मंडल के अनुसार, 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलाए गए सेवा संकल्प अभियान के दौरान प्रदेश के 47,011 पंजीकृत श्रमिकों और उनके परिवारों को कुल 18 करोड़ 96 लाख 73 हजार रुपये की सहायता दी गई। यह राशि सीधे हितग्राहियों के बैंक खातों में प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के जरिए भेजी गई।
शिक्षा योजनाओं से हजारों बच्चों को सहायता
श्रमिक परिवारों के बच्चों की शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री नौनिहाल छात्रवृत्ति योजना के तहत 38,380 हितग्राहियों को 6 करोड़ 67 लाख 9 हजार रुपये दिए गए। वहीं, मुख्यमंत्री नोनी बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना के अंतर्गत 904 हितग्राहियों को 60 लाख 64 हजार 700 रुपये की सहायता मिली।
इसके अलावा, निःशुल्क गणवेश एवं पुस्तक-कॉपी सहायता योजना के तहत 1,243 हितग्राहियों को 17 लाख 59 हजार रुपये प्रदान किए गए। उत्कृष्ट खेल प्रोत्साहन योजना के तहत तीन हितग्राहियों को 1 लाख 50 हजार रुपये की सहायता दी गई।

मातृत्व और महिला सशक्तिकरण पर जोर
महिला श्रमिकों और परिवारों को आर्थिक संबल देने के लिए मिनीमाता महतारी जतन योजना के तहत 1,975 हितग्राहियों को 3 करोड़ 95 लाख रुपये दिए गए। मुख्यमंत्री नोनी सशक्तिकरण सहायता योजना के तहत 1,957 हितग्राहियों को 3 करोड़ 91 लाख 40 हजार रुपये की सहायता मिली।
वहीं, दीदी ई-रिक्शा सहायता योजना के अंतर्गत 12 हितग्राहियों को 13 लाख 37 हजार 200 रुपये प्रदान किए गए। इन योजनाओं का उद्देश्य महिला हितग्राहियों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने में मदद करना है।
औजार, साइकिल और सुरक्षा उपकरणों के लिए मदद
निर्माण श्रमिकों की कामकाजी जरूरतों को पूरा करने के लिए मुख्यमंत्री श्रमिक औजार सहायता योजना के तहत 509 हितग्राहियों को 17 लाख 44 हजार 7 रुपये दिए गए। मुख्यमंत्री सायकल सहायता योजना के अंतर्गत 220 हितग्राहियों को 8 लाख 15 हजार 113 रुपये की सहायता मिली।
कार्यस्थल पर सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री निर्माण मजदूर सुरक्षा उपकरण सहायता योजना के तहत 1,319 हितग्राहियों को 19 लाख 78 हजार 500 रुपये प्रदान किए गए। इसके अतिरिक्त, मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक आवास सहायता योजना के तहत एक हितग्राही को 75 हजार रुपये की सहायता दी गई।
सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से भी मिला लाभ
मंडल के अनुसार, मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता योजना के तहत 246 हितग्राहियों को 2 करोड़ 46 लाख रुपये की सहायता दी गई। इसी विवरण में दो हितग्राहियों को 10 लाख रुपये की सहायता दिए जाने का भी उल्लेख है।
मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक दीर्घायु सहायता योजना के तहत दो हितग्राहियों को 40 हजार रुपये और मुख्यमंत्री श्रमिक सियान सहायता योजना के अंतर्गत 238 हितग्राहियों को 47 लाख 60 हजार रुपये दिए गए।
मुख्यमंत्री और श्रम मंत्री के मार्गदर्शन में संचालित योजनाएं
छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल की ये योजनाएं मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन के मार्गदर्शन में संचालित की जा रही हैं। इनका उद्देश्य पंजीकृत निर्माण श्रमिकों और उनके परिवारों को जरूरत के अलग-अलग क्षेत्रों में आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना है।
शिक्षा, मातृत्व, सामाजिक सुरक्षा, आवास और रोजगार से जुड़ी सहायता के जरिए श्रमिक परिवारों को आर्थिक मजबूती देने का प्रयास किया जा रहा है।
