कृषि यंत्रीकरण को बढ़ावा देने के लिए सरकार की पहल, पराली प्रबंधन से जुड़े आधुनिक कृषि यंत्रों पर मिलेगा अनुदान
चंडीगढ़। हरियाणा सरकार ने किसानों के लिए बड़ी राहत की घोषणा की है। कृषि एवं किसान कल्याण विभाग ने राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (RKVY) 2026-27 के तहत फसल अवशेष प्रबंधन (पराली प्रबंधन) से जुड़े 13 आधुनिक कृषि यंत्रों पर 50 प्रतिशत तक सब्सिडी देने का फैसला किया है। इस योजना का उद्देश्य किसानों को आधुनिक तकनीक से जोड़ना, खेती की लागत कम करना और पराली जलाने की समस्या पर प्रभावी नियंत्रण करना है।
सरकार ने पात्र किसानों से 3 अगस्त 2026 तक ऑनलाइन आवेदन करने की अपील की है।
इन कृषि यंत्रों पर मिलेगा 50% तक अनुदान
योजना के तहत किसानों को निम्नलिखित कृषि यंत्रों पर अनुदान दिया जाएगा—
- सुपर एसएमएस (Super SMS)
- हैप्पी सीडर (Happy Seeder)
- सुपर सीडर (Super Seeder)
- स्ट्रॉ चॉपर
- श्रेडर
- मल्चर
- रिवर्सिबल एमबी प्लाऊ
- जीरो टिल सीड ड्रिल
- स्ट्रॉ बेलर
- रेक
- क्रॉप रीपर
- ट्रैक्टर माउंटेड लोडर
- ट्रैक्टर चालित टेंडर मशीन
इन मशीनों की मदद से किसान बिना पराली जलाए फसल अवशेषों का बेहतर प्रबंधन कर सकेंगे।
बेलर मशीन लेने वालों को मिलेगा अतिरिक्त लाभ
कृषि विभाग के अनुसार यदि किसी किसान का चयन बेलर मशीन के लिए होता है, तो वह इसके साथ रेक, स्ट्रॉ रेक या श्रेडर मास्टर/रोटरी स्लेशर पर भी अनुदान का लाभ ले सकेगा।
हालांकि सामान्य श्रेणी में एक किसान केवल एक मुख्य कृषि यंत्र पर ही सब्सिडी का पात्र होगा।
कौन कर सकता है आवेदन?
योजना का लाभ लेने के लिए किसान का ‘मेरी फसल मेरा ब्यौरा’ पोर्टल पर पंजीकरण होना अनिवार्य है।
आवेदन के लिए आवश्यक दस्तावेज
- परिवार पहचान पत्र (PPP)
- आधार कार्ड या अन्य पहचान पत्र
- पैन कार्ड
- बैंक पासबुक
- ट्रैक्टर की वैध आरसी
- अनुसूचित जाति (SC) के लिए जाति प्रमाण पत्र
- शपथ पत्र (पराली नहीं जलाने और पिछले तीन वर्षों में इसी कृषि यंत्र पर सब्सिडी नहीं लेने संबंधी)
आवेदन और चयन प्रक्रिया
- 3 अगस्त 2026 तक ऑनलाइन आवेदन करें।
- चयनित किसानों को दस्तावेज संबंधित जिले के सहायक कृषि अभियंता कार्यालय में सत्यापन के लिए जमा करने होंगे।
- सत्यापन के बाद विभाग ऑनलाइन परमिट जारी करेगा।
- परमिट मिलने के बाद अधिकृत निर्माता या डीलर से कृषि यंत्र खरीदना होगा।
- 7 सितंबर 2026 तक खरीद का बिल, ई-वे बिल और जीपीएस लोकेशन विभागीय पोर्टल पर अपलोड करनी होगी।
- निर्धारित समय सीमा में प्रक्रिया पूरी करने पर ही सब्सिडी मिलेगी।
कृषि यंत्र निर्माताओं के लिए भी सुविधा
कृषि यंत्र निर्माता भी विभागीय पोर्टल पर ऑनलाइन पंजीकरण करा सकते हैं। जिन निर्माताओं का वर्ष 2025-26 का पंजीकरण पहले से स्वीकृत है और उनकी परीक्षण रिपोर्ट वैध है, उन्हें दोबारा आवेदन करने की आवश्यकता नहीं होगी।
किसानों के लिए जरूरी सलाह
कृषि विभाग ने किसानों से अंतिम तिथि का इंतजार न करने की अपील की है। समय रहते आवेदन करने और केवल अधिकृत पोर्टल के माध्यम से प्रक्रिया पूरी करने से दस्तावेज सत्यापन और परमिट जारी होने में आसानी होगी।
यह योजना किसानों की लागत कम करने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण और आधुनिक खेती को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
FAQs
1. आवेदन की अंतिम तिथि क्या है?
उत्तर: 3 अगस्त 2026।
2. कितनी सब्सिडी मिलेगी?
उत्तर: पात्र किसानों को कृषि यंत्रों पर 50% तक अनुदान मिलेगा।
3. किन किसानों को योजना का लाभ मिलेगा?
उत्तर: ‘मेरी फसल मेरा ब्यौरा’ पोर्टल पर पंजीकृत पात्र किसानों को।
4. क्या एक किसान एक से अधिक कृषि यंत्रों पर सब्सिडी ले सकता है?
उत्तर: सामान्यतः केवल एक मुख्य कृषि यंत्र पर। बेलर मशीन लेने वालों को कुछ अतिरिक्त मशीनों पर भी लाभ मिल सकता है।
5. खरीद के बाद क्या करना होगा?
उत्तर: 7 सितंबर 2026 तक बिल, ई-वे बिल और जीपीएस लोकेशन विभागीय पोर्टल पर अपलोड करनी होगी।
