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RAC Ticket पर अब खाली बर्थ मिलना होगा आसान

RAC टिकट पर यात्रा करने वाले यात्रियों को खाली बर्थ ऑटोमैटिक अलॉट करने की रेलवे की नई व्यवस्था RAC टिकट यात्रियों के लिए रेलवे की नई सुविधा

RAC Ticket Railway: ट्रेन से सफर करने वाले यात्रियों के लिए रेलवे RAC टिकट से जुड़ी व्यवस्था में बदलाव की तैयारी कर रहा है। अभी RAC टिकट वाले यात्रियों को साझा सीट पर यात्रा करनी पड़ती है और पूरी बर्थ खाली होने पर अक्सर TTE के जरिए सीट मिलने की संभावना रहती है। प्रस्तावित नई व्यवस्था में खाली बर्थ उपलब्ध होने पर RAC यात्रियों को ऑटोमैटिक तरीके से सीट अलॉट की जा सकेगी।

नई व्यवस्था में सीट मिलने के बाद यात्री के रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर SMS के जरिए जानकारी भेजने की बात कही गई है। मैसेज में अलॉट की गई सीट और कोच से जुड़ी जानकारी दी जा सकती है।

HHT सिस्टम से ऑटोमैटिक होगा सीट अलॉटमेंट

रेलवे अपने Handheld Terminal (HHT) सिस्टम को अपग्रेड कर सीट अलॉटमेंट प्रक्रिया को ज्यादा ऑटोमैटिक बनाने की दिशा में काम कर रहा है। HHT एक इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस है, जिसका इस्तेमाल ट्रेन में यात्रियों के रिजर्वेशन और यात्रा से जुड़ी जानकारी दर्ज करने के लिए किया जाता है।

जब TTE HHT पर किसी ऐसे यात्री की जानकारी Unboarded के तौर पर दर्ज करेगा, जिसने टिकट बुक कराने के बावजूद यात्रा नहीं की है, तो सिस्टम में वह बर्थ उपलब्ध मानी जा सकेगी।

इसके बाद केंद्रीय सर्वर में निर्धारित नियमों के अनुसार अगली प्राथमिकता वाले RAC यात्री को खाली बर्थ ऑटोमैटिक रूप से अलॉट की जा सकेगी।

बर्थ कंफर्म होने पर मोबाइल पर आएगा SMS

इस व्यवस्था का एक अहम हिस्सा यात्री को सूचना देना भी है। RAC यात्री के लिए खाली बर्थ उपलब्ध होने और सीट अलॉट होने के बाद उसके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर SMS भेजे जाने की बात कही गई है।

इस संदेश में कोच और सीट/बर्थ नंबर जैसी जानकारी दी जा सकती है। इससे यात्रियों को अपनी सीट की स्थिति जानने के लिए बार-बार TTE से संपर्क करने की जरूरत कम हो सकती है।

RAC Ticket क्या होता है?

RAC यानी Reservation Against Cancellation ऐसी टिकट स्थिति है, जिसमें यात्री को ट्रेन में यात्रा करने का अधिकार मिलता है, लेकिन शुरुआत में पूरी बर्थ उपलब्ध नहीं होती। RAC यात्री को आम तौर पर सीट साझा करके यात्रा करनी पड़ती है।

अगर किसी कंफर्म टिकट वाले यात्री की यात्रा कैंसिल हो जाती है या वह ट्रेन में सवार नहीं होता, तो उसकी बर्थ खाली हो सकती है। मौजूदा व्यवस्था में ऐसी बर्थ के आवंटन में TTE की भूमिका रहती है।

प्रस्तावित ऑटोमैटिक सिस्टम में खाली हुई बर्थ को रेलवे के निर्धारित नियमों के अनुसार RAC यात्रियों को आवंटित करने की प्रक्रिया को डिजिटल और स्वचालित बनाने का प्रयास किया जा रहा है।

इस सुविधा का उद्देश्य RAC यात्रियों को खाली बर्थ के आवंटन की प्रक्रिया में अधिक पारदर्शिता और सुविधा देना है।

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