देशभर में मानसून का कहर, MP-छत्तीसगढ़ में रेड अलर्ट,असम-गुजरात में बाढ़ से जनजीवन प्रभावित

देशभर में मानसून का कहर, MP-छत्तीसगढ़ में रेड अलर्ट,असम-गुजरात में बाढ़ से जनजीवन प्रभावित

देशभर में मानसून अब अपने सबसे सक्रिय दौर में पहुंच गया है। उत्तर, मध्य, पूर्व और पश्चिम भारत के कई हिस्सों में लगातार बारिश हो रही है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के कई इलाकों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है। वहीं असम और गुजरात में बाढ़ ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। कई जिलों में गांवों से लेकर शहरों तक पानी भर गया है, जबकि उत्तराखंड में भूस्खलन के चलते चारधाम यात्रा अस्थायी रूप से रोक दी गई है।

देशभर में सक्रिय हैं दो मौसम प्रणालियां

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में बना निम्न दबाव का क्षेत्र (Low Pressure Area) ओडिशा, झारखंड और छत्तीसगढ़ की ओर बढ़ रहा है। इसके प्रभाव से मध्य भारत में तेज बारिश का सिलसिला जारी है। IMD ने अगले 4 से 5 दिनों तक उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत तथा अगले 5 से 6 दिनों तक पूर्वी भारत में सामान्य से अधिक वर्षा होने की संभावना जताई है।

छत्तीसगढ़ में अगले 48 घंटे भारी

छत्तीसगढ़ में ओडिशा और पश्चिम बंगाल के पास बने गहरे निम्न दबाव के असर से अगले 48 घंटे तक भारी बारिश की संभावना बनी हुई है। मौसम विभाग ने कई जिलों में गरज-चमक, बिजली गिरने और भारी वर्षा का अलर्ट जारी किया है।

गरियाबंद जिले में लगातार चार दिनों से हो रही बारिश के कारण बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। कई नदियां उफान पर हैं, पुल-पुलिया क्षतिग्रस्त हो चुके हैं और खेतों में पानी भरने से फसलों को नुकसान पहुंचा है। राजधानी रायपुर सहित कई जिलों में मंगलवार देर रात तक बारिश होती रही। हालांकि प्रदेश में अब तक मानसूनी बारिश सामान्य से करीब 18 प्रतिशत कम दर्ज की गई है।

मध्य प्रदेश में भी रेड अलर्ट

मध्य प्रदेश के कई जिलों में भी अत्यधिक बारिश की चेतावनी जारी की गई है। प्रशासन ने नदी-नालों से दूर रहने, जलभराव वाले क्षेत्रों में सतर्कता बरतने और आवश्यक होने पर सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी है।

असम में बाढ़ से 75 मौतें, लाखों लोग प्रभावित

असम में बाढ़ की स्थिति अभी भी गंभीर बनी हुई है। राज्य में बाढ़ और इससे जुड़ी घटनाओं में मरने वालों की संख्या बढ़कर 75 हो गई है। फिलहाल 7 जिले और 3.32 लाख से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित हैं।

करीब 45 हजार हेक्टेयर कृषि भूमि अब भी पानी में डूबी हुई है। हजारों लोग राहत शिविरों में रह रहे हैं, जबकि कई गांवों का संपर्क अब भी टूटा हुआ है। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने मृतकों के परिजनों को 9 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। वहीं ऑल असम स्टूडेंट्स यूनियन (AASU) ने केंद्र सरकार से विशेष राहत पैकेज और प्रधानमंत्री व गृह मंत्री से प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करने की मांग की है।

गुजरात में उद्योगों पर भी पड़ा असर

गुजरात में लगातार बारिश और बाढ़ के कारण कई औद्योगिक क्षेत्रों में कामकाज प्रभावित हुआ है। अहमदाबाद के पास स्थित साणंद औद्योगिक क्षेत्र में जलभराव के चलते कई फैक्ट्रियों का संचालन रोकना पड़ा।

बताया गया है कि टाटा मोटर्स के साणंद प्लांट और उससे जुड़े कई सप्लायर यूनिटों में पानी भरने के कारण उत्पादन प्रभावित हुआ है। यहां बनने वाली कई लोकप्रिय कारों का निर्माण फिलहाल प्रभावित हुआ है। कंपनी ने बहाली का कार्य शुरू कर दिया है।

उत्तराखंड में दो दिन के लिए रुकी चारधाम यात्रा

उत्तराखंड में लगातार बारिश और भूस्खलन के चलते चारधाम यात्रा मार्ग कई स्थानों पर बाधित हो गए हैं। यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने चारधाम यात्रा को दो दिनों के लिए स्थगित कर दिया है। मौसम सामान्य होने के बाद यात्रा दोबारा शुरू करने का निर्णय लिया जाएगा।

हिमाचल और झारखंड में भी अलर्ट

हिमाचल प्रदेश में अगले 24 घंटे के लिए कई जिलों में ऑरेंज और रेड अलर्ट जारी किया गया है। भूस्खलन और फ्लैश फ्लड की आशंका को देखते हुए सिरमौर जिले के नाहन क्षेत्र में स्कूल, कॉलेज, आईटीआई और आंगनवाड़ी केंद्र बंद रखने के आदेश दिए गए हैं।

उधर झारखंड में भी लगातार बारिश का दौर जारी है। मौसम विभाग ने 30 और 31 जुलाई को राज्य के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश, मेघगर्जन और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना जताई है।

लोगों से सतर्क रहने की अपील

मौसम विभाग और राज्य सरकारों ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने, उफनती नदियों और नालों से दूर रहने तथा प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है। जिन इलाकों में भारी बारिश का अलर्ट जारी है, वहां स्थानीय प्रशासन को राहत एवं बचाव दलों के साथ हाई अलर्ट पर रखा गया है।

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