दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान FZ1073 के कॉकपिट में हुए हमले की जांच के बीच सह-पायलट की पहचान सामने आई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक आरोपी की पहचान ओमान के नागरिक हमाम अल-हमामी के रूप में हुई है। उस पर भारतीय मूल के कैप्टन स्मित मच्छार पर उड़ान के दौरान हमला करने का आरोप है। घटना के बाद विमान को सऊदी अरब के ताबूक में आपात स्थिति में उतारा गया था।
सह-पायलट की पहचान हमाम अल-हमामी के रूप में
अल-अरबिया और अन्य मीडिया रिपोर्ट्स के हवाले से हमाम अल-हमामी की पहचान फ्लाईदुबई के सह-पायलट के तौर पर सामने आई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, वह ओमानी नागरिक है और पहले ओमान एयर से भी जुड़ा रहा था।
कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि उसे 2024 में कथित चरमपंथी विचारों से जुड़ी सुरक्षा चिंताओं के कारण ओमान एयर की ट्रेनिंग भूमिका से हटाया गया था। हालांकि, इस पृष्ठभूमि और मौजूदा घटना के बीच संबंध की जांच अभी जारी है।
कॉकपिट में हमला, तेजी से नीचे आया विमान
30 सितंबर को FZ1073 दुबई से तेल अवीव के लिए रवाना हुआ था। उड़ान के दौरान कॉकपिट में दोनों पायलटों के बीच हिंसक झड़प हुई। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कैप्टन स्मित मच्छार पर धारदार हथियार से हमला किया गया, जिसके बाद विमान ने कुछ ही समय में हजारों फीट की ऊंचाई खो दी।
हमले में घायल होने के बावजूद कैप्टन मच्छार कॉकपिट का दरवाजा खोलने में सफल रहे। इसके बाद यात्रियों और क्रू सदस्यों ने कॉकपिट में पहुंचकर आरोपी सह-पायलट को काबू किया। विमान में मौजूद अतिरिक्त/ऑफ-ड्यूटी पायलटों ने विमान को स्थिर करने में मदद की।
ताबूक में हुई इमरजेंसी लैंडिंग
स्थिति नियंत्रित होने के बाद फ्लाईदुबई के विमान को सऊदी अरब के ताबूक एयरपोर्ट की ओर मोड़ा गया, जहां उसकी सुरक्षित आपात लैंडिंग कराई गई। घटना में दोनों पायलट घायल हुए थे और उन्हें उपचार दिया गया।
कट्टरपंथी कनेक्शन की भी जांच
घटना के बाद आरोपी के कथित वैचारिक और डिजिटल बैकग्राउंड की भी जांच की जा रही है। कुछ रिपोर्ट्स में उसके सोशल मीडिया पोस्ट और कथित चरमपंथी विचारों का उल्लेख किया गया है। हालांकि, जांच एजेंसियां अभी यह पता लगाने में जुटी हैं कि हमले के पीछे वास्तविक मकसद क्या था और क्या इसका किसी आतंकवादी गतिविधि या पूर्व नियोजित साजिश से संबंध था।
यूएई ने घटना की व्यापक जांच शुरू की है। जांच में हमले की परिस्थितियों, मकसद और संभावित आतंकवादी कनेक्शन की पड़ताल की जा रही है।
विमान सुरक्षा पर उठे सवाल
इस घटना ने एयरलाइन पायलटों की बैकग्राउंड स्क्रीनिंग, कॉकपिट सुरक्षा और आंतरिक सुरक्षा खतरों को लेकर नए सवाल खड़े किए हैं। खास तौर पर यह जांच का विषय है कि कथित सुरक्षा चिंताओं के बावजूद आरोपी अंतरराष्ट्रीय उड़ान में सह-पायलट के रूप में कैसे तैनात हुआ।
