रिजवान-इमाम के जब्त मोबाइल की खुलेगी जांच की परतें, NCCIA रिपोर्ट का इंतजार

रिजवान-इमाम के जब्त मोबाइल की खुलेगी जांच की परतें, NCCIA रिपोर्ट का इंतजार

पाकिस्तान के सीनियर क्रिकेटर मोहम्मद रिजवान और इमाम-उल-हक के जब्त मोबाइल फोन की फोरेंसिक जांच चल रही है। इंग्लैंड सीरीज के दौरान दोनों खिलाड़ियों से मोबाइल लिए जाने के मामले में अब पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) नेशनल साइबर क्राइम इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NCCIA) की रिपोर्ट का इंतजार कर रहा है।

रिजवान ने NCCIA की ओर से जारी नोटिस को लाहौर हाई कोर्ट में चुनौती दी थी। गुरुवार को कोर्ट ने उनकी याचिका खारिज कर दी। इसके बाद मामले में आगे की कार्रवाई NCCIA की जांच और उसकी रिपोर्ट पर निर्भर मानी जा रही है।

लाहौर हाई कोर्ट ने रिजवान की याचिका की खारिज

रिजवान की याचिका पर लाहौर हाई कोर्ट की चीफ जस्टिस आलिया नीलम ने सुनवाई की। रिजवान के वकील काजी उमैर अली ने अदालत को बताया कि खिलाड़ी को NCCIA की ओर से नोटिस जारी किए गए थे।

सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस ने रिजवान को नोटिस का जवाब देने की सलाह दी। उन्होंने पूछा कि नोटिस किस तारीख को जारी किए गए थे और खिलाड़ी को इसका जवाब देने के लिए कहा।

होटल में पूछताछ और मोबाइल लेने का दावा

रिजवान के वकील ने अदालत में दावा किया कि लॉर्ड्स टेस्ट के बाद एक होटल में खिलाड़ी से पूछताछ की गई थी। वकील के मुताबिक, उस समय रिजवान से उनका मोबाइल फोन भी लिया गया था।

वकील ने दावा किया कि रिजवान ने यह बताए जाने के बाद फोन सौंपा था कि उसे करीब तीन घंटे के भीतर वापस कर दिया जाएगा। हालांकि, उनके अनुसार मोबाइल अब तक वापस नहीं मिला है।

NCCIA के अधिकार क्षेत्र पर भी उठे सवाल

रिजवान की ओर से अदालत में NCCIA के जांच करने के अधिकार पर भी सवाल उठाया गया। उनके वकील ने तर्क दिया कि क्रिकेट से जुड़े भ्रष्टाचार के मामलों की जांच के लिए ICC की Anti-Corruption Unit संबंधित संस्था है।

वकील ने यह भी कहा कि मामले को ICC की एंटी करप्शन यूनिट को नहीं सौंपा गया है। रिजवान ने NCCIA के समन को चुनौती देते हुए एजेंसी के अधिकार क्षेत्र और जांच की प्रकृति पर सवाल उठाए थे।

मोबाइल की फोरेंसिक जांच कर रही NCCIA

घटनाक्रम की जानकारी रखने वाले एक सूत्र के अनुसार, NCCIA रिजवान और इमाम-उल-हक से लिए गए मोबाइल फोन की फोरेंसिक जांच कर रही है। एजेंसी की रिपोर्ट अगले सप्ताह PCB को सौंपे जाने की उम्मीद है।

सूत्र के मुताबिक, दोनों खिलाड़ियों के खिलाफ PCB की संभावित कार्रवाई इस रिपोर्ट के निष्कर्षों पर निर्भर करेगी। अगर फोरेंसिक जांच में कोई असामान्य गतिविधि नहीं मिलती है, तो खिलाड़ियों को राहत मिलने की संभावना बताई गई है।

NCCIA रिपोर्ट के बाद PCB लेगा अगला फैसला

फिलहाल मामले में PCB की ओर से किसी अंतिम अनुशासनात्मक कार्रवाई का फैसला नहीं किया गया है। बोर्ड पहले NCCIA की रिपोर्ट का आकलन करेगा और उसके बाद तय करेगा कि रिजवान और इमाम-उल-हक के खिलाफ आगे कोई कार्रवाई जरूरी है या नहीं।

अब सभी की नजर NCCIA की फोरेंसिक जांच रिपोर्ट पर है, जो इस मामले में आगे की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकती है।

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