देश के कई हिस्सों में वायु प्रदूषण बढ़ने और एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) खराब होने के बीच रोजाना घर से बाहर निकलने वाले लोगों के लिए सावधानी बरतना जरूरी है। ऑफिस, कॉलेज या दूसरे कामों के लिए बाहर जाने वाले लोगों को प्रदूषित हवा के संपर्क में आने से सांस और फेफड़ों से जुड़ी समस्याओं का खतरा हो सकता है। ऐसे में कुछ जरूरी आदतें अपनाकर प्रदूषण के संपर्क को कम करने में मदद मिल सकती है।
वाहनों से निकलने वाला धुआं, निर्माण कार्यों से उड़ने वाली धूल और पराली जलाने जैसी गतिविधियां वायु प्रदूषण बढ़ाने वाले प्रमुख कारकों में शामिल हैं। हवा में मौजूद PM2.5 और PM10 जैसे सूक्ष्म कण सांस के साथ शरीर में प्रवेश कर सकते हैं। लंबे समय तक प्रदूषित हवा के संपर्क में रहने से अस्थमा और अन्य श्वसन संबंधी समस्याएं बढ़ सकती हैं। इसलिए खराब AQI के दौरान बाहर निकलते समय अतिरिक्त सतर्कता बरतनी चाहिए।
बाहर जाते समय N95 मास्क पहनें
अगर आपको रोजाना ऑफिस या कॉलेज जाना पड़ता है, तो बाहर निकलते समय अच्छी फिटिंग वाला N95 मास्क पहनना उपयोगी हो सकता है। यह हवा में मौजूद कई सूक्ष्म कणों से बचाव में मदद करता है। मास्क का सही तरीके से फिट होना जरूरी है। खराब AQI के दौरान बाहर दौड़ने, जॉगिंग करने या खुले में कठिन व्यायाम करने से बचें। इसके बजाय घर के अंदर हल्की-फुल्की कसरत कर सकते हैं।
घर के अंदर की हवा को भी रखें साफ
प्रदूषण का असर केवल बाहर तक सीमित नहीं रहता। बाहरी प्रदूषक घर के अंदर भी पहुंच सकते हैं। जरूरत और उपलब्धता के अनुसार HEPA फिल्टर वाला एयर प्यूरीफायर इस्तेमाल किया जा सकता है। प्रदूषण ज्यादा होने पर बाहर की हवा अंदर आने से रोकने के लिए खिड़कियां बंद रखना उपयोगी हो सकता है। इसके साथ ही अगरबत्ती, धूपबत्ती, मोमबत्ती और मच्छर भगाने वाली कॉइल जैसी चीजों से निकलने वाले धुएं को कम करें, क्योंकि ये घर के भीतर की हवा की गुणवत्ता खराब कर सकते हैं।
खानपान और पानी का रखें ध्यान
संतुलित आहार और पर्याप्त पानी पीना सामान्य स्वास्थ्य के लिए जरूरी है। अपनी डाइट में फल, सब्जियां, विटामिन-C और विटामिन-E से भरपूर खाद्य पदार्थ शामिल करें। ओमेगा-3 फैटी एसिड के स्रोत भी संतुलित आहार का हिस्सा हो सकते हैं। हालांकि, केवल खानपान या सप्लीमेंट लेने से वायु प्रदूषण के नुकसान से पूरी सुरक्षा नहीं मिलती। प्रदूषित हवा के संपर्क को कम करना सबसे अहम है।
एक्सरसाइज करें, लेकिन सही जगह पर
नियमित शारीरिक गतिविधि सेहत के लिए फायदेमंद है, लेकिन जब बाहर की हवा बेहद खराब हो, तो खुले में व्यायाम करने से बचना बेहतर है। ऐसे समय में घर के अंदर हल्की एक्सरसाइज या योग किया जा सकता है। प्राणायाम करते समय अपनी शारीरिक स्थिति का ध्यान रखें। सांस लेने में परेशानी या किसी तरह की असहजता होने पर व्यायाम रोक दें।
खांसी या सांस की परेशानी को न करें नजरअंदाज
प्रदूषण के संपर्क में आने के बाद लगातार खांसी, गले में खराश, सीने में जकड़न या सांस लेने में तकलीफ जैसे लक्षण दिखाई दें, तो डॉक्टर से सलाह लें। सांस लेने में गंभीर परेशानी होने पर तुरंत चिकित्सा सहायता लें। अस्थमा या दूसरी श्वसन संबंधी बीमारी से जूझ रहे लोगों को खराब AQI के दौरान अपने डॉक्टर की सलाह और निर्धारित उपचार का विशेष ध्यान रखना चाहिए।
