RSS Chhattisgarh News: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) छत्तीसगढ़ में अपने संगठनात्मक ढांचे को नए सिरे से व्यवस्थित करने पर विचार कर रहा है। संघ प्रमुख डॉ. मोहन भागवत के 22 और 23 अक्टूबर को बिलासपुर प्रवास के दौरान प्रदेश को दो अलग-अलग प्रांत इकाइयों में बांटने के प्रस्ताव पर चर्चा होने की जानकारी सामने आई है। हालांकि, इस संबंध में संगठन की ओर से अब तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
प्रस्तावित व्यवस्था के तहत मौजूदा छत्तीसगढ़ प्रांत को रायपुर और बिलासपुर केंद्रित दो संगठनात्मक इकाइयों में विभाजित किया जा सकता है। यदि प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है, तो नया ढांचा जनवरी 2027 से लागू होने की संभावना जताई जा रही है। इस बदलाव को प्रदेश में संघ की गतिविधियों के विस्तार और संगठनात्मक जिम्मेदारियों के पुनर्निर्धारण से जोड़कर देखा जा रहा है।
रायपुर में छह और बिलासपुर में पांच विभाग बनाने का प्रस्ताव
संभावित पुनर्गठन के तहत रायपुर केंद्रित इकाई में छह विभाग और बिलासपुर केंद्रित इकाई में पांच विभाग रखे जाने की चर्चा है। इसके साथ ही वर्तमान प्रांतीय व्यवस्था में पदों और जिम्मेदारियों में बदलाव किए जाने की संभावना भी जताई जा रही है।
बताया जा रहा है कि नई व्यवस्था लागू होने पर मौजूदा प्रांत स्तर के पदों की संरचना में परिवर्तन हो सकता है। हालांकि, नए पदों, जिम्मेदारियों और संगठनात्मक इकाइयों के अंतिम स्वरूप को लेकर अभी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
मोहन भागवत के बिलासपुर दौरे में हुई संगठन विस्तार पर चर्चा
डॉ. मोहन भागवत के दो दिवसीय बिलासपुर प्रवास के दौरान संघ के पदाधिकारियों, स्वयंसेवकों और आनुषंगिक संगठनों के साथ कई बैठकें आयोजित की गईं। ये बैठकें कोनी स्थित सरस्वती शिशु मंदिर परिसर और सरस्वती आवासीय महाविद्यालय में हुईं।
बैठकों में संगठन के मौजूदा कामकाज की समीक्षा के साथ भविष्य की कार्ययोजना पर चर्चा की गई। संघ के शताब्दी वर्ष से जुड़े कार्यक्रमों, संगठन के विस्तार और छत्तीसगढ़ में गतिविधियों को अधिक प्रभावी बनाने जैसे मुद्दे भी चर्चा के केंद्र में रहे।
वनांचल और आदिवासी क्षेत्रों में शाखाओं के विस्तार पर जोर
संघ की संगठनात्मक गतिविधियों को ज्यादा व्यापक स्तर तक पहुंचाने के लिए नगरों और उपनगरों के साथ वनांचल तथा आदिवासी क्षेत्रों में भी काम मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है।
बैठकों में विभाग स्तर पर चल रही गतिविधियों की समीक्षा और शाखाओं के विस्तार को लेकर मंथन किए जाने की जानकारी सामने आई है। इसके तहत कार्यकर्ताओं की भागीदारी बढ़ाने और नए लोगों को संगठन से जोड़ने की दिशा में प्रयास किए जाने की बात कही गई है।
करीब 540 स्वयंसेवकों को किया संबोधित
बिलासपुर प्रवास के दौरान डॉ. मोहन भागवत ने करीब 540 स्वयंसेवकों की मौजूदगी वाले बौद्धिक वर्ग को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने सामाजिक संपर्क बढ़ाने और समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों के साथ संवाद स्थापित करने पर जोर दिया।
उन्होंने स्वयंसेवकों से नए लोगों तक पहुंचने और उन्हें संगठन की गतिविधियों से जोड़ने के लिए सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। संबोधन में संगठनात्मक विस्तार के साथ सामाजिक संवाद को भी महत्वपूर्ण बताया गया।
जनवरी 2027 से लागू हो सकता है नया संगठनात्मक ढांचा
छत्तीसगढ़ में RSS के संभावित पुनर्गठन को संगठन के विस्तार की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। प्रस्ताव के अनुसार, रायपुर और बिलासपुर को अलग-अलग प्रांत इकाइयों के रूप में विकसित किया जा सकता है। इससे विभागीय जिम्मेदारियों और संगठनात्मक कार्यों के संचालन में बदलाव संभव है।
हालांकि, प्रस्ताव को मंजूरी मिलने, नए पदों की संरचना और इसे लागू करने की तारीख को लेकर अंतिम स्थिति स्पष्ट नहीं है। फिलहाल जनवरी 2027 को संभावित समयसीमा बताया जा रहा है। संगठन की आधिकारिक घोषणा के बाद ही नए ढांचे और जिम्मेदारियों को लेकर स्थिति पूरी तरह साफ हो सकेगी।
