उत्तर प्रदेश के कानपुर में कार्डियोलॉजी अस्पताल के जनरल वार्ड में रविवार सुबह आग लग गई। इस घटना में 2 मरीजों की मौत हो गई। हादसे के वक्त वहां 140 मरीज थे। मृतक मरीजों में घाटमपुर नौरंगा निवासी 80 साल की रसूलन बीबी और हमीरपुर राठ निवासी टेकचंद्र शामिल हैं। परिजन के मुताबिक टेकचंद्र वेंटिलेटर पर थे और आग लगते ही डाक्टर्स ने उन्हें बाहर ले जाने के लिए कहा। इसके बाद बताया कि उनकी मौत हो चुकी है। वहीं, रसूलन बीबी के परिजन ने बताया कि वे सांस की मरीज थीं। रेस्क्यू के दौरान ज्यादा धुएं की वजह से उनकी मौत हो चुकी थी।
जनरल वार्ड में आग के बाद खिड़कियों के शीशे तोड़कर मरीजों को बेड समेत बाहर निकाला गया। फिलहाल, स्वास्थ्य कर्मचारी और फायर सर्विस के लोग ये पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि अंदर तो कोई फंसा नहीं रह गया।
ACP महेंद्र सिंह ने बताया कि ग्राउंड फ्लोर के सभी मरीजों को सुरक्षित निकाल लिया गया है। पहली मंजिल पर 9 मरीजों के फंसे होने की सूचना मिली, लेकिन स्थिति को काबू में कर लिया गया है। मरीजों के लिए खिड़कियों के शीशे तोड़कर वेंटिलेशन की व्यवस्था कर दी गई है।
धुआं कम होने पर ग्राउंड फ्लोर चेक किया जाएगा। ग्राउंड फ्लोर पर अभी किसी के फंसे होने की सूचना नहीं है। शुरुआती जांच में पता चला है कि ग्राउंड फ्लोर पर स्थित स्टोर में शॉर्ट सर्किट की वजह से आग लगी थी।
CM ने मांगी हादसे की रिपोर्ट, जांच के लिए बनाई कमेटी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संबंधित अफसरों से अस्पताल में आग लगने की घटना की रिपोर्ट मांगी है। इसके साथ ही जांच के लिए हाई लेवल कमेटी भी बनाई गई है। इसमें DG फायर सर्विस, आयुक्त कानपुर मंडल और प्रमुख सचिव (चिकित्सा-स्वास्थ्य) शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने यह निर्देश भी दिए हैं कि पहले की तरह सभी सभी अस्पतालों में आग से निपटने के इंतजामों की जांच की जाए।
