नेपाल में अचानक आई विनाशकारी बाढ़ के बाद हालात बेहद गंभीर बने हुए हैं। प्रभावित इलाकों से लगातार शव बरामद होने के बाद मृतकों की संख्या बढ़कर 1,355 हो गई है। राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण (NDRRMA) के मुताबिक, करीब 4,996 लोग अब भी लापता हैं। इनमें कम से कम 589 विदेशी नागरिक शामिल हैं। बचाव अभियान के दौरान अब तक 13,396 लोगों को सुरक्षित निकाला जा चुका है। सुरक्षा बलों की संयुक्त कमान की अगुवाई में प्रभावित क्षेत्रों में खोज और बचाव अभियान जारी है।
चितवन में सबसे ज्यादा शव बरामद
NDRRMA के अनुसार, बाढ़ से प्रभावित विभिन्न जिलों में बड़ी संख्या में शव बरामद किए गए हैं।
- चितवन: 363 शव
- नवलपरासी पश्चिम: 221 शव
- नवलपरासी पूर्व: 222 शव
- नुवाकोट: 197 शव
- रसुवा: 169 शव
- गोरखा: 75 शव
- धादिंग: 70 शव
- तनहूं: 38 शव
अधिकारियों के अनुसार प्रभावित इलाकों में अभी भी तलाशी अभियान चल रहा है, इसलिए मृतकों और लापता लोगों की संख्या में आगे बदलाव हो सकता है।
जलविद्युत परियोजनाओं में भी रेस्क्यू ऑपरेशन
बाढ़ प्रभावित जिलों में मौजूद जलविद्युत परियोजनाओं में भी बड़े पैमाने पर राहत और बचाव अभियान चलाया जा रहा है। इन परियोजनाओं की सुरंगों में सैकड़ों लोगों के फंसे होने की आशंका जताई गई है। इन अभियानों में नेपाली सुरक्षा एवं बचाव दलों के साथ भारत और चीन के विशेषज्ञों की टीमें भी मदद कर रही हैं।
हिमस्खलन के बाद आई थी अचानक बाढ़
बताया गया है कि 26 अगस्त को नेपाल-तिब्बत सीमा के पास बर्फ और चट्टानों के हिमस्खलन के बाद अचानक बाढ़ आई थी। इसका सबसे ज्यादा असर उत्तरी और मध्य नेपाल के कस्बों और गांवों में देखने को मिला। हिमालयी सीमा क्षेत्र से दक्षिण की ओर बहने वाली भोटेकोशी नदी में बाढ़ का पानी तेजी से नीचे की ओर आया। इससे बड़ी संख्या में मकान, वाहन, सड़क और पुल बह गए। कई जलविद्युत परियोजनाएं भी इस आपदा की चपेट में आईं।
चीन के इलाकों में भी भारी नुकसान
चीनी मीडिया की रिपोर्टों के मुताबिक, इस आपदा के दौरान चीन की ओर कम से कम 21 लोगों की मौत हुई है। वहीं तिब्बत में 500 से अधिक लोगों के लापता होने की जानकारी सामने आई है। नेपाल में सुरक्षा बल और विशेषज्ञ टीमें प्रभावित क्षेत्रों में फंसे लोगों की तलाश और राहत कार्य में जुटी हैं। बड़े पैमाने पर जारी अभियान के बीच लापता लोगों की तलाश को प्राथमिकता दी जा रही है।
