छत्तीसगढ़ की रायपुर में जेएमएफसी (JMFC) कोर्ट ने चर्चित मानहानि मामले में कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता आरपी सिंह और एक दैनिक अखबार के तत्कालीन संपादक गिरिराज शर्मा को दोषी ठहराते हुए 6-6 महीने के कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोनों पर 10-10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। यह मामला पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के तत्कालीन प्रमुख सचिव अमन कुमार सिंह द्वारा वर्ष 2013 में दायर किए गए मानहानि वाद से जुड़ा है, जिस पर अब अदालत का फैसला आया है।
2013 में दर्ज हुआ था मामला
जानकारी के अनुसार, वर्ष 2013 में एक समाचार पत्र में अमन कुमार सिंह और उनकी पत्नी से संबंधित एक खबर प्रकाशित हुई थी। खबर में उनके पासपोर्ट जब्त करने की मांग का भी उल्लेख किया गया था। इस प्रकाशन को मानहानिकारक बताते हुए अमन कुमार सिंह ने संबंधित लोगों के खिलाफ अदालत में परिवाद दायर किया था।
कोर्ट ने सुनाया फैसला
करीब तीन वर्षों तक चली न्यायिक प्रक्रिया के बाद जेएमएफसी कोर्ट ने गुरुवार को अपना फैसला सुनाया। अदालत ने आरपी सिंह और तत्कालीन संपादक गिरिराज शर्मा को दोषी मानते हुए छह-छह महीने के कारावास और 10-10 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई।
प्रदेश में चर्चा का विषय बना फैसला
इस फैसले के बाद मामला राजनीतिक और कानूनी हलकों में चर्चा का विषय बन गया है। सूत्रों के अनुसार, किसी समाचार पत्र के संपादक को मानहानि के मामले में सजा मिलने के मामलों में इसे प्रदेश के महत्वपूर्ण मामलों में माना जा रहा है। फिलहाल, मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया और संभावित अपील पर सभी की नजर बनी हुई है।
