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भोपाल के बैरागढ़ में नाबालिग की हत्या, खंडहर में मिला शव

भोपाल के बैरागढ़ में नाबालिग की हत्या के मामले की जांच करती पुलिस और खंडहरनुमा इमारत भोपाल बैरागढ़ में नाबालिग की हत्या का मामला
भोपाल के बैरागढ़ इलाके में लापता हुई नाबालिग का शव शुक्रवार सुबह एक खंडहरनुमा इमारत की तीसरी मंजिल पर मिला। घटना के बाद इलाके में आक्रोश फैल गया। पुलिस ने मामले में 23 वर्षीय मुईन बेग को गिरफ्तार किया है। शुरुआती जांच में बच्ची की गला दबाकर हत्या किए जाने की आशंका सामने आई है। यौन अपराध से जुड़े आरोपों की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और आगे की जांच से होनी है।

रात से लापता थी बच्ची

पुलिस और मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, बच्ची गुरुवार रात करीब 8 बजे बैरागढ़ बाजार के आसपास दिखाई दी थी। इसके बाद वह घर नहीं लौटी। परिजनों ने रातभर उसकी तलाश की और देर रात बैरागढ़ थाने पहुंचकर गुमशुदगी की सूचना दी।

जांच के दौरान पुलिस ने आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। रिपोर्टों के अनुसार, फुटेज में बच्ची आरोपी के साथ दिखाई दी थी। पुलिस ने इसी सुराग के आधार पर जांच आगे बढ़ाई।

खंडहरनुमा इमारत में मिला शव

शुक्रवार सुबह बच्ची का शव कृष्णा कॉम्प्लेक्स के पास स्थित एक पुरानी, खंडहरनुमा इमारत की तीसरी मंजिल पर मिला। शव कंबल में लिपटा हुआ था। घटनास्थल से जुड़े साक्ष्य जुटाने के लिए पुलिस ने कार्रवाई की और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।

पुलिस जांच में मुईन बेग का नाम सामने आया, जिसके बाद उसे गिरफ्तार किया गया। मामले में यौन हिंसा और हत्या से जुड़े आरोपों की जांच की जा रही है। अपराध की परिस्थितियों और मौत के सटीक कारण की पुष्टि संबंधित मेडिकल रिपोर्ट तथा अन्य साक्ष्यों के आधार पर होगी।

थाने के बाहर प्रदर्शन, कड़ी कार्रवाई की मांग

घटना की जानकारी सामने आने के बाद स्थानीय लोगों और हिंदू संगठनों के सदस्यों ने बैरागढ़ थाने के बाहर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई और कड़ी सजा की मांग की। भीड़ जुटने के कारण इलाके में यातायात भी प्रभावित होने की खबर सामने आई।

कुछ रिपोर्टों में विरोध के दौरान वाहनों में तोड़फोड़ की बात भी कही गई है। ऐसी घटनाओं की जिम्मेदारी और विवरण पुलिस की पुष्टि के आधार पर ही प्रकाशित किए जाने चाहिए।

पुलिस की कार्रवाई पर भी उठे सवाल

परिजनों की ओर से बच्ची के लापता होने की सूचना देने और पुलिस की कार्रवाई के समय को लेकर सवाल उठाए गए हैं। उपलब्ध रिपोर्टों में गुमशुदगी की शिकायत और केस दर्ज किए जाने के समय को लेकर पूरा विवरण एकसमान नहीं है। इसलिए पुलिस की लापरवाही के संबंध में किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले आधिकारिक रिकॉर्ड और विभागीय पक्ष की पुष्टि जरूरी है।

फिलहाल पुलिस आरोपी के खिलाफ मामले की जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फॉरेंसिक साक्ष्य और अन्य जांच निष्कर्षों से घटना से जुड़े तथ्यों को स्पष्ट करने में मदद मिलेगी।

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