मुख्यमंत्री ने नवनियुक्त कर्मचारियों को बधाई देते हुए मरीजों के प्रति संवेदनशीलता, सेवाभाव और पूरी निष्ठा के साथ काम करने की अपील की। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार और प्रत्येक नागरिक तक बेहतर उपचार पहुंचाना राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।

स्टाफ नर्स से लेकर वार्ड आया तक के पदों पर नियुक्तियां
स्वास्थ्य विभाग के विभिन्न संवर्गों में कुल 520 पदों पर चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र दिए गए। पदों का विवरण इस प्रकार है:
- स्टाफ नर्स: 208 पद
- ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजक (पुरुष): 95 पद
- ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजक (महिला): 94 पद
- फार्मासिस्ट: 25 पद
- वार्ड बॉय: 50 पद
- वार्ड आया: 48 पद
इन नियुक्तियों से संबंधित जिलों में स्वास्थ्य विभाग के मानव संसाधन को मजबूती मिलेगी। इससे अस्पतालों और अन्य स्वास्थ्य संस्थानों में मरीजों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलने की उम्मीद है।

‘रोगियों की सेवा को पुण्य कार्य मानकर निभाएं जिम्मेदारी’
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि अस्पताल आने वाले मरीज और उनके परिजन स्वास्थ्यकर्मियों से बड़ी उम्मीद रखते हैं। ऐसे में कर्मचारियों की जिम्मेदारी केवल सरकारी ड्यूटी पूरी करने तक सीमित नहीं है, बल्कि मरीजों के साथ संवेदनशील व्यवहार करना भी उतना ही जरूरी है।
उन्होंने नवनियुक्त कर्मचारियों से कहा कि रोगियों की सेवा को पुण्य कार्य मानकर ईमानदारी, समर्पण और संवेदनशीलता के साथ अपना दायित्व निभाएं। उनके अनुसार, स्वास्थ्यकर्मियों का अच्छा व्यवहार और समय पर सहायता मरीजों तथा उनके परिजनों का स्वास्थ्य व्यवस्था पर भरोसा मजबूत करती है।

जनजातीय और दूरस्थ क्षेत्रों में मजबूत होंगी स्वास्थ्य सेवाएं
मुख्यमंत्री ने बताया कि नवनियुक्त कर्मचारी प्रदेश के 14 जिलों में अपनी सेवाएं देंगे। इनमें अधिकांश जिले जनजातीय बहुल हैं। ऐसे क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता बढ़ाना महत्वपूर्ण है, ताकि भौगोलिक दूरी बेहतर इलाज में बाधा न बने।
उन्होंने बस्तर और सरगुजा जैसे क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार का उल्लेख करते हुए कहा कि दूरस्थ इलाकों में तैनात स्वास्थ्यकर्मी आम जनता और सरकार के बीच महत्वपूर्ण कड़ी हैं। उनकी सेवाओं से जरूरतमंद परिवारों को समय पर उपचार उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है।

मेडिकल कॉलेज और अस्पतालों की सुविधाओं के विस्तार पर जोर
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य गठन के बाद पिछले 25 वर्षों में छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार हुआ है। राज्य सरकार नए मेडिकल कॉलेजों की स्थापना, अस्पतालों में आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं के विकास, आवश्यक उपकरणों की उपलब्धता और स्वास्थ्य अमले को मजबूत करने की दिशा में काम कर रही है।
उन्होंने कहा कि स्वस्थ नागरिक ही सशक्त समाज और विकसित छत्तीसगढ़ की नींव हैं। सरकार का लक्ष्य प्रदेश के शहरों, गांवों और दूरस्थ क्षेत्रों में लोगों को सुलभ और गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराना है।
स्वास्थ्य मंत्री ने भर्ती प्रक्रिया को बताया पारदर्शी
स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल ने नवनियुक्त कर्मचारियों को बधाई देते हुए कहा कि 520 कर्मचारियों की भर्ती प्रक्रिया निर्धारित समयसीमा में पारदर्शिता के साथ पूरी की गई है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं के लिए आवश्यक मानव संसाधन बढ़ाने पर सरकार का जोर है और जरूरत के अनुसार डॉक्टरों, नर्सों सहित अन्य पदों पर भी भर्तियां की जाएंगी।
उन्होंने कर्मचारियों से अनुशासन, निष्ठा और सेवाभाव के साथ कार्य करने का आह्वान किया।

कार्यक्रम में कई मंत्री और अधिकारी रहे मौजूद
नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, कृषि मंत्री रामविचार नेताम, वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी, वन मंत्री केदार कश्यप, खाद्य मंत्री दयाल दास बघेल, उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन, राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा, कौशल विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े और संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल उपस्थित रहे।
इसके अलावा स्वास्थ्य सचिव अमित कटारिया, आयुक्त सह संचालक स्वास्थ्य सेवाएं संजीव झा सहित स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और नवनियुक्त कर्मचारी भी कार्यक्रम में शामिल हुए।
