गृह मंत्री श्री ताम्रध्वज साहू के सुरक्षाकर्मी और वाहन चालक कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। एहतियात के तौर पर मंत्री श्री ताम्रध्वज साहू अगले 7 दिनों के लिए आइसोलेशन में चले गए हैं। उन्होंने सभी से आग्रह किया है कि इस वैश्विक महामारी के संकट के समय में सभी सावधानी बरतें और स्वयं तथा अपने परिजनों का ख्याल रखें।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस 17 सितंबर से छत्तीसगढ़ में ‘सेवा संकल्प अभियान’ की शुरुआत होगी। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस अभियान को जनभागीदारी का उत्सव बनाने की अपील की है। उन्होंने प्रदेशवासियों से 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलने वाले अभियान में सेवा, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और जरूरतमंदों की सहायता से जुड़े कार्यों में सक्रिय रूप से शामिल होने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष राष्ट्र और जनसेवा को समर्पित किए हैं। उन्होंने कहा कि सेवा छत्तीसगढ़ की संस्कृति और संस्कारों का हिस्सा है। ऐसे में प्रदेश का प्रत्येक नागरिक अपने गांव, शहर और आसपास के क्षेत्र में सेवा कार्यों से जुड़कर अभियान को व्यापक जनभागीदारी का रूप दे सकता है।
एक महीने तक सेवा और स्वच्छता पर रहेगा फोकस
‘सेवा संकल्प अभियान’ 17 सितंबर से शुरू होकर 17 अक्टूबर तक चलेगा। इस दौरान सेवा और स्वच्छता से जुड़े विभिन्न कार्यों पर जोर रहेगा। इसके साथ ही पर्यावरण संरक्षण और जरूरतमंद लोगों की सहायता जैसे कार्यों में भी लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने की अपील की गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नागरिक स्वयं सेवा गतिविधियों से जुड़ने के साथ-साथ अपने आसपास के अधिक से अधिक लोगों को भी अभियान में शामिल करें। इससे अभियान को सामूहिक प्रयास का स्वरूप दिया जा सकेगा।
17 सितंबर की शाम जलाएं ‘आशीर्वाद का दीया’
मुख्यमंत्री साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस पर प्रदेशवासियों से विशेष अपील भी की है। उन्होंने कहा कि 17 सितंबर की शाम सात बजे हर परिवार अपने घर में ‘आशीर्वाद का दीया’ जलाए।
मुख्यमंत्री ने आसपास रहने वाले लाभार्थी परिवारों को भी इस पहल से जोड़ने का आह्वान किया। उनके अनुसार यह दीया प्रधानमंत्री के स्वस्थ और सुदीर्घ जीवन की शुभकामनाओं के साथ सेवा, जनकल्याण और विकसित भारत के सामूहिक संकल्प का प्रतीक बने।
जनभागीदारी से सफल बनाने की अपील
मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे अभियान को केवल एक कार्यक्रम के रूप में न देखते हुए सेवा और सामाजिक जिम्मेदारी से जोड़ें। गांवों और शहरों में स्थानीय स्तर पर सेवा, स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण के कार्यों में भाग लेकर नागरिक इस अभियान को जनभागीदारी का व्यापक स्वरूप दे सकते हैं।
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