छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में बारिश के कारण बिन्द्रानवागढ़-सातधार मार्ग पर बना रपटा पुल धंस गया है। पुल के क्षतिग्रस्त होने से दर्जनों गांवों का संपर्क प्रभावित हो गया है। रास्ता बंद होने के कारण स्कूल जाने वाले विद्यार्थियों, राहगीरों और ग्रामीणों को रोजाना परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
तेज बहाव और टूटे रास्ते के बीच स्थानीय लोगों को आवाजाही में जोखिम उठाना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द वैकल्पिक मार्ग या अस्थायी रपटे की व्यवस्था करने की मांग की है।
एंबुलेंस नहीं पहुंच रही, मरीजों को खाट पर ले जाने की नौबत
ग्रामीणों के मुताबिक, रपटा पुल के धंसने के बाद इस मार्ग पर बड़े वाहनों की आवाजाही पूरी तरह प्रभावित हो गई है। एंबुलेंस भी गांवों तक नहीं पहुंच पा रही है। ऐसे में बीमार लोगों और खासकर गर्भवती महिलाओं को अस्पताल पहुंचाना मुश्किल हो गया है।
ग्रामीणों का कहना है कि मरीजों को कई बार खाट या पैदल मुख्य मार्ग तक ले जाने की स्थिति बन रही है। इससे क्षेत्र के लोगों को आपात स्थिति में गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
मनबोध, सुरेश कुमार, रामेश्वर, विरेन्द्र कुमार और सूरज कुमार समेत ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और संबंधित विभाग से तत्काल वैकल्पिक मार्ग अथवा अस्थायी रपटे का निर्माण कराने की मांग की है।
करीब 18 साल पहले बना था रपटा
ग्राम पंचायत पतोरा के सरपंच कृष्णकुमार नाग के अनुसार, इस रपटे का निर्माण करीब 18 वर्ष पहले प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत हुआ था। उन्होंने इसकी लागत 50 लाख रुपये से अधिक बताई है।
सरपंच का कहना है कि पुल धीरे-धीरे क्षतिग्रस्त हो रहा था और इसकी शिकायत विभाग से की गई थी, लेकिन समय रहते सुधार कार्य नहीं कराया गया। लगातार बारिश के बीच करीब एक सप्ताह पहले रपटा धंस गया, जिसके बाद दर्जनों गांवों और पाराटोला क्षेत्र के हजारों लोगों का आवागमन प्रभावित हो गया।
ग्रामीणों का कहना है कि यहां अस्थायी व्यवस्था के बजाय एक बड़े और स्थायी पुल के निर्माण की जरूरत है।
कार्यपालन अभियंता ने कहा- आवागमन पूरी तरह बंद
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, गरियाबंद के कार्यपालन अभियंता राहुल चंद्राकर ने बताया कि बारिश के कारण रपटा धंस गया है और फिलहाल आवागमन पूरी तरह बंद है। दोनों ओर जिला प्रशासन की ओर से चेतावनी बोर्ड भी लगाए गए हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि रपटा पुल का निर्माण विभाग या ग्राम पंचायत में से किसके द्वारा कराया गया था, इसकी जानकारी संबंधित फाइल देखने के बाद ही स्पष्ट की जा सकेगी।
