विदेश अध्ययन छात्रवृत्ति की 14 सीटें लंबित होने का दावा
JAY मूवमेंट OBC के संस्थापक लखपत गुर्जर ने दावा किया कि वर्ष 2025-26 की विदेश अध्ययन छात्रवृत्ति योजना की 14 सीटों से जुड़े मामले अब तक लंबित हैं। उनका कहना है कि पात्र विद्यार्थियों को पहले छात्रवृत्ति का लाभ दिया जाना चाहिए और इसके बाद ही नई चयन प्रक्रिया शुरू की जानी चाहिए।
प्रदर्शनकारियों ने छात्रवृत्ति के चयन, बजट और प्रशासनिक प्रक्रिया में देरी की जांच कराने की मांग भी की। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को लंबित मामलों की स्थिति और सरकार के निर्णय की लिखित जानकारी दी जानी चाहिए।
27 प्रतिशत OBC आरक्षण लागू करने की मांग
आंदोलनकारियों ने मध्यप्रदेश में अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए 27 प्रतिशत आरक्षण के पूर्ण क्रियान्वयन की मांग उठाई। लखपत गुर्जर ने आरोप लगाया कि छात्रवृत्ति के मामले में मंत्री और संबंधित विभाग के बीच जिम्मेदारी को लेकर स्पष्टता नहीं है।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि सरकार को कानून और न्यायालयों के आदेशों के अनुरूप आवश्यक कदम उठाने चाहिए। आरक्षण से जुड़े कानूनी और प्रशासनिक मामलों में अंतिम स्थिति संबंधित सरकारी आदेशों तथा न्यायालय के फैसलों पर निर्भर करती है।
तीन दिन में निर्णय नहीं हुआ तो आंदोलन तेज करने की चेतावनी
आजाद समाज पार्टी के युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष अनिल गुर्जर ने भी छात्रवृत्ति प्रक्रिया में पारदर्शिता और विद्यार्थियों के अधिकारों की मांग का समर्थन किया। आंदोलनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि तीन दिन के भीतर उनकी मांगों पर ठोस और लिखित निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन को व्यापक किया जाएगा।
फिलहाल प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगें विदेश अध्ययन छात्रवृत्ति की लंबित सीटों पर निर्णय, चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता और 27 प्रतिशत OBC आरक्षण का पूर्ण क्रियान्वयन हैं। सरकार की ओर से इन मांगों पर आधिकारिक प्रतिक्रिया की जानकारी उपलब्ध होने पर मामले की स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।
