मिट्टी के बप्पा पहली पसंद,नए रूप और खास सजावट से बढ़ी प्रतिमाओं की मांग

मिट्टी के बप्पा पहली पसंद,नए रूप और खास सजावट से बढ़ी प्रतिमाओं की मांग

गणेश उत्सव को लेकर शहर में तैयारियां जोर पकड़ने लगी हैं। बाजारों में इस बार भगवान गणेश की प्रतिमाओं के कई नए स्वरूप देखने को मिल रहे हैं। खास बात यह है कि पर्यावरण अनुकूल मिट्टी से बनी गणेश प्रतिमाओं की मांग भी बढ़ रही है। प्रतिमा निर्माताओं के अनुसार, इस बार भक्त पारंपरिक रूप के साथ-साथ अलग और आकर्षक डिजाइन वाली गणेश प्रतिमाओं में भी रुचि दिखा रहे हैं। हालांकि, कच्चे माल और पेट्रोल की कीमतों में बढ़ोतरी सहित अन्य कारणों से प्रतिमाओं की कीमत पिछले वर्ष की तुलना में बढ़ी है। इसके बावजूद गणपति भक्तों के उत्साह में कोई कमी नहीं दिखाई दे रही है। कई श्रद्धालु पहले से ही अपनी पसंद के आकार और स्वरूप की प्रतिमाओं के ऑर्डर दे रहे हैं।

भगवान राम, कृष्ण और नरसिंह के स्वरूप में दिखेंगे गणपति

इस बार गणेश प्रतिमाओं में कई तरह के नए प्रयोग किए जा रहे हैं। बाजार में भगवान श्रीराम, भगवान श्रीकृष्ण और भगवान नरसिंह की आकृति से प्रेरित गणेश प्रतिमाएं भी तैयार की जा रही हैं। प्रतिमा बनाने वाले कलाकार श्रद्धालुओं की पसंद के अनुसार अलग-अलग डिजाइन और स्वरूप तैयार कर रहे हैं। इससे गणेश प्रतिमाओं में पारंपरिक शैली के साथ नए प्रयोगों का मेल देखने को मिल रहा है।

मिट्टी की प्रतिमाओं को मिल रही प्राथमिकता

इंदौर में पर्यावरण को लेकर जागरूकता के चलते इस बार लोग प्लास्टर ऑफ पेरिस (POP) की तुलना में मिट्टी से बनी प्रतिमाओं को प्राथमिकता दे रहे हैं। श्रद्धालुओं का रुझान ऐसी प्रतिमाओं की ओर बढ़ रहा है, जिन्हें पर्यावरण के अनुकूल माना जाता है। गणेश उत्सव के दौरान पर्यावरण संरक्षण को लेकर जागरूकता बढ़ने का असर प्रतिमाओं की पसंद में भी दिखाई दे रहा है।

बढ़ी कीमतों के बावजूद मांग बरकरार

इस वर्ष प्रतिमाओं की कीमतों में पिछले साल की तुलना में बढ़ोतरी हुई है। कच्चे माल की कीमतों में वृद्धि और पेट्रोल की बढ़ी कीमतों को इसके प्रमुख कारणों में बताया जा रहा है। बढ़ी लागत का असर प्रतिमाओं की कीमतों पर पड़ा है, लेकिन इसके बावजूद गणेश भक्तों की मांग बनी हुई है। कई लोग पहले से बुकिंग कराकर अपनी पसंद के अनुसार प्रतिमा तैयार करवा रहे हैं।

गणपति प्रतिमाओं की सजावट में भी नए प्रयोग

इस बार सिर्फ प्रतिमाओं के स्वरूप ही नहीं, बल्कि उनके श्रृंगार और सजावट में भी नए प्रयोग देखने को मिल रहे हैं। पारंपरिक वस्त्रों और रंगों के साथ जरदोजी बॉर्डर और अमेरिकन डायमंड कट स्टोन का इस्तेमाल किया जा रहा है। गणेश प्रतिमाओं के कानों के कुंडल में भी विशेष डिजाइन तैयार किए जा रहे हैं। इनमें पारंपरिक पेशवाई कर्णफूल और कुंदन जड़ित कुंडल शामिल हैं। इसके अलावा इको-फ्रेंडली वेलवेट फिनिश वाली सजावट का इस्तेमाल भी किया जा रहा है, जो प्रतिमाओं को आकर्षक और भव्य रूप देने में मदद कर रही है।

भक्तों में गणेश उत्सव को लेकर उत्साह

गणेश उत्सव नजदीक आने के साथ ही इंदौर के बाजारों और प्रतिमा निर्माण स्थलों पर गतिविधियां बढ़ गई हैं। बढ़ती कीमतों के बावजूद श्रद्धालु अपनी पसंद की प्रतिमाएं लेने में रुचि दिखा रहे हैं। इस बार नए स्वरूप, पर्यावरण अनुकूल मिट्टी की प्रतिमाएं और आकर्षक सजावट गणेश उत्सव की तैयारियों में खास आकर्षण बने हुए हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *