बेमेतरा। जिले के दाढ़ी थाना क्षेत्र के ग्राम हेमाबंद खार में ट्रांसफार्मर फटने से गंभीर रूप से झुलसे पिता-पुत्र समेत तीन किसानों की इलाज के दौरान मौत हो गई। हादसा 20 सितंबर की सुबह करीब 9 बजे हुआ था। तीनों को पहले बेमेतरा जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां से रायपुर रेफर किया गया था। रायपुर के आंबेडकर अस्पताल में उपचार के दौरान छठवें दिन तीनों ने दम तोड़ दिया।
मृतकों की पहचान मोहतरा निवासी राधेश्याम चंद्राकर (50), उनके बेटे छन्नू चंद्राकर (32) और किसान ईश्वर पटेल के रूप में हुई है। हादसे पर स्थानीय विधायक एवं मंत्री दयालदास बघेल ने शोक जताया है।
बिजली बंद होने से ट्रांसफार्मर देखने पहुंचे थे किसान
जानकारी के मुताबिक क्षेत्र में बिजली आपूर्ति बंद होने के कारण राधेश्याम चंद्राकर, उनके बेटे छन्नू चंद्राकर और ईश्वर पटेल ट्रांसफार्मर देखने पहुंचे थे। तीनों ट्रांसफार्मर में डीओ (ड्रॉप आउट फ्यूज) चढ़ाने का प्रयास कर रहे थे। इसी दौरान अचानक ट्रांसफार्मर तेज धमाके के साथ फट गया।
ट्रांसफार्मर से निकला गर्म तेल तीनों किसानों के ऊपर गिर गया, जिससे वे गंभीर रूप से झुलस गए। घटना के बाद परिजन और ग्रामीण मौके पर पहुंचे और घायलों को बेमेतरा जिला अस्पताल पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद तीनों को रायपुर रेफर कर दिया गया।
परिजन उन्हें पहले रायपुर के निजी अस्पताल लेकर गए। करीब दो दिन उपचार के बाद भी स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ। इसके बाद मंत्री दयालदास बघेल की पहल पर तीनों को रायपुर के आंबेडकर अस्पताल में भर्ती कराया गया।
25 सितंबर को पिता-पुत्र समेत तीनों ने तोड़ा दम
आंबेडकर अस्पताल में उपचार के दौरान 25 सितंबर की सुबह राधेश्याम चंद्राकर और उनके बेटे छन्नू चंद्राकर की मौत हो गई। वहीं किसान ईश्वर पटेल ने उसी दिन दोपहर में दम तोड़ दिया।
ग्रामीणों के अनुसार, राधेश्याम और उनका परिवार आर्थिक रूप से कमजोर था। राधेश्याम के तीन बेटे हैं, जबकि छन्नू के दो छोटे बच्चे हैं।
फसल की सिंचाई प्रभावित होने पर खुद बिजली सुधारने पहुंचे
ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में अटल ज्योति योजना के तहत मिलने वाली बिजली लंबे समय से बंद थी। बिजली आपूर्ति बाधित होने से खेतों की सिंचाई प्रभावित हो रही थी। ग्रामीणों ने विद्युत कंपनी के अधिकारियों को इसकी जानकारी देकर आपूर्ति बहाल करने की मांग की थी।
किसान रामकुमार पटेल के अनुसार, बिजली नहीं आने से परेशान होकर तीनों किसान खुद व्यवस्था दुरुस्त करने का प्रयास कर रहे थे। इसी दौरान ट्रांसफार्मर फटने से यह हादसा हुआ।
बिजली कंपनी ने शिकायत दर्ज होने से किया इनकार
सीएसपीडीसीएल उप संभाग दाढ़ी के सहायक यंत्री चंद्रकांत साहू ने बताया कि घटना की जानकारी मिलते ही कनिष्ठ यंत्री को मौके पर भेजा गया था। विद्युत कंपनी की ओर से उसी दिन दाढ़ी थाने में घटना की लिखित सूचना दी गई थी। मुआवजे के लिए प्रकरण तैयार कर उच्च अधिकारियों को भेजा जाएगा।
सहायक यंत्री के मुताबिक विद्युत कंपनी के कार्यालय में लाइन बंद होने की कोई ऑफलाइन या लिखित शिकायत दर्ज नहीं थी। कॉल सेंटर पर भी इस संबंध में कोई शिकायत नहीं मिली। उन्होंने बताया कि संबंधित लाइन की देखरेख ग्राम बटार में पदस्थ लाइनकर्मी प्रेम साहू करते हैं।
अब हादसे की परिस्थितियों और बिजली आपूर्ति से जुड़ी शिकायतों को लेकर विभागीय स्तर पर जानकारी जुटाई जा रही है।
