Headlines

राजनांदगांव सड़क पर सफर जोखिम भरा, धूल और गड्ढों से राहगीर परेशान

राजनांदगांव सड़क पर सफर जोखिम भरा, धूल और गड्ढों से राहगीर परेशान राजनांदगांव सड़क पर सफर जोखिम भरा, धूल और गड्ढों से राहगीर परेशान

राजनांदगांव-खैरागढ़ मुख्य मार्ग पर निर्माण कार्य की धीमी रफ्तार और सड़क की खराब स्थिति के कारण राहगीरों की परेशानी बढ़ गई है। करीब 90 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे इस मार्ग पर रोजाना बड़ी संख्या में भारी वाहन, चारपहिया और दोपहिया वाहन गुजरते हैं। डोंगरगढ़ और महाराष्ट्र की ओर आने-जाने के लिए भी यह महत्वपूर्ण मार्ग है।-निर्माणाधीन सड़क पर जगह-जगह गड्ढे, उखड़ा डामर और उड़ती धूल वाहन चालकों के लिए चुनौती बन गई है। स्थानीय ग्रामीणों और सड़क किनारे कारोबार करने वाले दुकानदारों को भी इसका सामना करना पड़ रहा है।

यह भी पढ़े:फ्लाईदुबई कॉकपिट हमले में सह-पायलट की पहचान उजागर

अधूरा निर्माण और उखड़ा डामर बना परेशानी

बारिश शुरू होने के बाद काफी समय तक सड़क निर्माण का काम बंद रहा। कुछ दिन पहले निर्माण कार्य फिर से शुरू हुआ है, लेकिन खैरागढ़ से बढ़ईटोला के बीच का हिस्सा सबसे ज्यादा प्रभावित बताया जा रहा है।

कई जगह गिट्टी बिछाकर सड़क को छोड़ दिया गया है, जबकि कुछ हिस्सों में डामरीकरण किया जा चुका है। स्थानीय लोगों के अनुसार, पहली बारिश के बाद कई स्थानों पर डामर उखड़ गया और सड़क पर बड़े गड्ढे बन गए हैं। इससे वाहन चालकों को संभलकर गुजरना पड़ रहा है।

पानी का छिड़काव नहीं होने से उड़ रही धूल

निर्माणाधीन सड़क पर नियमित पानी का छिड़काव नहीं होने से भारी वाहनों के गुजरते ही धूल का गुबार उठने लगता है। इससे पीछे या सामने से आने वाले वाहनों की दृश्यता प्रभावित होती है।

सड़क किनारे मौजूद दुकानदारों और ग्रामीणों को भी लगातार उड़ती धूल से परेशानी हो रही है। स्थानीय लोगों ने धूल पर नियंत्रण के लिए नियमित पानी छिड़काव की मांग की है।

यह भी पढ़े: भारत-पाकिस्तान गोल्ड मेडल मैच में फिर नहीं मिला हाथ

स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता

इस मार्ग से रोजाना बड़ी संख्या में स्कूली बच्चे भी गुजरते हैं। भारी वाहनों की आवाजाही के बीच धूल के कारण दृश्यता कम होने से बच्चों की सुरक्षा को लेकर स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ गई है।

राहगीरों, ग्रामीणों और दुकानदारों का कहना है कि जब तक सड़क का निर्माण पूरा नहीं हो जाता, तब तक नियमित रूप से पानी का छिड़काव कराया जाना चाहिए। इससे धूल कम करने के साथ आवागमन को भी सुरक्षित बनाने में मदद मिल सकती है।

यह भी पढ़े: MP में न्यूनतम वेतन बढ़ा, 50 लाख श्रमिकों को फायदा मिलेगा

निर्माण पूरा होने तक व्यवस्था सुधारने की मांग

स्थानीय लोगों ने प्रशासन और संबंधित निर्माण एजेंसी से सड़क की स्थिति पर ध्यान देने की मांग की है। लोगों का कहना है कि निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा संबंधी जरूरी इंतजाम किए जाने चाहिए, ताकि वाहन चालकों, स्कूली बच्चों और आसपास के लोगों को परेशानी न हो।

अब स्थानीय लोगों की नजर इस बात पर है कि प्रशासन निर्माणाधीन मार्ग की समस्या को लेकर क्या कदम उठाता है और सड़क पर नियमित पानी छिड़काव की व्यवस्था कब तक शुरू होती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *