भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर ने सभी फॉर्मेट की कप्तानी छोड़ने का फैसला किया है। उन्होंने मंगलवार, 6 अक्टूबर को सोशल मीडिया पर भावुक पोस्ट के जरिए अपने फैसले की जानकारी दी। यह फैसला गुवाहाटी में हुई BCCI की रिव्यू मीटिंग के बाद सामने आया है।
हरमनप्रीत ने स्पष्ट किया कि वह क्रिकेट से संन्यास नहीं ले रही हैं। वह भारतीय टीम के लिए बतौर खिलाड़ी खेलती रहेंगी। अपने संदेश में उन्होंने कप्तानी को विदाई देते हुए कहा कि अब वह फिर से सिर्फ खेल के प्यार के लिए मैदान पर उतरने के लिए तैयार हैं।
आसान नहीं था कप्तानी छोड़ने का फैसला
हरमनप्रीत कौर ने अपनी पोस्ट में लिखा कि सभी फॉर्मेट की कप्तानी छोड़ना उनके लिए आसान फैसला नहीं था। उनके मुताबिक, कप्तानी के इस सफर में वर्षों की यादें, भावनाएं, त्याग और कई ऐसे पल जुड़े हैं, जिन्हें वह हमेशा याद रखेंगी।
उन्होंने कहा कि उन्होंने भारतीय महिला क्रिकेट और टीम के लिए अपना सब कुछ दिया। कई मौकों पर टीम को प्राथमिकता देने के लिए उन्हें अपने व्यक्तिगत प्रदर्शन, विकास और महत्वाकांक्षाओं को पीछे रखना पड़ा।
कठिन फैसलों का भी किया जिक्र
हरमनप्रीत ने कहा कि कप्तान के तौर पर उन्हें कई कठिन फैसले लेने पड़े, जिन्हें हर बार समझा नहीं गया। कुछ फैसलों की व्यक्तिगत कीमत भी उन्हें चुकानी पड़ी। हालांकि, उनका उद्देश्य हमेशा टीम को बेहतर बनाना और दूसरी खिलाड़ियों को आगे बढ़ने का मौका देना रहा।
उन्होंने भरोसा जताया कि भारतीय टीम इस समय मजबूत स्थिति में है और उसके पास प्रतिभा, चरित्र और भविष्य के लिए जरूरी विश्वास मौजूद है। हरमनप्रीत ने कहा कि उन्हें लगता है कि उन्होंने अपनी जिम्मेदारी पूरी ईमानदारी से निभाई है।
विश्व कप जिताने वाली पहली भारतीय महिला कप्तान
हरमनप्रीत कौर के कप्तानी करियर की सबसे बड़ी उपलब्धि 2025 में भारत को पहली बार महिला वनडे विश्व कप जिताना रही। उनकी कप्तानी में भारतीय टीम ने घरेलू मैदान पर यह ऐतिहासिक खिताब अपने नाम किया।
इसके अलावा उनकी अगुआई में भारत ने एशियन गेम्स में लगातार दो स्वर्ण पदक जीते। हाल ही में 2026 एशियन गेम्स में भी भारतीय महिला टीम ने गोल्ड मेडल अपने नाम किया था।
वनडे में शानदार रहा कप्तानी रिकॉर्ड
हरमनप्रीत ने 2013 में पहली बार भारतीय महिला टीम की वनडे कप्तानी संभाली थी। उनके नेतृत्व में भारत ने 51 वनडे मुकाबले खेले, जिनमें टीम ने 30 मैच जीते। 19 मुकाबलों में हार मिली, जबकि एक मैच टाई रहा और एक का नतीजा नहीं निकला।
वनडे में जीत के मामले में हरमनप्रीत भारत की सफल कप्तानों में शामिल हैं। उनसे आगे मिताली राज का नाम आता है। मिताली की कप्तानी में भारतीय टीम ने 155 वनडे में 89 मुकाबले जीते थे।
T20 इंटरनेशनल में भी बनाया बड़ा रिकॉर्ड
T20 इंटरनेशनल में हरमनप्रीत कौर का कप्तानी कार्यकाल भारतीय महिला क्रिकेट के सबसे लंबे और प्रभावशाली दौर में शामिल रहा। ICC के अनुसार, उन्होंने 2016 में सबसे छोटे फॉर्मेट की कप्तानी संभाली थी और बाद में सभी फॉर्मेट की कप्तान बनीं।
उनकी कप्तानी में भारत ने T20 क्रिकेट में कई अहम उपलब्धियां हासिल कीं। हरमनप्रीत महिला T20 क्रिकेट में सबसे ज्यादा कप्तानी करने वाली खिलाड़ियों में भी शामिल हैं।
एशिया कप और एशियन गेम्स में भी दबदबा
हरमनप्रीत की कप्तानी में भारतीय महिला टीम ने एशिया कप और एशियन गेम्स में भी शानदार प्रदर्शन किया। उनकी अगुआई में भारत ने एशियन गेम्स में लगातार दो बार स्वर्ण पदक जीता।
2022 बर्मिंघम कॉमनवेल्थ गेम्स में भी भारतीय टीम ने उनकी कप्तानी में रजत पदक हासिल किया था। हरमनप्रीत के नेतृत्व में टीम ने एशिया कप में भी कई खिताब जीते।
कप्तानी खत्म, लेकिन क्रिकेट का सफर जारी
कप्तानी से इस्तीफा देने के बाद हरमनप्रीत कौर ने साफ किया कि भारतीय क्रिकेट के साथ उनका रिश्ता खत्म नहीं हुआ है। उन्होंने अपनी पोस्ट में टीम की साथी खिलाड़ियों, कोचिंग स्टाफ, सपोर्ट स्टाफ, मैनेजमेंट, BCCI, परिवार और प्रशंसकों का आभार जताया।
उन्होंने कहा कि कप्तानी का अध्याय भले ही खत्म हो गया है, लेकिन भारतीय क्रिकेट के लिए उनका प्यार हमेशा कायम रहेगा। अब वह एक खिलाड़ी के तौर पर मैदान पर अपना सफर जारी रखने के लिए तैयार हैं।
