छत्तीसगढ़ में अवैध शराब के खिलाफ आबकारी विभाग की कार्रवाई के दौरान दो अलग-अलग मामलों में दूसरे राज्यों में बिक्री के लिए निर्धारित शराब जब्त की गई है। बस्तर जिले में जगदलपुर-रायपुर नेशनल हाईवे पर मध्यप्रदेश में बिक्री के लिए निर्धारित गोवा ब्रांड की विदेशी शराब की 20 पेटियां बरामद की गईं। वहीं, रायपुर में नरदहा-चंद्रखुरी मार्ग पर झारखंड की देशी शराब रॉयल झारखंड जब्त की गई। दोनों मामलों में आरोपियों के खिलाफ आबकारी अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा रही है।
बस्तर में मध्यप्रदेश की शराब की 20 पेटियां जब्त
बस्तर में आबकारी विभाग के जगदलपुर वृत्त की टीम ने ग्राम सोनारपाल के पास जांच के दौरान एक टाटा एरिया वाहन से विदेशी शराब बरामद की। अधिकारियों के अनुसार, जब्त शराब की मात्रा 180 लीटर यानी 20 पेटियां है। इसकी कीमत करीब 1 लाख 28 हजार रुपये बताई गई है।
शराब के परिवहन में इस्तेमाल वाहन की कीमत लगभग 7 लाख रुपये आंकी गई है। इस तरह शराब और वाहन समेत कुल 8 लाख 28 हजार रुपये का सामान जब्त किया गया।
एक आरोपी गिरफ्तार, दूसरा फरार
इस मामले में दुर्ग जिले के सुपेला स्थित शास्त्री नगर निवासी 33 वर्षीय देवेंद्र कुमार जांगड़े को आरोपी बनाया गया है। वहीं, जोगेन्दर कश्यप उर्फ जोगी के फरार होने की जानकारी दी गई है।
आबकारी विभाग ने आबकारी अधिनियम, 1915 की विभिन्न धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू की है। जांच में यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि शराब कहां से लाई जा रही थी और इसे कहां पहुंचाया जाना था।
रायपुर में झारखंड की देशी शराब बरामद
दूसरी कार्रवाई रायपुर में नरदहा-चंद्रखुरी मार्ग पर की गई। यहां आबकारी विभाग ने मोटरसाइकिल से शराब लेकर जा रहे एक व्यक्ति को पकड़ा। उसके पास से झारखंड में निर्मित रॉयल झारखंड ब्रांड की 30.3 लीटर देशी शराब जब्त की गई।
जब्त शराब और मोटरसाइकिल की कुल कीमत 51,765 रुपये आंकी गई है। आरोपी झारखंड के बोकारो का निवासी बताया गया है। मामले में आबकारी विभाग की ओर से आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
दूसरे राज्यों की शराब की बरामदगी से तस्करी पर सवाल
बस्तर और रायपुर में हुई इन कार्रवाइयों में दूसरे राज्यों में बिक्री के लिए निर्धारित शराब की बरामदगी सामने आई है। ऐसे मामलों में शराब की आपूर्ति, परिवहन के रास्ते और स्थानीय स्तर पर इसकी खपत की जांच अहम होती है।
हालांकि, इन दो कार्रवाइयों के आधार पर यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि छत्तीसगढ़ में बनी शराब की मांग कम है या दूसरे राज्यों की शराब को अधिक पसंद किया जा रहा है। फिलहाल, आबकारी विभाग की कार्रवाई का केंद्र अवैध परिवहन और शराब की जब्ती है।
