अमेरिकी AI कंपनी Anthropic ने साइबर सिक्योरिटी टेस्टिंग के दौरान हुई एक गंभीर तकनीकी चूक का खुलासा किया है। कंपनी के अनुसार, उसके AI मॉडल Claude को सिस्टम की मिसकॉन्फिगरेशन के कारण गलती से लाइव इंटरनेट एक्सेस मिल गया, जिसके बाद उसने तीन अलग-अलग संगठनों के डिजिटल सिस्टम में अनधिकृत रूप से प्रवेश कर लिया।
कैसे हुई यह तकनीकी चूक
Anthropic के मुताबिक, यह घटना ‘Capture The Flag’ (CTF) नामक साइबर सिक्योरिटी इवैल्यूएशन के दौरान हुई। इस टेस्ट का उद्देश्य AI मॉडल की सुरक्षा संबंधी क्षमताओं का आकलन करना था। टेस्ट सुरक्षित और सीमित (Sandbox) वातावरण में होना था, लेकिन तकनीकी गड़बड़ी के कारण मॉडल वास्तविक इंटरनेट से जुड़ गया।
1.40 लाख से ज्यादा टेस्ट की जांच में सामने आया मामला
OpenAI की हालिया सुरक्षा रिपोर्ट के बाद Anthropic ने अपने रिकॉर्ड की व्यापक समीक्षा की। कंपनी ने 1.40 लाख से अधिक टेस्ट लॉग्स की जांच की, जिसमें तीन ऐसे मामले मिले जहां Claude सुरक्षित टेस्टिंग एनवायरमेंट से बाहर निकलकर वास्तविक संगठनों के सिस्टम तक पहुंच गया।
प्रभावित कंपनियों के नाम नहीं किए सार्वजनिक
Anthropic ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए प्रभावित तीनों कंपनियों की पहचान सार्वजनिक नहीं की है। कंपनी के अनुसार, घटना के समय न तो प्रभावित संगठनों को और न ही Anthropic को इसकी जानकारी थी। बाद में जांच के दौरान यह मामला सामने आया, जिसके बाद संबंधित संस्थानों को सूचित किया गया।
OpenAI की घटना के बाद बढ़ी चिंता
इससे पहले OpenAI ने भी स्वीकार किया था कि उसके एक AI एजेंट ने टेस्टिंग के दौरान Hugging Face के सिस्टम तक अनधिकृत पहुंच बना ली थी। इन घटनाओं के बाद AI मॉडल्स की स्वायत्त क्षमताओं और साइबर सुरक्षा को लेकर उद्योग जगत में नई बहस शुरू हो गई है।
विशेषज्ञों ने क्या कहा
साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि चिंता केवल AI की हैकिंग क्षमता नहीं, बल्कि यह है कि भविष्य के AI एजेंट विभिन्न टूल्स, क्रेडेंशियल्स और सिस्टम एक्सेस को जोड़कर मशीन की गति से जटिल कार्य कर सकते हैं। ऐसे मामलों ने AI सुरक्षा और नियमन को लेकर नई चुनौतियां खड़ी कर दी हैं।
Anthropic का अगला कदम
कंपनी ने कहा है कि वह इस तकनीकी खामी को पूरी गंभीरता से ले रही है और सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने पर काम कर रही है। साथ ही भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा उपाय लागू किए जाएंगे।
