कांकेर। छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में मलेरिया का प्रकोप लगातार गंभीर होता जा रहा है। भानुप्रतापपुर क्षेत्र में एक और महिला की मलेरिया से मौत होने के बाद जिले में हड़कंप मच गया है। इससे पहले आश्रम-छात्रावास के दो बच्चों की भी मलेरिया से जान जा चुकी है। लगातार तीसरी मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर आ गया है और प्रभावित गांवों में निगरानी बढ़ा दी गई है।
25 वर्षीय महिला की इलाज से पहले बिगड़ी हालत
जानकारी के अनुसार, ग्राम चिचगांव निवासी 25 वर्षीय राकेश्वरी कोला, पति छबी लाल कोला, कुछ दिनों पहले अपने मायके अड़जाल (मानपुर क्षेत्र) गई हुई थीं। मायके में रहने के दौरान उनकी तबीयत खराब होने लगी। सोमवार को गांव की मितानिन ने उनकी मलेरिया जांच की, जिसमें रिपोर्ट पॉजिटिव आई।
परिजनों के अनुसार, सोमवार रात उनकी तबीयत अचानक अधिक बिगड़ गई। समय पर समुचित इलाज नहीं मिल पाने के कारण मंगलवार को उनकी मौत हो गई। महिला अपने पीछे पांच साल की एक बेटी और महज तीन महीने के जुड़वा बच्चों को छोड़ गई है। इस घटना के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है।
लगातार बढ़ रहे मामले, स्वास्थ्य सेवाओं पर उठे सवाल
भानुप्रतापपुर और आसपास के क्षेत्रों में लगातार सामने आ रहे मलेरिया के मामलों ने स्वास्थ्य विभाग की तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि समय पर जांच, दवाइयों की उपलब्धता और प्रभावी रोकथाम के इंतजाम पर्याप्त नहीं हैं। लगातार हो रही मौतों से ग्रामीणों में चिंता और नाराजगी दोनों बढ़ती जा रही हैं।
8 गांवों में 70 से 80 लोग संक्रमित
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, बोड़ला ब्लॉक के आठ गांवों में मलेरिया तेजी से फैल रहा है। वर्तमान में करीब 70 से 80 लोग मलेरिया से संक्रमित पाए गए हैं, जिनका झलमला स्वास्थ्य केंद्र में उपचार चल रहा है। चिकित्सा टीम प्रभावित गांवों में लगातार सर्वे, जांच और दवा वितरण का कार्य कर रही है।
पहले भी दो बच्चों की हो चुकी है मौत
गौरतलब है कि हाल ही में आश्रम-छात्रावास में रहने वाले दो बच्चों की भी मलेरिया से मौत हो चुकी है। अब तीसरी मौत सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने प्रभावित क्षेत्रों में विशेष निगरानी, जांच अभियान और रोकथाम के उपाय तेज करने के निर्देश दिए हैं।
स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, ग्रामीणों से सावधानी बरतने की अपील
स्वास्थ्य अधिकारियों ने लोगों से बुखार आने पर तुरंत जांच कराने, मच्छरदानी का उपयोग करने, घरों के आसपास पानी जमा नहीं होने देने और स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करने की अपील की है। विभाग का कहना है कि समय पर जांच और उपचार से मलेरिया पर प्रभावी नियंत्रण संभव है।
