सुबह नींद से जागने के बाद कमर, गर्दन, कंधों या पैरों में जकड़न महसूस होना कई लोगों के लिए आम समस्या हो सकती है। लंबे समय तक एक ही स्थिति में सोने, शारीरिक गतिविधि कम होने या पोश्चर से जुड़ी आदतों के कारण शरीर में अकड़न महसूस हो सकती है। ऐसे में बिस्तर से उठते ही तेज मूवमेंट करने के बजाय कुछ देर हल्की स्ट्रेचिंग और योग से शुरुआत करना बेहतर हो सकता है।
सुबह किए जाने वाले कुछ आसान योगासन शरीर को धीरे-धीरे सक्रिय करने और मांसपेशियों के लचीलेपन को बनाए रखने में मदद कर सकते हैं। अगर आपको सुबह उठने पर शरीर में भारीपन या हल्की जकड़न महसूस होती है, तो इन आसनों को अपनी दिनचर्या में शामिल किया जा सकता है।
1. बालासन
बालासन पीठ, कमर और कंधों को हल्का आराम देने वाला आसन है। लंबे समय तक बैठकर काम करने वालों के लिए भी यह स्ट्रेचिंग रूटीन का हिस्सा हो सकता है।
कैसे करें?
- योग मैट पर घुटनों के बल बैठें।
- धीरे-धीरे आगे की ओर झुकें और माथे को जमीन पर रखें।
- हाथों को सामने की ओर फैलाएं या शरीर के दोनों तरफ रखें।
- सामान्य रूप से सांस लेते हुए 20 से 30 सेकंड तक इसी स्थिति में रहें।
- इसके बाद धीरे-धीरे सामान्य स्थिति में लौटें।
2. सेतुबंधासन
सुबह कमर और कूल्हों के आसपास जकड़न महसूस होने पर सेतुबंधासन का अभ्यास किया जा सकता है। इसमें ग्लूट्स, जांघों और पीठ की मांसपेशियों पर काम होता है।
कैसे करें?
पीठ के बल लेटकर दोनों घुटनों को मोड़ें और पैरों को जमीन पर रखें। हाथ शरीर के दोनों तरफ रखें। अब सांस लेते हुए धीरे-धीरे कूल्हों को ऊपर उठाएं। कुछ सेकंड रुकने के बाद सांस छोड़ते हुए वापस नीचे आएं। इसे अपनी क्षमता के अनुसार 5 से 8 बार दोहराया जा सकता है।
3. मार्जरी आसन
मार्जरी आसन रीढ़ की हड्डी को धीरे-धीरे मूवमेंट देने के लिए किया जाता है। नियमित अभ्यास से पीठ और कमर के आसपास लचीलेपन को बनाए रखने में मदद मिल सकती है।
कैसे करें?
- हाथों और घुटनों के सहारे मैट पर आ जाएं।
- हथेलियों को कंधों के नीचे और घुटनों को कूल्हों के नीचे रखें।
- सांस लेते हुए पेट को हल्का नीचे करें और गर्दन को सहज रूप से ऊपर उठाएं।
- सांस छोड़ते हुए पीठ को गोल करें और ठोड़ी को छाती की ओर लाएं।
- इस मूवमेंट को 8 से 10 बार धीरे-धीरे दोहराएं।
4. पवनमुक्तासन
पवनमुक्तासन पेट और कमर के आसपास हल्का खिंचाव देने वाला आसन है। सुबह शरीर को आराम से सक्रिय करने वाली योग दिनचर्या में इसे शामिल किया जा सकता है।
कैसे करें?
पीठ के बल सीधे लेट जाएं। इसके बाद एक या दोनों घुटनों को मोड़कर छाती की ओर लाएं। दोनों हाथों से घुटनों को हल्के से पकड़ें और कुछ समय तक सामान्य रूप से सांस लेते रहें। इसके बाद धीरे-धीरे पैरों को वापस सीधा करें।
5. सुप्त पादांगुष्ठासन
सुबह उठने पर पैरों के पिछले हिस्से यानी हैमस्ट्रिंग में खिंचाव या जकड़न महसूस होती है तो सुप्त पादांगुष्ठासन हल्की स्ट्रेचिंग के लिए किया जा सकता है। यह पैरों और कूल्हों के आसपास लचीलेपन पर काम करता है।
कैसे करें?
- पीठ के बल सीधे लेट जाएं।
- एक पैर को धीरे-धीरे ऊपर उठाएं।
- हाथ से जांघ या पिंडली को सहारा दें।
- जरूरत हो तो योग स्ट्रैप का इस्तेमाल किया जा सकता है।
- घुटने को जबरदस्ती सीधा करने की कोशिश न करें।
- करीब 20 से 30 सेकंड तक रुकने के बाद पैर नीचे लाएं।
- दूसरे पैर से भी यही प्रक्रिया दोहराएं।
योग करते समय इन बातों का रखें ध्यान
सुबह उठते ही शरीर को अचानक खींचने या झटके देने से बचना चाहिए। शुरुआत हल्के मूवमेंट से करें और अपनी क्षमता के अनुसार ही किसी आसन को करें। किसी मुद्रा के दौरान दर्द, चक्कर या असहजता महसूस हो तो तुरंत अभ्यास रोक दें।
अगर कमर में लगातार दर्द रहता है, पैरों में झनझनाहट या कमजोरी महसूस होती है अथवा जकड़न काफी ज्यादा है, तो केवल योग पर निर्भर रहने के बजाय डॉक्टर या फिजियोथेरेपिस्ट से सलाह लेना उचित है।
हल्की और नियमित योग दिनचर्या सुबह शरीर को सक्रिय करने तथा मांसपेशियों के लचीलेपन को बनाए रखने में मदद कर सकती है। हालांकि, हर व्यक्ति की शारीरिक स्थिति अलग होती है, इसलिए योगासन करते समय अपनी क्षमता और आराम का ध्यान रखना जरूरी है।

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