छत्तीसगढ़ के कोरबा में खुद को पुलिसकर्मी बताकर ठगी करने का मामला सामने आया है। सिविल लाइन थाना क्षेत्र के निहारिका इलाके में बाइक सवार दो युवकों ने एक रिटायर्ड BALCO कर्मी को पुलिस रेड और गांजा रखने का डर दिखाकर उनके सोने के गहने उतरवा लिए। इसके बाद आरोपित नकली चेन और अंगूठी थमाकर मौके से फरार हो गए।घर पहुंचने के बाद पीड़ित को जब पन्नी खोलकर देखने पर असलियत का पता चला, तब उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपितों की तलाश शुरू कर दी है।
पुलिसकर्मी बनकर बाइक रुकवाई
खरमोरा निवासी समीर चट्टोपाध्याय BALCO से सेवानिवृत्त हैं। उनके मुताबिक, वह बाइक से निहारिका क्षेत्र में नारियल पानी पीने गए थे। वहां से घर लौटते समय पीछे से बाइक पर आए दो युवकों ने उन्हें रुकने का इशारा किया।दोनों युवकों ने खुद को पुलिसकर्मी बताया और दावा किया कि वे काफी देर से उनकी गतिविधियों पर नजर रख रहे हैं।
गांजा रखने की बात कहकर डराया
आरोपितों ने समीर को बताया कि इलाके में पुलिस की रेड पड़ने वाली है और उनके पास गांजा होने की सूचना है। इस बात से घबराए पीड़ित को युवकों ने अपने सोने के गहने उतारकर सुरक्षित रखने की सलाह दी।आरोपितों की बातों में आकर समीर ने अपनी सोने की चेन और अंगूठी उतार दी।
असली गहनों की जगह थमा दी नकली ज्वेलरी
ठगों ने गहनों को एक पन्नी में रखने का दिखावा किया। इसके बाद उन्होंने पन्नी पीड़ित को वापस दे दी और वहां से बाइक से निकल गए।समीर जब घर पहुंचे और पन्नी खोलकर देखी तो उसमें उनकी असली सोने की चेन और अंगूठी नहीं थीं। उनकी जगह नकली चेन और अंगूठी रखी हुई थी। इसके बाद उन्हें समझ आया कि वे ठगी का शिकार हो चुके हैं।
सिविल लाइन पुलिस ने शुरू की जांच
घटना की शिकायत मिलने के बाद सिविल लाइन थाना पुलिस ने अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस आरोपितों की पहचान और उनके आने-जाने के रास्तों का पता लगाने के लिए उपलब्ध सुरागों की जांच कर रही है।पुलिस के लिए आरोपितों तक पहुंचना चुनौती है, क्योंकि उन्होंने खुद को पुलिसकर्मी बताकर पहले पीड़ित का भरोसा जीता और फिर गहने लेकर फरार हो गए।
ऐसे मामलों में रहें सतर्क
इस तरह की ठगी में आरोपी अक्सर पुलिस, क्राइम ब्रांच या किसी अन्य सरकारी अधिकारी के नाम का डर दिखाकर लोगों को जल्दबाजी में निर्णय लेने के लिए मजबूर करते हैं। किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर सड़क पर ही अपने गहने उतारकर उसे सौंपने से बचना चाहिए।यदि कोई व्यक्ति खुद को पुलिसकर्मी बताकर तलाशी या गहने उतारने के लिए दबाव बनाता है, तो उसकी पहचान और कार्रवाई की पुष्टि संबंधित पुलिस थाने से करना सुरक्षित विकल्प है।
