नितिन नामदेव, रायपुर। राजधानी रायपुर में गणेश विसर्जन झांकी के रूट को लेकर इस बार विवाद की स्थिति बनती नजर आ रही है। सदर रोड से झांकी नहीं निकालने की मांग को लेकर व्यापारियों और स्थानीय लोगों की ओर से विरोध शुरू हो गया है। वहीं, सदर रोड पर DJ, धूमाल और तेज साउंड पर प्रतिबंध की मांग को लेकर जगह-जगह पोस्टर भी लगाए गए हैं।
सदर रोड सर्राफा संघ ने इस संबंध में पुलिस को ज्ञापन सौंपा है। संघ की मांग है कि सिटी कोतवाली चौक से कंकाली अस्पताल तक तेज आवाज वाले सभी साउंड सिस्टम और उपकरणों पर रोक लगाई जाए।
सदर रोड से झांकी नहीं निकालने की मांग
व्यापारियों का कहना है कि बढ़ती आबादी के बीच सदर बाजार का रास्ता काफी संकरा हो गया है। गणेश विसर्जन झांकी के दौरान भारी भीड़ और वाहनों के कारण जाम की स्थिति बन सकती है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, बुजुर्गों और बच्चों को भी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
सराफा व्यापारी संघ के पूर्व अध्यक्ष हरेक मालु ने मांग की है कि इस बार गणेश विसर्जन झांकी को सदर रोड से न ले जाकर वैकल्पिक मार्ग से निकाला जाए।
बूढ़ा तालाब-मालवीय रोड से डायवर्ट करने का सुझाव
हरेक मालु ने सुझाव दिया कि झांकी को बूढ़ा तालाब और मालवीय रोड की ओर से डायवर्ट किया जा सकता है। उनका कहना है कि यदि झांकी के स्वागत के लिए पंडाल लगाए जाते हैं, तो इन्हें वैकल्पिक मार्ग पर भी लगाया जा सकता है।
उन्होंने यह भी कहा कि सदर बाजार क्षेत्र में पहले मकान गिरने जैसी घटना सामने आ चुकी है। ऐसे में झांकी के दौरान सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर विशेष ध्यान देने की जरूरत है।
कलेक्टर और कमिश्नर को दिया ज्ञापन
व्यापारियों ने बताया कि अपनी मांगों को लेकर कलेक्टर और कमिश्नर को ज्ञापन सौंपा गया है। इसके अलावा स्थानीय थाना प्रभारी से भी ऐसी व्यवस्था बनाने का अनुरोध किया गया है, जिससे गणेश विसर्जन के दौरान किसी को परेशानी न हो।
व्यापारियों की प्रमुख मांगों में सदर रोड से तेज साउंड, DJ और धूमाल के साथ झांकी नहीं निकालना तथा इस मार्ग पर तेज आवाज वाले उपकरणों पर पूर्ण प्रतिबंध शामिल है।
सड़क पर लगाए गए प्रतिबंध के पोस्टर
सदर रोड पर तेज आवाज और DJ-धूमाल पर प्रतिबंध की मांग को लेकर पोस्टर चस्पा किए गए हैं। इसके बाद यह मुद्दा स्थानीय स्तर पर चर्चा में आ गया है।
फिलहाल सदर बाजार से गणेश विसर्जन झांकी का अंतिम रूट क्या होगा, इस पर प्रशासन की आधिकारिक व्यवस्था सामने आना बाकी है। व्यापारियों और स्थानीय लोगों की मांग के बाद अब प्रशासन के फैसले पर नजर है।
