मध्य प्रदेश के ग्वालियर में सामने आए फर्जी पासपोर्ट मामले की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, इसमें कथित तौर पर विदेशी कनेक्शन और वित्तीय लेनदेन से जुड़े पहलुओं की जांच की जा रही है। स्पेशल टास्क फोर्स (STF) बांग्लादेशी नागरिकों के फर्जी दस्तावेज, स्थानीय पते के इस्तेमाल, पासपोर्ट प्रक्रिया में संभावित अनियमितताओं और 10 से अधिक संदिग्ध बैंक खातों की जांच कर रही है।
जांच एजेंसी यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि मामले में बांग्लादेश स्थित कुछ बौद्ध मठों का कोई संबंध है या नहीं। हालांकि, यह कनेक्शन फिलहाल जांच का विषय और कथित है, इसकी अंतिम पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही होगी।
स्थानीय पतों से तैयार किए गए दस्तावेज
जांच में सामने आया है कि कथित तौर पर स्थानीय बौद्ध मठों के पतों का इस्तेमाल कर आधार कार्ड और वोटर आईडी जैसे दस्तावेज तैयार किए गए। इसके बाद इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर पासपोर्ट बनवाने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई।
STF अब यह पता लगाने में जुटी है कि इन दस्तावेजों को तैयार कराने में किन लोगों की भूमिका थी और एक ही तरह के पते का इस्तेमाल कितने मामलों में किया गया।
बांग्लादेश के मठों से कनेक्शन की जांच
STF की जांच में बांग्लादेश स्थित कुछ बौद्ध मठों से कथित संपर्क का एंगल भी सामने आया है। एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या इन स्थानों के जरिए किसी व्यक्ति को भारत में पहचान स्थापित करने या दस्तावेज तैयार कराने में मदद मिली।
जांच एजेंसियां इसे एक संभावित अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क के एंगल से भी देख रही हैं। फिलहाल इस संबंध में जांच जारी है और किसी संगठन या संस्था की भूमिका को अंतिम रूप से स्थापित नहीं किया गया है।
पासपोर्ट केंद्र की भूमिका भी जांच के घेरे में
फर्जी दस्तावेजों के आधार पर पासपोर्ट जारी होने के मामले में पासपोर्ट सेवा केंद्र की संभावित भूमिका की भी जांच की जा रही है। STF यह पता लगाने में जुटी है कि दस्तावेजों के सत्यापन और पासपोर्ट जारी करने की प्रक्रिया में कहीं अंदरूनी स्तर पर नियमों की अनदेखी तो नहीं हुई।
जांच के दायरे में पासपोर्ट सेवा केंद्र का एक कर्मचारी भी बताया जा रहा है। उसकी लोकेशन और संपर्क नेटवर्क से संबंधित जानकारी जुटाई जा रही है।
10 से ज्यादा बैंक खातों की जांच
मामले में STF ने अब तक 10 से अधिक संदिग्ध बैंक खातों को चिन्हित किया है। जांच एजेंसी को इन खातों में संदिग्ध लेनदेन की जानकारी मिली है।
अब इन खातों के जरिए हुए लेनदेन की पड़ताल की जा रही है। STF यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि रकम कहां से आई, किसे भेजी गई और क्या इन वित्तीय लेनदेन का संबंध किसी संगठित नेटवर्क से है।
जांच में हवाला कनेक्शन की संभावना को भी खंगाला जा रहा है। हालांकि, हवाला के जरिए रकम भेजे जाने की पुष्टि अभी जांच का विषय है।
अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क के एंगल से जांच
फर्जी दस्तावेज, पासपोर्ट प्रक्रिया, संदिग्ध बैंक खाते और कथित विदेशी संपर्क सामने आने के बाद STF जांच का दायरा लगातार बढ़ा रही है। एजेंसी अब दस्तावेजों के स्रोत, वित्तीय लेनदेन और संभावित विदेशी संपर्कों को जोड़कर पूरे नेटवर्क की भूमिका का पता लगाने में जुटी है।
