रभावित शहरों में शामिल कैली में मंगलवार सुबह करीब 4 बजे दमकलकर्मियों ने एक ढही इमारत के मलबे से 35 वर्षीय एक व्यक्ति को जिंदा बाहर निकाला। वह भूकंप आने के करीब 24 घंटे बाद मलबे से निकाला गया।
कैली फायर डिपार्टमेंट ने बचाव का वीडियो साझा करते हुए कहा कि मलबे के नीचे जिंदगी मिली है और हर मिनट महत्वपूर्ण है।
स्थानीय नागरिकों ने भी आंशिक रूप से ढहे एक होटल से कम से कम पांच लोगों को बाहर निकालने में मदद की। हालांकि शहर के कई हिस्सों में तबाही का मंजर बना हुआ है।
कैली में 5,000 घर तबाह
कैली में कम से कम 85 लोगों की मौत की पुष्टि की गई है। शहर के मेयर अलेजांद्रो एदेर के मुताबिक करीब 40 इमारतें पूरी तरह ढह गईं, जिनमें से कई जगहों से 37 लोगों को बचाया गया।
राष्ट्रपति अबेलार्डो डे ला एस्प्रीएला ने बताया कि अकेले वैले डेल काउका क्षेत्र में करीब 5,000 घर नष्ट हो गए हैं और 188 लोग लापता हैं।
कैली की आबादी करीब 23 लाख है और शहर इस समय बड़े राहत अभियान से गुजर रहा है।
पेरेइरा में भी भारी तबाही
कैली से करीब 130 मील उत्तर में स्थित पेरेइरा भी भूकंप से बुरी तरह प्रभावित हुआ है। यहां कम से कम 66 लोगों की मौत की पुष्टि की गई है।
स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार, करीब 58 इमारतें ढह गईं और कई लोग मलबे में फंसे हुए हैं। कम से कम 11 लोगों के लापता होने की भी जानकारी सामने आई है।
पेरेइरा के मेयर मौरिसियो सालाजार ने स्थिति को शहर के इतिहास की सबसे कठिन परिस्थितियों में से एक बताया। उन्होंने कहा कि अस्पतालों में घायलों की संख्या बढ़ने के कारण स्वास्थ्य सेवाओं पर भारी दबाव है।
1999 के बाद सबसे घातक भूकंप
सोमवार सुबह 7:34 बजे आए इस भूकंप को इस सदी में कोलंबिया का सबसे घातक भूकंप बताया जा रहा है।
इससे पहले जनवरी 1999 में इसी पश्चिमी कॉफी उत्पादक क्षेत्र में 6.2 तीव्रता के भूकंप ने भारी तबाही मचाई थी। उस घटना में 1,000 से अधिक लोगों की जान गई थी।
सरकार ने घोषित किया आपातकाल
राष्ट्रपति अबेलार्डो डे ला एस्प्रीएला ने भूकंप के बाद तत्काल आपातकाल की घोषणा की और राहत अभियान की निगरानी खुद करने की बात कही।
उन्होंने प्रभावित चोको क्षेत्र का दौरा किया और इसके बाद कैली पहुंचे। सरकार ने अलग-अलग प्रभावित क्षेत्रों में मंत्रियों के नेतृत्व में राहत दल भेजे हैं। अधिकारियों की ओर से स्थिति को लेकर नियमित अपडेट भी दिए जा रहे हैं।
राष्ट्रपति मंगलवार को पेरेइरा का दौरा करने वाले हैं।
लूटपाट रोकने के लिए 1,000 से ज्यादा सैनिक तैनात
भूकंप के बाद कुछ इलाकों में लूटपाट की खबरों के बीच सरकार ने 1,000 से अधिक सैनिकों को तैनात किया है। इन सैनिकों का उद्देश्य प्रभावित क्षेत्रों में कानून-व्यवस्था बनाए रखना और राहत अभियान को सुरक्षित तरीके से संचालित करना है।
बचाव अभियान के लिए बेहद अहम हैं शुरुआती 72 घंटे
भूकंप के बाद शुरुआती 72 घंटे मलबे में फंसे लोगों को बचाने के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माने जाते हैं। इसी वजह से बचाव दल लगातार ढही इमारतों की तलाशी ले रहे हैं।
कैली और पेरेइरा में स्थानीय नागरिक भी राहत एवं बचाव दलों के साथ मलबा हटाने में जुटे हुए हैं। कई स्थानों पर थके हुए बचावकर्मी और स्वयंसेवक लगातार अभियान के बाद आराम करते दिखाई दिए।
कोलंबिया की प्रतिक्रिया पर भी चर्चा
भूकंप के बाद कोलंबिया की सरकारी प्रतिक्रिया की तुलना पड़ोसी वेनेजुएला में जून में आए दोहरे भूकंप के बाद की प्रतिक्रिया से भी की जा रही है। कोलंबिया में सरकार ने तेजी से आपातकालीन कदम उठाए और सेना तथा प्रशासन को राहत अभियान में लगाया।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, शुरुआती प्रतिक्रिया तेज और संगठित दिखाई दे रही है, लेकिन असली चुनौती अब पुनर्वास, घरों का पुनर्निर्माण और प्रभावित लोगों की आजीविका बहाल करने की होगी।
लैटिन अमेरिका के राजनीतिक विशेषज्ञ ऑरलैंडो पेरेज ने चेतावनी दी कि शुरुआती राहत अभियान के बाद अगर पुनर्निर्माण और सहायता पर्याप्त तेजी से नहीं हुई तो प्रभावित लोगों में असंतोष बढ़ सकता है।
बचाव अभियान जारी
फिलहाल कैली, पेरेइरा और अन्य प्रभावित इलाकों में बचाव दल मलबे में फंसे लोगों की तलाश कर रहे हैं। 224 मौतों और हजारों लोगों के लापता होने के बीच प्रशासन की सबसे बड़ी प्राथमिकता जीवित लोगों को जल्द से जल्द बाहर निकालना और प्रभावित परिवारों तक राहत पहुंचाना है।
