सर्विस केबल में गड़बड़ी कर किया जा रहा था इस्तेमाल
बिजली कंपनी के सतर्कता दल के निरीक्षण में सामने आया कि मेसर्स सुपर बिल्डर्स एंड डेवलपर्स के नाम से लिए गए अस्थायी बिजली कनेक्शन की सर्विस केबल में कथित तौर पर गड़बड़ी की गई थी। केबल में कट लगाकर तीनों फेज को बाइपास किया गया था।
इस व्यवस्था के जरिए मीटर में खपत दर्ज हुए बिना बिजली का उपयोग किया जा रहा था। निर्माण कार्य के दौरान बिजली की खपत को मीटर की निगरानी से बाहर रखने का मामला जांच में सामने आया।
स्वीकृत 10 किलोवाट के मुकाबले मिला 24.63 किलोवाट भार
कंपनी के रिकॉर्ड के मुताबिक, भवन के अस्थायी कनेक्शन की स्वीकृत टैरिफ श्रेणी LV-2T थी और स्वीकृत विद्युत भार 10 किलोवाट था। हालांकि, मौके पर जांच के दौरान 24.63 किलोवाट भार पाया गया।
इस तरह भवन में स्वीकृत सीमा से दोगुने से अधिक विद्युत भार का उपयोग सामने आया। मीटर बाइपास और स्वीकृत भार से अधिक बिजली इस्तेमाल किए जाने की स्थिति को देखते हुए सतर्कता दल ने खपत का आकलन किया।
80,105 यूनिट की खपत पर ₹18.36 लाख की बिलिंग
जांच के बाद बिजली कंपनी ने 80,105 यूनिट बिजली की खपत का आकलन करते हुए कुल 18,36,458 रुपये की बिलिंग की। इस कार्रवाई से निर्माणाधीन भवन में बिजली के अनधिकृत इस्तेमाल का मामला सामने आया है।
कंपनी की ओर से की गई इस कार्रवाई में मीटर बाइपास और स्वीकृत विद्युत भार से अधिक उपयोग, दोनों तरह की अनियमितताएं सामने आईं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, कंपनी ने आकलित खपत के आधार पर बिलिंग की है।
बिजली चोरी रोकने के लिए सतर्कता दल की जांच
बिजली कंपनी के सतर्कता दल समय-समय पर कनेक्शनों और विद्युत भार की जांच करते हैं, ताकि मीटर में दर्ज हुए बिना बिजली के इस्तेमाल और स्वीकृत भार से अधिक खपत जैसी अनियमितताओं का पता लगाया जा सके। भोपाल के VIP रोड स्थित इस निर्माणाधीन भवन का मामला भी ऐसी ही जांच के दौरान सामने आया।
